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एक मकान और चार झोपड़ियां सरयू में समाए
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रेउसा/रामपुर मथुरा। गांजर में कटान कर रही सरयू की तेज धारा रविवार को कुछ धीमी जरूर हुई, लेकिन कटान नहीं थमी। रेउसा क्षेत्र के चौकीपुरवा में एक पक्के मकान समेत चार झोपड़ियां सरयू नदी में समा गईं। सात घरों पर कटान का खतरा मंडराने लगा है। लगभग 40 बीघा खेत भी कटान की जद में आकर तेज धारा में बह गए।
ब्लॉक रेउसा इलाके का चौकीपुरवा गांव इन दिनों सरयू की कटान के निशाने पर है। शनिवार को यहां की 9 झोपड़ियां बहने के बाद रविवार को पैकरमा का पक्का मकान और बुधराम, राजू, हरद्वारी व कमल की झोपड़ियां भी कटान की भेंट चढ़ गईं। इसके साथ अब यहां के पुत्तीलाल, कैलाश, दूबरि, शिवमगन, सुरेश, राजू व उमेश के घरों पर कटान की तलवार लटकने लगी है।
लगभग 40 बीघा कृषि योग्य भूमि कटान के साथ बह गई है। लगातार कटान से जूझ रहे लोगों में दहशत व्याप्त है। उधर, रामपुर मथुरा इलाके में सरयू का जलस्तर घटने के बावजूद कटान की भीषण त्रासदी से डरे सहमे लोग लगातार अपने घरों को तोड़कर पलायन कर रहे है। जसुई नाले में नदी की धारा मिल जाने से अब लोग अपने को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।
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ब्लॉक रेउसा इलाके का चौकीपुरवा गांव इन दिनों सरयू की कटान के निशाने पर है। शनिवार को यहां की 9 झोपड़ियां बहने के बाद रविवार को पैकरमा का पक्का मकान और बुधराम, राजू, हरद्वारी व कमल की झोपड़ियां भी कटान की भेंट चढ़ गईं। इसके साथ अब यहां के पुत्तीलाल, कैलाश, दूबरि, शिवमगन, सुरेश, राजू व उमेश के घरों पर कटान की तलवार लटकने लगी है।
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लगभग 40 बीघा कृषि योग्य भूमि कटान के साथ बह गई है। लगातार कटान से जूझ रहे लोगों में दहशत व्याप्त है। उधर, रामपुर मथुरा इलाके में सरयू का जलस्तर घटने के बावजूद कटान की भीषण त्रासदी से डरे सहमे लोग लगातार अपने घरों को तोड़कर पलायन कर रहे है। जसुई नाले में नदी की धारा मिल जाने से अब लोग अपने को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।
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