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चुनावी रंजिश में फायरिंग, छह घायल
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सीतापुर। शहर की सीमा से सटे कोतवाली देहात इलाके के एक गांव में गुरुवार सुबह चुनावी रंजिश में चली ताबड़तोड़ गोलियों से इलाका दहल गया। कई राउंड फायरिंग और जमकर लाठी-डंडे चले। इससे एक फौजी समेत छह लोग घायल हो गए हैं। एक पक्ष से पांच व दूसरे पक्ष से एक युवक मामूली रूप से घायल हुआ है।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर माहौल को शांत कराया। पुलिस ने एक पक्ष से पांच और दूसरे पक्ष से छह नामजद समेत सैकड़ों अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया है। इसमें नवनिर्वाचित डीडीसी और प्रधान भी शामिल हैं। गांव में तनाव के मद्देनजर पुलिस तैनात कर दी गई है।
कोतवाली देहात इलाके के गंगापुर कालिकाबख्श निवासी अरुण (35) गुरुवार सुबह गांव से कनवाखेड़ा में परचून की दुकान पर सामान लेने गया था। आरोप है कि वापस आते समय गांव के नवनिर्वाचित डीडीसी के भाई ने उसे रोक लिया और चुनाव में वोट न देने को लेकर विवाद करने लगा। विरोध पर पिटाई कर दी।
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इसकी सूचना पर अरुण के घर के लोग और गांव वाले लाठी-डंडे से लैस होकर कनवाखेड़ा पहुंच गए। वहां पर युवक की पिटाई को लेकर उलाहना देते हुए विरोध दर्ज कराया। इस पर विवाद और बढ़ गया। आरोप है कि नवनिर्वाचित डीडीसी हाजी रिजवान की ओर से कई राउंड फायरिंग की गई। इस बीच जमकर लाठी-डंडे चले। बवाल काफी उग्र हो गया।
सूचना मिलते ही एसडीएम सदर अमित भट्ट, सीओ सिटी पीयूष कुमार सिंह, शहर कोतवाल टीपी सिंह, कोतवाली देहात इंस्पेक्टर ओपी तिवारी, एसओ रामकोट संजीत सोनकर समेत भारी पुलिस फोर्स और पीएसी बल मौके पर पहुंचा। इसके बाद हालात को काबू में किया जा सका। घटना में गंगापुर कालिकाबख्श गांव का रोहित (25), सुशील कुमार (35), अंकित (20), अजय यादव (28), अरुण (35) घायल हो गए हैं।
दूसरे पक्ष से हाजी रिजवान के भाई फुरकान को भी मामूली चोट आई है। घायल रोहित आर्मी मैन है। वह चुनाव में खड़े चाचा महराज सिंह यादव को वोट देने के लिए आया था। घायल रोहित, सुशील, अंकित को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामूली घायल अजय और अरुण को पुलिस ने हिरासत में लिया है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है।
बवाल की वजह
पुलिस सूत्रों की माने तो कनवाखेड़ा निवासी हाजी रिजवान डीडीसी का चुनाव जीते हैं। इनकी पत्नी प्रधानी का चुनाव हार गई हैं। गंगापुर कालिकाबख्श निवासी महराज सिंह यादव प्रधानी का चुनाव जीत गए हैं। इनके परिवार का शख्स डीडीसी का चुनाव हार गया है। चुनाव में वोट न देने को लेकर दोनों पक्षों में तकरार हुआ।
बुधवार को डीडीसी प्रत्याशी हाजी रिजवान ने चुनाव जीतने की खुशी में घर के ही पास जुलूस निकाला था। इसका किसी ने वीडियो ट्विट कर दिया था। कोतवाली देहात इंस्पेेक्टर का कहना है कि देर रात इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया था। इसको लेकर टशन और बढ़ गई थी। गुरुवार को अरुण और हाजी रिजवान के भाई का आमना-सामना होने के बाद बातचीत बढ़ी और फिर बड़ा बवाल हो गया। अरुण जीते प्रधान महराज सिंह यादव का समर्थक बताया जा रहा है।
शहर कोतवाल ने संभाला मोर्चा
शहर की सीमा से सटे कनवाखेड़ा में अलग-अलग समुदाय के लोगों के बीच चुनावी रंजिश की वजह से बवाल की सूचना मिलते ही शहर कोतवाल टीपी सिंह हरकत में आ गए। जब वह पहुंचे तो कोई भी पुलिस कर्मी मौके पर नहीं था। सूझबूझ का परिचय देते हुए गांव से दो सौ मीटर दूर यादव पक्ष के काफी संख्या में जुटे लोगों को चार हमराही के बल पर रोके रखा। उनसे बातचीत कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया। तब तक कई थानों की पुलिस और अफसर पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने हालात को काबू किया।
दोनों पक्षों से ये हुए नामजद
इंस्पेेक्टर कोतवाली देहात ओपी तिवारी ने बताया कि प्रधान पक्ष से करन सिंह यादव की तहरीर पर डीडीसी हाजी रिजवान, उनके भाई फुरकान, रेहान, मुन्ना, वकार के खिलाफ बलवा, हत्या के प्रयास और हाजी रिजवान की तहरीर पर प्रधान महराज सिंह यादव, कुलदीप, विपिन यादव, गुड्डू यादव, रोहित यादव समेत सैकड़ों अज्ञात समर्थकों के खिलाफ बलवा, मारपीट आदि की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
चुनाव में हार-जीत को लेकर विवाद हुआ। फायरिंग हुई लेकिन गोली लगने से कोई घायल नहीं हुआ है। मारपीट में लाठी-डंडे चलने से घायल हुए है। इलाज कराया गया है। गांव में माहौल शांत है। दोनों पक्षों से 11 लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
