{"_id":"63543ee17a8e2f125b7bb6f2","slug":"expensive-vegetables-spoiled-the-taste-sitapur-news-lko65408833","type":"story","status":"publish","title_hn":"महंगी सब्जियों ने बिगाड़ा जायका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महंगी सब्जियों ने बिगाड़ा जायका
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीतापुर। बिना मौसम हुई बारिश का असर अब सब्जियों पर दिखने लगा है। इनकी कीमतों में पांच से छह प्रतिशत तक उछाल आ गया है। इसका कारण बाहर की सब्जियों की आवक कम होना बताया जा रहा है। महंगाई के कारण रसोई का बजट बिगड़ गया है।
त्योहार के करीब 15 दिन पूर्व लगातार हुई पांच दिनों तक बिना मौसम की बारिश ने अचानक ही सब्जियों के दामों में दस प्रतिशत उछाल मार दिया था। इसका कारण बाहर से सब्जियों की आवक को कम होना बताया जा रहा था। अब भी सब्जियों के रेट कुछ कम नहीं हुए हैं। उनके दामों में पांच प्रतिशत तक बढ़त ही दर्ज की गई है। जिले में अधिकतर सब्जियां अन्य जनपदों से आ रही हैं। इसमें आलू, प्याज, सेम, चुकंदर आदि शामिल है। दुकानदारों ने बताया कि बारिश के समय जो इजाफा हुआ था वह अब तक कम नहीं हुुुआ है। अभी भी आवक कम होने के कारण थोक में माल महंगा मिल रहा है, जिसके कारण महंगे दामों में सब्जी बेचनी पड़ रही है।
नहीं सस्ता हुआ आलू और प्याज
सुधीर व विशन जायसवाल ने बताया कि पहले फुटकर में 20 रुपये किलो आलू बिक रहा था। बारिश के बाद पांच रुपये की बढ़त हुई थी जो अब तक कम नहीं हुई हैै। प्याज का रेट भी 25 रुपये ही बना हुआ है जो कि कम नहीं हुुुआ है। जिस तरह से थोक मंडी में कीमत बढ़ी हैं, उसी तरह से वह सब्जियों को बेच रहे हैं। इसमें उनका किसी प्रकार से अधिक मुनाफा नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
रसोई का बिगड़ा बजट
गृहिणी रंजना ने बताया कि त्योहार में सब्जियों बढे़ हुए दाम त्योहार के आनंद को कम रहे हैं। आम दिनों के मुताबिक त्योहार के इस महीने में बजट और भी ज्यादा बिगड़ चुुका है। कुछ सब्जियां के दाम सात-आठ दिनों में फिर से बढ़ गए हैं। पहले टमाटर 40 रुपये किलो था जो कम होने के स्थान पर पांच रुपये और महंगा हो गया।
विज्ञापन
त्योहार के करीब 15 दिन पूर्व लगातार हुई पांच दिनों तक बिना मौसम की बारिश ने अचानक ही सब्जियों के दामों में दस प्रतिशत उछाल मार दिया था। इसका कारण बाहर से सब्जियों की आवक को कम होना बताया जा रहा था। अब भी सब्जियों के रेट कुछ कम नहीं हुए हैं। उनके दामों में पांच प्रतिशत तक बढ़त ही दर्ज की गई है। जिले में अधिकतर सब्जियां अन्य जनपदों से आ रही हैं। इसमें आलू, प्याज, सेम, चुकंदर आदि शामिल है। दुकानदारों ने बताया कि बारिश के समय जो इजाफा हुआ था वह अब तक कम नहीं हुुुआ है। अभी भी आवक कम होने के कारण थोक में माल महंगा मिल रहा है, जिसके कारण महंगे दामों में सब्जी बेचनी पड़ रही है।
विज्ञापन
नहीं सस्ता हुआ आलू और प्याज
सुधीर व विशन जायसवाल ने बताया कि पहले फुटकर में 20 रुपये किलो आलू बिक रहा था। बारिश के बाद पांच रुपये की बढ़त हुई थी जो अब तक कम नहीं हुई हैै। प्याज का रेट भी 25 रुपये ही बना हुआ है जो कि कम नहीं हुुुआ है। जिस तरह से थोक मंडी में कीमत बढ़ी हैं, उसी तरह से वह सब्जियों को बेच रहे हैं। इसमें उनका किसी प्रकार से अधिक मुनाफा नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
रसोई का बिगड़ा बजट
गृहिणी रंजना ने बताया कि त्योहार में सब्जियों बढे़ हुए दाम त्योहार के आनंद को कम रहे हैं। आम दिनों के मुताबिक त्योहार के इस महीने में बजट और भी ज्यादा बिगड़ चुुका है। कुछ सब्जियां के दाम सात-आठ दिनों में फिर से बढ़ गए हैं। पहले टमाटर 40 रुपये किलो था जो कम होने के स्थान पर पांच रुपये और महंगा हो गया।