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डीएसओ ने राशन कार्ड समर्पित न करने पर वसूली के दिए थे आदेश
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सीतापुर। बीते माह डीएसओ ने जारी आदेश में कहा था कि जो भी लोग अपात्र हैं वे अपना राशन कार्ड समर्पित कर दें, अन्यथा ऐसे परिवारों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जबसे वह राशन ले रहे हैं, उसका आकलन करते हुए वसूली भी की जा सकती है। इससे इतर शासन इस प्रकार के किसी भी आदेश से इनकार कर रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि जिलों के अधिकारियों ने अपने स्तर से ऐसा आदेश कैसे जारी कर दिया।
22 अप्रैल का जिला पूर्ति अधिकारी संजय कुमार प्रसाद की ओर से जारी इस आदेश से जिले में हड़कंप मच गया था। इसमें पात्र गृहस्थी और अन्त्योदय अन्न योजना के लिए राशन कार्ड बनवाने के लिए कौन लोग पात्र नहीं हैं, इसका उल्लेख किया गया है। इसमें सात बिंदु दिए गए हैं। संबंधित श्रेणी में आने वाले कार्ड धारकों को विशेष रूप से सचेत करते हुए चेतावनी दी जाती है कि वे अपना राशन कार्ड समर्पित कर दें।
अन्यथा जांच में अपात्र पाए जाने पर उनका राशन कार्ड निरस्त करने के साथ-साथ ऐसे परिवारों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जब से वह परिवार राशन ले रहा है, तब से राशन का आंकलन करते हुए नियमानुसार वसूली की जाएगी। जिसके लिए संबंधित कार्डधारक, परिवार स्वयं उत्तरदायी होगा।
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इस आदेश के बाद तमाम राशन कार्ड धारक अपना कार्ड समर्पित कर रहे हैं। वह इसके लिए डीएसओ दफ्तर के साथ ही तहसील स्तरीय विभाग के दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं इसके विपरीत रविवार को शासन स्तर से एक बयान जारी किया गया। इसमें कहा गया है कि शासन स्तर से कार्ड समर्पित करने संबंधी आदेश नहीं जारी किए गए है।
अधिनियम में कार्ड धारकों से वसूली का प्रावधान नहीं है। इससे सोमवार को पूरे दिन असमंजस की स्थिति रही। तहसील व मुख्यालय पर कार्ड धारक स्थिति जानने के लिए बेताब दिखे। कई लोग आवेदन व आधार के साथ कार्ड समर्पित करने आए।
18 हजार राशन कार्ड समर्पित
कुल राशन कार्ड 8,91,447
ग्रामीण क्षेत्र की संख्या 8,11,104
शहरी क्षेत्र की संख्या 80,343
समर्पित राशन कार्ड 1800
लोग स्वेच्छा से राशन कार्ड समर्पित कर रहे हैं। वह अपात्रता का कारण दे रहे हैं। इनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
- संजय कुमार प्रसाद, जिला पूर्ति अधिकारी
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22 अप्रैल का जिला पूर्ति अधिकारी संजय कुमार प्रसाद की ओर से जारी इस आदेश से जिले में हड़कंप मच गया था। इसमें पात्र गृहस्थी और अन्त्योदय अन्न योजना के लिए राशन कार्ड बनवाने के लिए कौन लोग पात्र नहीं हैं, इसका उल्लेख किया गया है। इसमें सात बिंदु दिए गए हैं। संबंधित श्रेणी में आने वाले कार्ड धारकों को विशेष रूप से सचेत करते हुए चेतावनी दी जाती है कि वे अपना राशन कार्ड समर्पित कर दें।
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अन्यथा जांच में अपात्र पाए जाने पर उनका राशन कार्ड निरस्त करने के साथ-साथ ऐसे परिवारों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जब से वह परिवार राशन ले रहा है, तब से राशन का आंकलन करते हुए नियमानुसार वसूली की जाएगी। जिसके लिए संबंधित कार्डधारक, परिवार स्वयं उत्तरदायी होगा।
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इस आदेश के बाद तमाम राशन कार्ड धारक अपना कार्ड समर्पित कर रहे हैं। वह इसके लिए डीएसओ दफ्तर के साथ ही तहसील स्तरीय विभाग के दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं इसके विपरीत रविवार को शासन स्तर से एक बयान जारी किया गया। इसमें कहा गया है कि शासन स्तर से कार्ड समर्पित करने संबंधी आदेश नहीं जारी किए गए है।
अधिनियम में कार्ड धारकों से वसूली का प्रावधान नहीं है। इससे सोमवार को पूरे दिन असमंजस की स्थिति रही। तहसील व मुख्यालय पर कार्ड धारक स्थिति जानने के लिए बेताब दिखे। कई लोग आवेदन व आधार के साथ कार्ड समर्पित करने आए।
18 हजार राशन कार्ड समर्पित
कुल राशन कार्ड 8,91,447
ग्रामीण क्षेत्र की संख्या 8,11,104
शहरी क्षेत्र की संख्या 80,343
समर्पित राशन कार्ड 1800
लोग स्वेच्छा से राशन कार्ड समर्पित कर रहे हैं। वह अपात्रता का कारण दे रहे हैं। इनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
- संजय कुमार प्रसाद, जिला पूर्ति अधिकारी