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Sitapur News: 45 करोड़ खर्च के बाद भी झेलना पड़ रही बाढ़ की त्रासदी

Tue, 18 Jul 2023 12:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Tue, 18 Jul 2023 12:15 AM IST
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Even after spending 45 crores, the tragedy of flood has to be faced
- हर बार बाढ़ के पानी में बह जाते हैं स्टड निर्माण के करोड़ों रुपये
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- बिसवां, लहरपुर और महमूदाबाद का 7334.876 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
सीतापुर। बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी के कारण आने वाली बाढ़ के पानी हर साल करोड़ों की लागत से बनने वाले स्टड बह जाते हैं। इससे जिले के 140 गांवों के लोगों को बाढ़ व कटान की त्रासदी झेलना पड़ती है। बाढ़ खत्म हो जाने के बाद घर बनाना और फिर उसे बाढ़ के पानी में डूबते देखना तटवर्तीय इलाकों के लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। प्रशासन हर साल स्टड बनवाकर कटान के वेग को कम करने का दावा करता है। बीते तीन सालों में स्टड बनवाने पर खर्च हुए 45 करोड़ रुपये के बाद भी बाढ़ की त्रासदी से पीड़ितों को नहीं बचाया जा पा रहा है।
जिला प्रशासन के अनुसार हर साल जिले के 1,21,459 लोग बाढ़ त्रासदी से प्रभावित होते हैं। साथ ही बिसवां, लहरपुर और महमूदाबाद की 7334.876 हेक्टेयर क्षेत्रफल जमीन भी बाढ़ के पानी की चपेट में आती है। बाढ़ से बचाव के लिए करोड़ों के खर्च से बनने वाले स्टड भी बाढ़ के पानी के आगे बेमानी साबित होते नजर आते हैं। कटाव निरोधक परियोजनाओं के तहत स्टड निर्माण, परक्यूपाइन वर्क, बंबू ब्रेसिंग, स्पिल बंद करना व अन्य कार्य कराए जाते हैं। बाढ़ से छुटकारा दिलवाने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर बीते तीन सालों में ही 45 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
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15.43 करोड़ की परियोजनाओं पर काम जारी
सीतापुर प्रखंड शारदा नहर द्वारा 4711 मद में कुल 15.43 करोड़ रुपये के कार्य प्रस्तावित किए गए। इनमें से अधिकतर परियोजनाओं का 80 से 90 प्रतिशत कार्य भी पूरा हो चुका है। इनमें लहरपुर में शारदा नदी के किनारे बरेती, बेलवा, चांदी व गोहनिया गांवों में 1.98 करोड़ रुपये की लागत से जीईओ ट्यूब स्टड निर्माण योजना पर काम जारी है। वहीं, 2 करोड़ रुपये से मानपुर, मल्लापुर, कबडियनपुरवा, बिलासपुरवा व मास्टरपुरवा में नदी के स्पिल को बंद करने का काम कराया जा रहा है। इसके साथ 2.44 करोड़ रुपये से इच्छा, डल्लाबाग, लोहारनपुरवा, मोजमपुरवा में भी स्टड निर्माण जारी है। इसके साथ ही 9 करोड़ रुपये से बिसवां के लोधनपुरवा, रामलालपुरवा, सिसैया बाजार, मौजीपुरवा व अन्य गांवों पर कटाव निरोधक परियोजनाओं को भी पूरा कराया जा रहा है।
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15 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं पूरी होने के कगार पर
हर साल बैराज से छोड़े जाने वाले पानी के कारण जिले के लोगों को बाढ़ का दंश झेलना पड़ता है। विभागीय स्तर पर बाढ़ प्रभावित गांवों में नदी की धार से होने वाले कटान को रोकने के लिए स्टड का निर्माण कराया जाता है। ताकि लोगों के मकान व खेत नदी की कटान में न बहें। बाढ़ से राहत दिलवाने के लिए इस बार करीब 15 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं पूरी होने की कगार पर हैं। इससे कटान से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
- विशाल पोरवाल, अधिशासी अभियंता
शारदा नहर प्रखंड सीतापुर

फैक्ट फाइल
जिले के 53 गांव संवेदनशील घोषित, 22 में कटान
प्रभावित गांव- 140 (बिसवां के 102, लहरपुर के 20 और महमूदाबाद के 18 गांव)
प्रभावित जनसंख्या- 121459
संवेदनशील गांव- 53
कटान वाले गांव- 22
कुल प्रभावित क्षेत्रफल- 7334.876 हेक्टेयर
प्रभावित कृषि योग्य भूमि- 6882.726 हेक्टेयर
बोया गया प्रभावित क्षेत्रफल- 961.589 हेक्टेयर
कटान प्रभावी क्षेत्रफल- 148.345 हेक्टयेर
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