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Sitapur News: प्रधान समेत पांच पर मनरेगा मजदूरी में गबन की प्राथमिकी
Thu, 13 Aug 2026 12:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 13 Aug 2026 12:11 AM IST
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महमूदाबाद। न्यायालय के आदेश पर सोमवार को मनरेगा मजदूरी में गबन और पद के दुरुपयोग के आरोप में प्रधान समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। आरोपियों में प्रधान सतेंद्र मौर्य, टिंकू उर्फ अमरेंद्र, दीपू वर्मा तथा चौकी नूरपुर में तैनात पुलिसकर्मी कुलदीप सिंह और सुनील मिश्र शामिल हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
रमद्वारी के खंता गांव निवासी राहुल ने आरोप लगाया कि सभी आरोपी मिलीभगत कर मनरेगा मजदूरों की मजदूरी की धनराशि उनके वास्तविक खातों में भेजने के बजाय अपने चहेते लोगों के बैंक खातों में स्थानांतरित कराकर निकाल लेते थे। आरोप है कि वास्तविक मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया।
राहुल के अनुसार, उनकी मां माधुरी देवी के जॉब कार्ड संख्या-436 पर देय मनरेगा मजदूरी की रकम भी इसी तरह हड़प ली गई। उन्होंने बताया कि 20 मई को शिकायत करने पर प्रधान ने उनकी मां को अपमानित किया और मजदूरी का भुगतान न करने की बात कही।
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राहुल ने बताया कि मामले में कार्रवाई के लिए कोतवाली और विकासखंड कार्यालय के चक्कर लगाए, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद आठ जुलाई को पुलिस अधीक्षक सीतापुर को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजी, फिर भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली।
इंस्पेक्टर भानु प्रताप सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर सोमवार को प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है।
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रमद्वारी के खंता गांव निवासी राहुल ने आरोप लगाया कि सभी आरोपी मिलीभगत कर मनरेगा मजदूरों की मजदूरी की धनराशि उनके वास्तविक खातों में भेजने के बजाय अपने चहेते लोगों के बैंक खातों में स्थानांतरित कराकर निकाल लेते थे। आरोप है कि वास्तविक मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया।
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राहुल के अनुसार, उनकी मां माधुरी देवी के जॉब कार्ड संख्या-436 पर देय मनरेगा मजदूरी की रकम भी इसी तरह हड़प ली गई। उन्होंने बताया कि 20 मई को शिकायत करने पर प्रधान ने उनकी मां को अपमानित किया और मजदूरी का भुगतान न करने की बात कही।
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राहुल ने बताया कि मामले में कार्रवाई के लिए कोतवाली और विकासखंड कार्यालय के चक्कर लगाए, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद आठ जुलाई को पुलिस अधीक्षक सीतापुर को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजी, फिर भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली।
इंस्पेक्टर भानु प्रताप सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर सोमवार को प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है।