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Sitapur News: फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने के दो आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज
Sun, 23 Aug 2026 01:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sun, 23 Aug 2026 01:22 AM IST
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इमलिया सुल्तानपुर। इलाके के कंप्यूटर सेंटर संचालक व उसके भाई पर एक हजार रुपये लेकर फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पीड़ित के आरोपों के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों के सिंडिकेट में शामिल लोगों का पता लगा रही है।
क्षेत्र के रोजहा गांव निवासी पप्पू सिंह ने बताया कि उन्होंने अंसार कंप्यूटर्स से अपनी बेटियों के जन्म प्रमाणपत्र बनवाए थे। दोनों प्रमाणपत्र जांच मं फर्जी निकले। इसकी शिकायत करने पर कंप्यूटर सेंटर संचालक अंसार व कमाल ने एक प्रमाणपत्र छीनकर फाड़ दिया। विरोध पर उनसे हाथापाई पर आमादा हो गए। उन्होंने इस मामले में पुलिस को तहरीर दे दी है।
थानाध्यक्ष इमलिया सुल्तानपुर आशीष तिवारी ने बताया कि गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। साक्ष्य संकलन करके जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। इनके सिंडिकेट के तार भी खंगाले जा रहे हैं।
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आधार केंद्रों पर रद्द हो गए थे 42 आवेदन
अमर उजाला में संवाद न्यूज एजेंसी की 12 सितंबर 2024 को फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों से संबंधित एक खबर प्रकाशित हुई थी। उसमें बीआरसी एलिया में बने आधार केंद्र में जुलाई में एक साथ 42 आवेदन रद्द होने का जिक्र किया गया था। उसके पीछे वजह आवेदकों द्वारा लगाए गए फर्जी जन्म प्रमाणपत्र ही थे। उस समय कोई ठोस कार्रवाई न होने से आरोपियों को बल मिल गया। अब पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
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क्षेत्र के रोजहा गांव निवासी पप्पू सिंह ने बताया कि उन्होंने अंसार कंप्यूटर्स से अपनी बेटियों के जन्म प्रमाणपत्र बनवाए थे। दोनों प्रमाणपत्र जांच मं फर्जी निकले। इसकी शिकायत करने पर कंप्यूटर सेंटर संचालक अंसार व कमाल ने एक प्रमाणपत्र छीनकर फाड़ दिया। विरोध पर उनसे हाथापाई पर आमादा हो गए। उन्होंने इस मामले में पुलिस को तहरीर दे दी है।
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थानाध्यक्ष इमलिया सुल्तानपुर आशीष तिवारी ने बताया कि गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। साक्ष्य संकलन करके जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। इनके सिंडिकेट के तार भी खंगाले जा रहे हैं।
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आधार केंद्रों पर रद्द हो गए थे 42 आवेदन
अमर उजाला में संवाद न्यूज एजेंसी की 12 सितंबर 2024 को फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों से संबंधित एक खबर प्रकाशित हुई थी। उसमें बीआरसी एलिया में बने आधार केंद्र में जुलाई में एक साथ 42 आवेदन रद्द होने का जिक्र किया गया था। उसके पीछे वजह आवेदकों द्वारा लगाए गए फर्जी जन्म प्रमाणपत्र ही थे। उस समय कोई ठोस कार्रवाई न होने से आरोपियों को बल मिल गया। अब पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।