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Sitapur News: कर्मचारियों पर लाखों की धोखाधड़ी का लगाया आरोप
Fri, 20 Mar 2026 11:35 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 20 Mar 2026 11:35 PM IST
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सीतापुर। ऑटोमोबाइल फर्म के संचालक ने अपने कर्मचारियों पर धोखाधड़ी कर गबन करने का आरोप लगाया है। कोर्ट ने पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए हैं। शहर के होलीनगर निवासी अजय कुमार वर्मा के अनुसार पूजा ऑटो सेल्स के नाम से एक फर्म है। वह फर्म के पार्टनर हैं।
लहरपुर में तहसील मार्ग पर उनका शोरूम है। फर्म की ओर से बाइकों को फाइनेंस से भी दिया जाता है। तालगांव के भुसैला निवासी अब्दुल, मेहंदीपुरवा निवासी छंगा वर्मा, दानियापुर निवासी सुधीर यादव और लहरपुर के मुडियापुरवा निवासी हरद्वारी जायसवाल कंपनी में सेल्स व वसूली का काम देखते थे। आरोपी बकायेदारों से मौके पर जाकर वसूली करते थे। आरोपियों ने मनमाने तरीके से लोगों से रकम ली और उसका गबन किया।
इसके बाद अकाउंट में फर्जी तरीके से रकम जमा की। जब फर्म के खाते से फाइनेंस कंपनी के खाते में रकम जमा नहीं हुई तो कंपनी ने नोटिस भेज दिया गया। ठगी का अहसास हुआ तो फाइनेंस पर बाइक लेने वालों से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि आरोपियों को उन्होंने रकम दे दी है। जब पीड़ित ने आरोपियों से गबन की बात कही तो आरोपी टाल मटोल करने लगे। आरोपी पीड़ित के यहां से काम छोड़कर चले गए। अब्दुल ने सात लाख, हरद्वारी चार लाख, सुधीर यादव ने तीन व छंगा ने एक लाख रुपये का गबन किया है। एसीजेएम प्रथम कोर्ट ने प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं।
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लहरपुर में तहसील मार्ग पर उनका शोरूम है। फर्म की ओर से बाइकों को फाइनेंस से भी दिया जाता है। तालगांव के भुसैला निवासी अब्दुल, मेहंदीपुरवा निवासी छंगा वर्मा, दानियापुर निवासी सुधीर यादव और लहरपुर के मुडियापुरवा निवासी हरद्वारी जायसवाल कंपनी में सेल्स व वसूली का काम देखते थे। आरोपी बकायेदारों से मौके पर जाकर वसूली करते थे। आरोपियों ने मनमाने तरीके से लोगों से रकम ली और उसका गबन किया।
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इसके बाद अकाउंट में फर्जी तरीके से रकम जमा की। जब फर्म के खाते से फाइनेंस कंपनी के खाते में रकम जमा नहीं हुई तो कंपनी ने नोटिस भेज दिया गया। ठगी का अहसास हुआ तो फाइनेंस पर बाइक लेने वालों से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि आरोपियों को उन्होंने रकम दे दी है। जब पीड़ित ने आरोपियों से गबन की बात कही तो आरोपी टाल मटोल करने लगे। आरोपी पीड़ित के यहां से काम छोड़कर चले गए। अब्दुल ने सात लाख, हरद्वारी चार लाख, सुधीर यादव ने तीन व छंगा ने एक लाख रुपये का गबन किया है। एसीजेएम प्रथम कोर्ट ने प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं।
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