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करेंगे सवाल तो हम ही गुनहगार होंगे...
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सीतापुर। रालोद में लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे जिले के एक वरिष्ठ नेता ने सोमवार को पार्टी अध्यक्ष को ट्वीट कर मन की बात शेर-ओ-शायरी के जरिए कही। ट्वीट के सियासी गलियारों में कई मायने निकाले जा रहे हैं। ट्वीट से साफ हो रहा है कि कहीं न कहीं विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने का उन्हें मलाल है।
कमलापुर के निवासी आरपी सिंह चौहान रालोद पार्टी से करीब 17 वर्षों से जुड़े हैं। वह पार्टी के प्रवक्ता, महासचिव के पदों का निर्वहन कर चुके हैं। मौजूूदा समय में जिले में पार्टी के जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, लेकिन पार्टी की ओर से हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के बाद कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया है।
सोमवार को रालोद नेता आरपी सिंह ने अपने ट्वीटर हैंडल से पार्टी के मुखिया चौधरी जयंत सिंह समेत कई नेताओं को ट्वीट करते हुए लिखा है कि करेंगे सवाल तो हम ही गुनहगार होंगे मगर, एकतरफा समर्पण की कोई कीमत नहीं यहां। कोई कुछ नहीं करता सिवाय जी हजूरी के और जो करते हैं कुछ वो हुजूर को अच्छे नहीं लगते।
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रालोद नेता के इस ट्वीट के बाद जिले की सियासी फिजा में कई तरह की चर्चाएं हो रहीं हैं। सूत्रों की माने तो आरपी सिंह चौहान इस बार विधानसभा चुनाव में टिकट भी मांग रहे थे। इसके लिए उन्होंने जोर आजमाइश भी की, लेकिन कोशिश कामयाब नहीं हो सकी। ऐसे में अब चुनाव के नतीजों के बाद उनकी ओर से किया ट्वीट कहीं न कहीं इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि टिकट न मिलने का मलाल उन्हें जरूर है। इस बारे में उनसे बात की गई तो इस पर बोलने से वह बचते नजर आए।
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कमलापुर के निवासी आरपी सिंह चौहान रालोद पार्टी से करीब 17 वर्षों से जुड़े हैं। वह पार्टी के प्रवक्ता, महासचिव के पदों का निर्वहन कर चुके हैं। मौजूूदा समय में जिले में पार्टी के जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, लेकिन पार्टी की ओर से हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के बाद कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया है।
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सोमवार को रालोद नेता आरपी सिंह ने अपने ट्वीटर हैंडल से पार्टी के मुखिया चौधरी जयंत सिंह समेत कई नेताओं को ट्वीट करते हुए लिखा है कि करेंगे सवाल तो हम ही गुनहगार होंगे मगर, एकतरफा समर्पण की कोई कीमत नहीं यहां। कोई कुछ नहीं करता सिवाय जी हजूरी के और जो करते हैं कुछ वो हुजूर को अच्छे नहीं लगते।
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रालोद नेता के इस ट्वीट के बाद जिले की सियासी फिजा में कई तरह की चर्चाएं हो रहीं हैं। सूत्रों की माने तो आरपी सिंह चौहान इस बार विधानसभा चुनाव में टिकट भी मांग रहे थे। इसके लिए उन्होंने जोर आजमाइश भी की, लेकिन कोशिश कामयाब नहीं हो सकी। ऐसे में अब चुनाव के नतीजों के बाद उनकी ओर से किया ट्वीट कहीं न कहीं इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि टिकट न मिलने का मलाल उन्हें जरूर है। इस बारे में उनसे बात की गई तो इस पर बोलने से वह बचते नजर आए।