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बाढ़ में आई मछलियों को पकड़ कर रहे कमाई
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सीतापुर के लहरपुर इलाके में जाल लगाकर मछले पकड़ते ग्रामीण। -संवाद
- फोटो : SITAPUR
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लहरपुर (सीतापुर)। शारदा व सरयू की लहरें लहरपुर तहसील के 50 से अधिक गांवों में तबाही मचा रही हैं। इस आपदा में सैकड़ों लोगों ने अवसर की तलाश कर ली है। बाढ़ के पानी में बहकर आई हजारों क्विंटल मछलियां लोगों को रोजगार दे रही हैं। करीब पांच किलोमीटर की दूरी में सैकड़ों लोग कटिया डालकर बैठे हैं। वह मछलियां पकड़ते हैं और वहीं पर बेच लेते हैं। खरीदारों की भी कमी नहीं है। जगह-जगह पर लोगों की भारी भीड़ लगी हुई है।
लहरपुर तहसील में तीन दिन से बाढ़ का पानी कहर मचाए है। हालात इतने खराब थे कि लहरपुर से तंबौर मार्ग पूरी तरह से पानी में डूबा हुआ था। अब जलस्तर थोड़ा कम हुआ है। मुख्य मार्ग से पानी हटा है। लेकिन गांवों के हालात जस के तस बने हुए है। इस दौरान बाढ़ के पानी में हजारों क्विंटल मछलियां बहकर आ गई है।
जब लोगों ने इनको पानी में तैरते हुए देखा तो उनको इन मछलियों में रोजगार दिखाई दिया। इसे भुनाने के लिए वह सड़क के किनारे बैठ गए है। सिंघनापुर से मतुआ तक करीब पांच किलोमीटर की दूरी में सड़क के दोनों तरफ तमाम लोग मछलियां पकड़ रहे है। यह लोग मछलियां पकड़ते है, फिर यही पर इनको बेच भी देते हैं।
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परिवार का खर्च चलाना हो रहा आसान
यह लोग बाजार से सस्ते दामों पर मछली बेच रहे हैं। इस वजह से यहां पर खरीदारों की कमी नहीं है। मछली पकड़ने वालों ने बताया कि बाढ़ के पानी में मछलियों की संख्या काफी अधिक है। तालाब में मछली पकड़ने के लिए घंटों लगते थे पर यहां कुछ ही देर में काफी मात्रा में मछली पकड़ ली जा रही है। इससे कमाई कर परिवार का खर्च चलाना थोड़ा आसान हो रहा है। (संवाद)
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लहरपुर तहसील में तीन दिन से बाढ़ का पानी कहर मचाए है। हालात इतने खराब थे कि लहरपुर से तंबौर मार्ग पूरी तरह से पानी में डूबा हुआ था। अब जलस्तर थोड़ा कम हुआ है। मुख्य मार्ग से पानी हटा है। लेकिन गांवों के हालात जस के तस बने हुए है। इस दौरान बाढ़ के पानी में हजारों क्विंटल मछलियां बहकर आ गई है।
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जब लोगों ने इनको पानी में तैरते हुए देखा तो उनको इन मछलियों में रोजगार दिखाई दिया। इसे भुनाने के लिए वह सड़क के किनारे बैठ गए है। सिंघनापुर से मतुआ तक करीब पांच किलोमीटर की दूरी में सड़क के दोनों तरफ तमाम लोग मछलियां पकड़ रहे है। यह लोग मछलियां पकड़ते है, फिर यही पर इनको बेच भी देते हैं।
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परिवार का खर्च चलाना हो रहा आसान
यह लोग बाजार से सस्ते दामों पर मछली बेच रहे हैं। इस वजह से यहां पर खरीदारों की कमी नहीं है। मछली पकड़ने वालों ने बताया कि बाढ़ के पानी में मछलियों की संख्या काफी अधिक है। तालाब में मछली पकड़ने के लिए घंटों लगते थे पर यहां कुछ ही देर में काफी मात्रा में मछली पकड़ ली जा रही है। इससे कमाई कर परिवार का खर्च चलाना थोड़ा आसान हो रहा है। (संवाद)