{"_id":"5e31c8f28ebc3e680f4c2a3f","slug":"development-in-sitapur-sitapur-news-lko5055916111","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह अरब से होंगे विकास कार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह अरब से होंगे विकास कार्य
विज्ञापन
सीतापुर। जिला योजना समिति की बैठक काफी हंगामेदार रही। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने जिले के अफसरों की लापरवाही जमकर उजागर की। प्रधानमंत्री आवास योजना व शौचालय में भ्रष्टाचार का मुद्दा गरमाया रहा। इस पर डीपीआरओ को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। अगली बैठक में कार्य सुधार न होने पर सस्पेड करने की प्रभारी मंत्री स्वाति ने चेतावनी दी। आवास आवंटन में धांधली पर पीडी की जमकर क्लॉस लगी। वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए लगभग छह अरब 36 करोड़ की कार्ययोजना मंजूर की गई। इस कार्ययोजना में बजट आवंटन के लिए शासन को भेजा जाएगा। उसके बाद बजट मिलने पर विकास कार्य शुरु होंगे।
जिला योजना समिति की बैठक बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रभारी मंत्री/राज्यमंत्री(स्वतंत्र प्रभार) स्वाति सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों ने शुरुआत से ही जिले के अफसरों पर शिकायतों को अनसुना करने का मुद्दा उठाया। विधायक ज्ञान तिवारी ने मुद्दा उठाते हुए कहा शौचालय निर्माण में जमकर घोटाला किया जा रहा है। इसी प्रकार आवास आवंटन में धनउगाही हो रही है। लगातार इसकी शिकायतें की जा रही है लेकिन अफसर इसे अनसुना कर रहे हैं। जबकि यह दोनों योजनाएं प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में है। अपात्र लाभान्वित हो रहे है। पात्र लाभ पाने के लिए सड़क पर घूम रहे है।
इस पर प्रभारी मंत्री ने डीपीआरओ को जमकर फटकार लगाई। जिलाधिकारी को डीपीआरओ को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के लिए निर्देश दिए। साथ ही कड़ी हिदायत दी अगली बैठक में कार्य में सुधार न होने पर सस्पेंड कर दिया जाएगा। वही पीडी को चेतावनी दी आवास आंवटन में जहां शिकायतें मिली है वहां पर तत्काल एफआईआर दर्ज कराएं। वही प्रभारी मंत्री ने सभी अफसरों को निर्देश दिए है वहां जनप्रतिनिधियो की शिकायतों को गंभीरता से लें। वही प्रभारी मंत्री ने सभी अफसरों व जनप्रतिनिधियो से एक लक्ष्य लेकर उसके अनुरुप पौधारोपण करने के निर्देश दिए। जिला योजना समिति की बैठक में वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 63698 लाख रूपये का बजट पास किया गया।
विज्ञापन
यह बजट वित्तीय वर्ष 2019-20 के सापेक्ष 5887 लाख रूपये अधिक है। इसमें 63698 लाख केंद्र व राज्य से 35007 लाख प्रस्तावित है। इस अवसर पर सांसद सीतापुर राजेश वर्मा, सांसद धौरहरा रेखा अरूण वर्मा, सांसद मिश्रिख कौशल किशोर, जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी, पुलिस अधीक्षक एलआर कुमार, विधायक सेवता ज्ञान तिवारी, विधायक बिसवां महेन्द्र सिंह यादव, विधायक हरगांव सुरेश राही, विधायक मिश्रिख रामकृष्ण भार्गव, विधायक महोली शशांक त्रिवेदी, विधायक लहरपुर सुनील वर्मा, विधायक ज्ञान तिवारी प्रतिनिधि ओम प्रकाश मिश्रा, विधायक प्रतिनिधि शिक्षक एमएलसी पंकज पांडेय आदि उपस्थित रहे।
सीडीओ संदीप कुमार ने बताया वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए कृषि विभाग को 44 लाख, गन्ना विभाग को 728.12 लाख, लघु एवं सीमांत कृषकों को आर्थिक सहायता में 1760 लाख, पशुपालन विभाग को 563.31 लाख, वन विभाग को 453.74 लाख, दुग्ध विकास 171.95 लाख, सहकारिता 508 लाख, ग्राम्य विकास के विशेष कार्यक्रम 86.48 लाख, सिंचाई एवं जल संसाधन 124.40 लाख, रोजगार कार्यक्रम 29210.68 लाख, पंचायती राज विभाग के लिए 74.60 लाख रूपये का खर्च प्रस्तावित है। इसी प्रकार सामुदायिक विकास (ग्राम्य विकास) 112 लाख, निजी लघु सिंचाई के लिए 1303.50 लाख, राजकीय लघु सिंचाई 180 लाख, अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत 35.50 लाख, सड़क एवं पुल के लिए 6222.83 लाख, पर्यावरण 15 लाख, पर्यटन 50 लाख, प्राथमिक शिक्षा 650 लाख, माध्यमिक शिक्षा के लिए 1395.68 लाख, प्राविधिक शिक्षा 703.78 लाख, प्रादेशिक विकास दल 29.70 लाख
