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पहला व महमूदाबाद ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी सलामत

Sun, 09 Oct 2022 12:24 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 09 Oct 2022 12:24 AM IST
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First and Mahmudabad block chief's chair safe
सीतापुर। जिले के पहला और महमूदाबाद ब्लॉक प्रमुख के लिए राहत भरी खबर है। इनके खिलाफ पेश किए गए अविश्वास को डीएम ने निरस्त कर दिया है। नए अध्यादेश के बाद डीएम ने यह निर्णय लिया है। यहां तख्तापलट के लिए भाजपा की घेराबंदी फिलहाल कारगर साबित नहीं हो सकी है। इससे सपा खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई है।
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पहला और महमूदाबाद ब्लॉक प्रमुुुखों के खिलाफ बीते 29 सितंबर को बीडीसी सदस्यों ने अविश्वास व्यक्त किया था। महमूदाबाद विधायक आशा मौर्या व भाजपा जिलाध्यक्ष अचिन महरोत्रा के नेतृत्व में डीएम से मिलकर पहला के 65 व महमूदाबाद के 63 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने हलफनामे सौंपकर अविश्वास प्रस्ताव लाने की इजाजत मांगी थी। डीएम ने जांच के बाद अविश्वास पर चर्चा के लिए पहला में 18 अक्तूबर व महमूदाबाद में 20 अक्तूबर की तारीख तय कर दी थी।
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इसी बीच शासन की ओर से नया अध्यादेश जारी कर दिया गया। इसमें जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ लाए जाने वाले अविश्वास की समय सीमा एक साल से बढ़ाकर दो साल कर दी गई है। ब्लॉक प्रमुखों का निर्वाचन हुए अभी एक साल दो माह हुआ है। लिहाजा, नए अध्यादेश से अविश्वास पर पेंच फंस गया था। डीएम ने शासन से इस मामले पर निर्देेश मांगे थे। शासन से दिशा निर्देश मिलने के बाद डीएम अनुज सिंह ने पहला व महमूदाबाद के अविश्वास की नोटिस निरस्त कर दी। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।
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आननफानन में लाया गया अविश्वास फेल
सीतापुर के 19 ब्लॉकों में से दो पर सपा के प्रमुख काबिज हैं। पहला में सपा के अजय यादव और महमूदाबाद में मुकेश वर्मा ब्लॉक प्रमुख हैं। अंदरखाने इन दोनों प्रमुखों को हटाकर यहां भी भाजपा अपना कब्जा जमाने की कवायद कर रही है। विगत 27 सितंबर को कैबिनेट ने क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत संशोधन विधेयक 2016 वापस लाने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया था।
इसमें अविश्वास लाने की अवधि निर्वाचन से एक साल की जगह दो साल और सदस्यों की संख्या दो तिहाई कर दी गई थी। नया अध्यादेश राज्यपाल की मंजूरी के बाद जिले में पहुंचता इससे पहले 29 सितंबर को आननफानन में अविश्वास लाया गया। मगर अविश्वास पर चर्चा होने से पूर्व ही नए अध्यादेश को राज्यपाल ने मंजूरी दे दी। लिहाजा, अविश्वास फेल हो गया।

अविश्वास के लिए निर्धारित तारीखें डीएम की ओर से निरस्त कर दी गई हैं। नए अध्यादेश के अनुसार ही अब अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकेगा। डीएम ने पूर्व के आदेश को निरस्त करने का नया आदेश जारी कर दिया है।
- मनोज कुमार, डीपीआरओ
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