- ओपी तिवारी, इंस्पेेक्टर कोतवाली देहात
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पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर माहौल को शांत कराया। पुलिस ने एक पक्ष से पांच और दूसरे पक्ष से छह नामजद समेत सैकड़ों अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया है। इसमें नवनिर्वाचित डीडीसी और प्रधान भी शामिल हैं। गांव में तनाव के मद्देनजर पुलिस तैनात कर दी गई है।
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कोतवाली देहात इलाके के गंगापुर कालिकाबख्श निवासी अरुण (35) गुरुवार सुबह गांव से कनवाखेड़ा में परचून की दुकान पर सामान लेने गया था। आरोप है कि वापस आते समय गांव के नवनिर्वाचित डीडीसी के भाई ने उसे रोक लिया और चुनाव में वोट न देने को लेकर विवाद करने लगा। विरोध पर पिटाई कर दी।
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इसकी सूचना पर अरुण के घर के लोग और गांव वाले लाठी-डंडे से लैस होकर कनवाखेड़ा पहुंच गए। वहां पर युवक की पिटाई को लेकर उलाहना देते हुए विरोध दर्ज कराया। इस पर विवाद और बढ़ गया। आरोप है कि नवनिर्वाचित डीडीसी हाजी रिजवान की ओर से कई राउंड फायरिंग की गई। इस बीच जमकर लाठी-डंडे चले। बवाल काफी उग्र हो गया।
सूचना मिलते ही एसडीएम सदर अमित भट्ट, सीओ सिटी पीयूष कुमार सिंह, शहर कोतवाल टीपी सिंह, कोतवाली देहात इंस्पेक्टर ओपी तिवारी, एसओ रामकोट संजीत सोनकर समेत भारी पुलिस फोर्स और पीएसी बल मौके पर पहुंचा। इसके बाद हालात को काबू में किया जा सका। घटना में गंगापुर कालिकाबख्श गांव का रोहित (25), सुशील कुमार (35), अंकित (20), अजय यादव (28), अरुण (35) घायल हो गए हैं।
दूसरे पक्ष से हाजी रिजवान के भाई फुरकान को भी मामूली चोट आई है। घायल रोहित आर्मी मैन है। वह चुनाव में खड़े चाचा महराज सिंह यादव को वोट देने के लिए आया था। घायल रोहित, सुशील, अंकित को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामूली घायल अजय और अरुण को पुलिस ने हिरासत में लिया है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है।
बवाल की वजह
पुलिस सूत्रों की माने तो कनवाखेड़ा निवासी हाजी रिजवान डीडीसी का चुनाव जीते हैं। इनकी पत्नी प्रधानी का चुनाव हार गई हैं। गंगापुर कालिकाबख्श निवासी महराज सिंह यादव प्रधानी का चुनाव जीत गए हैं। इनके परिवार का शख्स डीडीसी का चुनाव हार गया है। चुनाव में वोट न देने को लेकर दोनों पक्षों में तकरार हुआ।
बुधवार को डीडीसी प्रत्याशी हाजी रिजवान ने चुनाव जीतने की खुशी में घर के ही पास जुलूस निकाला था। इसका किसी ने वीडियो ट्विट कर दिया था। कोतवाली देहात इंस्पेेक्टर का कहना है कि देर रात इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया था। इसको लेकर टशन और बढ़ गई थी। गुरुवार को अरुण और हाजी रिजवान के भाई का आमना-सामना होने के बाद बातचीत बढ़ी और फिर बड़ा बवाल हो गया। अरुण जीते प्रधान महराज सिंह यादव का समर्थक बताया जा रहा है।
शहर कोतवाल ने संभाला मोर्चा
शहर की सीमा से सटे कनवाखेड़ा में अलग-अलग समुदाय के लोगों के बीच चुनावी रंजिश की वजह से बवाल की सूचना मिलते ही शहर कोतवाल टीपी सिंह हरकत में आ गए। जब वह पहुंचे तो कोई भी पुलिस कर्मी मौके पर नहीं था। सूझबूझ का परिचय देते हुए गांव से दो सौ मीटर दूर यादव पक्ष के काफी संख्या में जुटे लोगों को चार हमराही के बल पर रोके रखा। उनसे बातचीत कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया। तब तक कई थानों की पुलिस और अफसर पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने हालात को काबू किया।
दोनों पक्षों से ये हुए नामजद
इंस्पेेक्टर कोतवाली देहात ओपी तिवारी ने बताया कि प्रधान पक्ष से करन सिंह यादव की तहरीर पर डीडीसी हाजी रिजवान, उनके भाई फुरकान, रेहान, मुन्ना, वकार के खिलाफ बलवा, हत्या के प्रयास और हाजी रिजवान की तहरीर पर प्रधान महराज सिंह यादव, कुलदीप, विपिन यादव, गुड्डू यादव, रोहित यादव समेत सैकड़ों अज्ञात समर्थकों के खिलाफ बलवा, मारपीट आदि की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
चुनाव में हार-जीत को लेकर विवाद हुआ। फायरिंग हुई लेकिन गोली लगने से कोई घायल नहीं हुआ है। मारपीट में लाठी-डंडे चलने से घायल हुए है। इलाज कराया गया है। गांव में माहौल शांत है। दोनों पक्षों से 11 लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
- ओपी तिवारी, इंस्पेेक्टर कोतवाली देहात