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‘शराब पीकर बारात में आना सख्त मना है’

Fri, 16 Jun 2017 10:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 16 Jun 2017 10:50 PM IST
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Different Marriage card
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अपनी ‘शादी’ को यादगार बनाने के लिए ‘आसमान में वर माला डालना’, ‘हेलीकॉप्टर से दूल्हे का पहुंचना’ और ‘एयर बैलून’ में विवाह रचाने जैसी खबरें आपने जरूर पढ़ी होंगी लेकिन मिश्रिख के एक किसान ने अपने बेटे की शादी के कार्ड पर बेहद अनूठा ‘स्लोगन’ छपवाकर लोगों की सुर्खियां बटोरीं हैं।

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समाज को नई सीख देने वाले इस किसान के बेटे की शादी 23 जून को है। सुर्खियां बटोर रहे शादी के कार्ड पर लाल घेरे में ‘शराब पीकर बारात में आना सख्त मना है’ का संदेश लिखवाया गया है। शादी-पार्टियों में शराब के चलन पर आधुनिकता का परदा डाल इसे आज के नए जमाने का फैशन मानने वालों को यह कार्ड ‘आइना’ दिखा रहा है।
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मिश्रिख के बलियापुर गांव में रहने वाले किसान कैलाश प्रसाद के बेटे अश्विनी का इसी माह 19 जून को तिलक है। 23 जून को शादी है। इस शादी के कार्ड जब कैलाश के सगे-संबंधियों तक पहुंचे तो यह कार्ड सुर्खियां बन गया।
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कार्ड पर सबसे ऊपर शराब पीकर बारात में न आने का अनुरोध छपवाया गया है। ज्यादातर लोग इस अनूठी ‘पहल’ की सराहना कर रहे हैं। कैलाश कहते हैं, कि शादी-पार्टी में शराब पीने की वजह से अक्सर नशे में बवाल होता है। जिससे वर-वधू पक्ष नाहक परेशान तो होते ही हैं, शादी का सारा उल्लास खत्म हो जाता है।

नशा एक सामाजिक बुराई है। कैलाश का मानना है, कि शादी से दो जिंदगियों का नया जीवन शुरू होता है। शुरुआत किसी भी काम की हो उसमें किसी भी तरह की बुराई शामिल नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि नशे के दुष्परिणामों को देखते हुए शादी के कार्ड पर यह संदेश छपवाने का विचार आया। समाज में विरोध के डर से एक बारगी तो ऐसा न करने का सोच लिया, फिर ख्याल आया किसी भी अनहोनी को टालने के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी है। हालांकि लोग कैलाश के इस सामाजिक संदेश को काफी पसंद कर रहे हैं। कैलाश समाज के लिए एक मिसाल बन गए हैं।
 
कुछ रिश्तेदार नाराज भी हुए
कैलाश कहते हैं, कि शादी के कार्ड पर शराब पीकर न आने की बात छपी देख कुछ रिश्तेदार नाराज भी हुए। कॉल कर इसका विरोध दर्ज कराया। कुछ ने तो शादी में शरीक न होने तक की बात कह डाली लेकिन मुझे इसकी परवाह नहीं है। 

 
कुछ अनोखा करने में माहिर 
अनोखी पहल से सुर्खियों में आने वाली जिले की यह पहली शादी नहीं है। इससे पहले भी सीतापुरियों ने कुछ अलग करने की धुन में एक शादी को चर्चित किया है। दरअसल, मार्च 2015 में जिले के कमलापुर में एक शादी के दौरान दूल्हा-दुल्हन को ‘तोहफे’ में अरहर की ‘दाल’ दी गई थी। उस समय महंगाई के सारे रिकार्ड तोड़ने वाली अरहर की दाल 200 रुपये प्रतिकिलो में बिक रही थी। शादी के तोहफे में दाल दिया जाना खूब सुर्खियों में रहा था।

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