फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   The floodwaters have started receding; now the concern is rebuilding shattered lives and homes.

Sitapur News: बाढ़ घटने लगी, अब उजड़ी गृहस्थी संवारने की चिंता

Mon, 05 Oct 2026 12:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Mon, 05 Oct 2026 12:04 AM IST
विज्ञापन
The floodwaters have started receding; now the concern is rebuilding shattered lives and homes.
बाढ़
सीतापुर। सरायन नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है। बीते 24 घंटे में 10 सेंटीमीटर कमी के बाद रविवार को जलस्तर 134.30 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि, यह अब भी खतरे के निशान 131 मीटर से 3.30 मीटर ऊपर है। जलस्तर घटने से बाढ़ प्रभावित लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद जगी है, लेकिन पानी उतरने के बाद उजड़ी गृहस्थी और अस्तव्यस्त जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने की चिंता उन्हें सताने लगी है।
विज्ञापन

तरीनपुर, अंसारी टोला, कोट कर्बला, दुर्गापुरवा, लोनियनपुरवा और आलमनगर समेत करीब 15 मोहल्लों में अब भी सैकड़ों घर बाढ़ के पानी से घिरे हैं। घर छोड़कर लोग आश्रय स्थलों, गांवों और रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं। पिछले दो दिनों से जलस्तर घटने के बावजूद पानी पूरी तरह निकलने और हालात सामान्य होने में अभी कई दिन लगने की संभावना है।
विज्ञापन

रमेश ने बताया कि घर में पानी भरने के बाद एक सप्ताह पहले परिवार के साथ बाहर निकलना पड़ा। गृहस्थी का सामान भी अस्तव्यस्त हो गया है। नौकरी और कारोबार प्रभावित होने के साथ अब घर लौटने के बाद की स्थिति की चिंता सता रही है। राजीव के मुताबिक बाढ़ में घर को नुकसान पहुंचा है। मोहित ने बताया कि पानी बढ़ने पर अचानक घर छोड़ना पड़ा। ज्यादातर सामान उसी स्थिति में छोड़ आए। लौटने के बाद ही पता चलेगा कि कितना नुकसान हुआ है। यही चिंता सैकड़ों बाढ़ पीड़ितों की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सरयू से राहत, चौका की बाढ़ अब भी आफत
रामपुर मथुरा। सरयू नदी का जलस्तर 40 सेंटीमीटर घटकर 118.10 मीटर पहुंच गया है। यह खतरे के निशान 119 मीटर से 90 सेंटीमीटर नीचे है। इससे तटवर्ती गांवों के लोगों को राहत मिली है। वहीं चौका नदी का जलस्तर चार दिन से 118.45 मीटर पर स्थिर है। बाढ़ का पानी कई संपर्क मार्गों पर बह रहा है और करीब दो हजार बीघा फसलें जलमग्न हैं।
फतुहापुर में चौका का पानी अब भी भरा है। बांसुरा-गुड़इचा, मरौचा-सिरकुंडा और सिरकुंडा-भागीपुर समेत कई मार्गों पर आवागमन प्रभावित है। जरावन, गौरा, भागीपुर, सरैया मसूदपुर, बांसुरा, रायपुर, अलायपुर, पिपरी और सिरकुंडा समेत 15 से अधिक गांवों की फसलें प्रभावित हैं। खेतों में पानी भरा होने से धान की कटाई भी मुश्किल हो गई है। किसानों के अनुसार मजदूरी की दर कई गुना बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि पानी में गिरने से धान काला पड़ रहा है। वहीं सरकारी क्रय केंद्र करीब 45 किलोमीटर दूर महमूदाबाद मंडी परिषद में होने से किसानों को उपज बेचने में परेशानी होगी। क्रय केंद्र दूर होने पर बिचौलियों को कम दाम में धान बेचने की मजबूरी बन सकती है।

किसानों के दस्तावेज जमा कराए जा रहे
फसल का सर्वे जल्द कराया जाएगा। बाढ़ प्रभावित किसानों के खेती, बैंक और आधार कार्ड की प्रतियां क्षेत्रीय लेखपालों से जमा कराई जा रही हैं। धान क्रय केंद्रों की स्थापना के संबंध में संबंधित अधिकारियों से बात कर उचित समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
- अभिषेक प्रियदर्शी, एसडीएम महमूदाबाद

बाढ़

बाढ़

बाढ़

बाढ़

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed