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Sitapur News: बाढ़ आई नहीं, परियोजना का काम भी पड़ा अधूरा
Sat, 19 Jul 2025 11:43 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 19 Jul 2025 11:43 PM IST
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रामपुर मथुरा (सीतापुर)। सरयू नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव तो बना हुआ है, लेकिन राहत यह है कि अब तक बाढ़ नहीं आई है। बाढ़ न आने के बावजूद परियोजना का काम पूरा न होने से ग्रामीण परेशान हैं। बाढ़ खंड बाराबंकी के अधिकारी 15 दिनों में 80 फीसदी काम पूरा करने का दावा कर रहे हैं।
अखरी, कलुवापुर और ग्वाहडीह के पास बाढ़ व कटान की रोकथाम के लिए 15 करोड़ की लागत से तीन ठोकरें बनाई जा रही हैं। यह परियोजना मई में शुरू की गई थी। एक पखवाड़े पहले सरयू का जलस्तर बढ़ने व बारिश का हवाला देकर काम बंद कर दिया था।
अधूरी परियोजना का लाभ ग्रामीणों को मिल पाएगा, इस पर संशय खड़ा हो गया। कलुवापुर निवासी राम मनोरथ ने बताया कि इस वर्ष अभी तक बैराजों से ज्यादा पानी नहीं छोड़ा गया है। बाढ़ भी नहीं आई है। फिर भी बचाव कार्यों को पूरा नहीं किया जा सका। यदि बाढ़ आ जाती तो परियोजना में करोड़ों खर्च के बाद भी कटान रोकना असंभव हो जाता। शिवकुमार ने बताया कि शुरुआत से परियोजना का काम सुस्त गति से हो रहा है।
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सरयू का जलस्तर पांच सेमी घटा
सरयू नदी के जलस्तर में प्रतिदिन हो रहे उतार चढ़ाव से तटवर्ती गांवों के लोग भयभीत हैं। शनिवार को सरयू का जलस्तर 117.25 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 119 मीटर से 1.75 मीटर नीचे है। हालांकि, बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। बैराजों से शनिवार को एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
15 दिन में पूरा कर लेंगे पिचिंग का काम
कलुवापुर व ग्वाहडीह के पास ठोकर पर पिचिंग का काम हो रहा है। यह कार्य करीब 15 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद ठोकर का 20 फीसदी कार्य शेष रह जाएगा। हालात सामान्य रहे तो उसे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
- संजीव उपाध्याय, अवर अभियंता बाढ़ खंड बाराबंकी
टीम कर रही जलस्तर की निगरानी
सरयू के जलस्तर में मामूली गिरावट आई है। बाढ़ जैसे कोई हालात नहीं हैं।। प्रशासन ने बाढ़ आने की दशा में पीड़ितों के बचाव व राहत पहुंचाने की सारी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली हैं। टीम प्रतिदिन जलस्तर की निगरानी भी कर रही है।
- अनिल कुमार, तहसीलदार महमूदाबाद
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अखरी, कलुवापुर और ग्वाहडीह के पास बाढ़ व कटान की रोकथाम के लिए 15 करोड़ की लागत से तीन ठोकरें बनाई जा रही हैं। यह परियोजना मई में शुरू की गई थी। एक पखवाड़े पहले सरयू का जलस्तर बढ़ने व बारिश का हवाला देकर काम बंद कर दिया था।
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अधूरी परियोजना का लाभ ग्रामीणों को मिल पाएगा, इस पर संशय खड़ा हो गया। कलुवापुर निवासी राम मनोरथ ने बताया कि इस वर्ष अभी तक बैराजों से ज्यादा पानी नहीं छोड़ा गया है। बाढ़ भी नहीं आई है। फिर भी बचाव कार्यों को पूरा नहीं किया जा सका। यदि बाढ़ आ जाती तो परियोजना में करोड़ों खर्च के बाद भी कटान रोकना असंभव हो जाता। शिवकुमार ने बताया कि शुरुआत से परियोजना का काम सुस्त गति से हो रहा है।
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सरयू का जलस्तर पांच सेमी घटा
सरयू नदी के जलस्तर में प्रतिदिन हो रहे उतार चढ़ाव से तटवर्ती गांवों के लोग भयभीत हैं। शनिवार को सरयू का जलस्तर 117.25 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 119 मीटर से 1.75 मीटर नीचे है। हालांकि, बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। बैराजों से शनिवार को एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
15 दिन में पूरा कर लेंगे पिचिंग का काम
कलुवापुर व ग्वाहडीह के पास ठोकर पर पिचिंग का काम हो रहा है। यह कार्य करीब 15 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद ठोकर का 20 फीसदी कार्य शेष रह जाएगा। हालात सामान्य रहे तो उसे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
- संजीव उपाध्याय, अवर अभियंता बाढ़ खंड बाराबंकी
टीम कर रही जलस्तर की निगरानी
सरयू के जलस्तर में मामूली गिरावट आई है। बाढ़ जैसे कोई हालात नहीं हैं।। प्रशासन ने बाढ़ आने की दशा में पीड़ितों के बचाव व राहत पहुंचाने की सारी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली हैं। टीम प्रतिदिन जलस्तर की निगरानी भी कर रही है।
- अनिल कुमार, तहसीलदार महमूदाबाद