ऐलोपैथिक चिकित्सा के लिए 1815.30 लाख, परिवार कल्याण 600 लाख, होम्योपैथी 282.02 लाख, आयुर्वेद 134 लाख तथा यूनानी चिकित्सा पद्वति में 90 लाख का खर्च प्रस्तावित किया गया है। इसी प्रकार ग्रामीण स्वच्छता के लिए 827.36 लाख, पूल्ड आवास 250 लाख, ग्रामीण आवास के लिए 7186 लाख, नगर विकास 402.60 लाख, अनुसूचित जाति कल्याण 1407.67 लाख, पिछड़ी जाति कल्याण 132.48 लाख, अल्पसंख्यक कल्याण 155.20, समाज कल्याण सामान्य जाति 1049.02 लाख, जनजाति कल्याण 4.23 लाख, सेवायोजन 2.13 लाख, शिल्पकार प्रशिक्षण 179 लाख, समाज कल्याण 3492 लाख, दिव्यांगजन सशक्तीकरण 65.72 लाख एवं महिला कल्याण 1200 लाख की धनराशि प्रस्तावित की गई है।
विज्ञापन
जिला योजना समिति की बैठक बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रभारी मंत्री/राज्यमंत्री(स्वतंत्र प्रभार) स्वाति सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों ने शुरुआत से ही जिले के अफसरों पर शिकायतों को अनसुना करने का मुद्दा उठाया। विधायक ज्ञान तिवारी ने मुद्दा उठाते हुए कहा शौचालय निर्माण में जमकर घोटाला किया जा रहा है। इसी प्रकार आवास आवंटन में धनउगाही हो रही है। लगातार इसकी शिकायतें की जा रही है लेकिन अफसर इसे अनसुना कर रहे हैं। जबकि यह दोनों योजनाएं प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में है। अपात्र लाभान्वित हो रहे है। पात्र लाभ पाने के लिए सड़क पर घूम रहे है।
विज्ञापन
इस पर प्रभारी मंत्री ने डीपीआरओ को जमकर फटकार लगाई। जिलाधिकारी को डीपीआरओ को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के लिए निर्देश दिए। साथ ही कड़ी हिदायत दी अगली बैठक में कार्य में सुधार न होने पर सस्पेंड कर दिया जाएगा। वही पीडी को चेतावनी दी आवास आंवटन में जहां शिकायतें मिली है वहां पर तत्काल एफआईआर दर्ज कराएं। वही प्रभारी मंत्री ने सभी अफसरों को निर्देश दिए है वहां जनप्रतिनिधियो की शिकायतों को गंभीरता से लें। वही प्रभारी मंत्री ने सभी अफसरों व जनप्रतिनिधियो से एक लक्ष्य लेकर उसके अनुरुप पौधारोपण करने के निर्देश दिए। जिला योजना समिति की बैठक में वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 63698 लाख रूपये का बजट पास किया गया।
विज्ञापन
यह बजट वित्तीय वर्ष 2019-20 के सापेक्ष 5887 लाख रूपये अधिक है। इसमें 63698 लाख केंद्र व राज्य से 35007 लाख प्रस्तावित है। इस अवसर पर सांसद सीतापुर राजेश वर्मा, सांसद धौरहरा रेखा अरूण वर्मा, सांसद मिश्रिख कौशल किशोर, जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी, पुलिस अधीक्षक एलआर कुमार, विधायक सेवता ज्ञान तिवारी, विधायक बिसवां महेन्द्र सिंह यादव, विधायक हरगांव सुरेश राही, विधायक मिश्रिख रामकृष्ण भार्गव, विधायक महोली शशांक त्रिवेदी, विधायक लहरपुर सुनील वर्मा, विधायक ज्ञान तिवारी प्रतिनिधि ओम प्रकाश मिश्रा, विधायक प्रतिनिधि शिक्षक एमएलसी पंकज पांडेय आदि उपस्थित रहे।
सीडीओ संदीप कुमार ने बताया वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए कृषि विभाग को 44 लाख, गन्ना विभाग को 728.12 लाख, लघु एवं सीमांत कृषकों को आर्थिक सहायता में 1760 लाख, पशुपालन विभाग को 563.31 लाख, वन विभाग को 453.74 लाख, दुग्ध विकास 171.95 लाख, सहकारिता 508 लाख, ग्राम्य विकास के विशेष कार्यक्रम 86.48 लाख, सिंचाई एवं जल संसाधन 124.40 लाख, रोजगार कार्यक्रम 29210.68 लाख, पंचायती राज विभाग के लिए 74.60 लाख रूपये का खर्च प्रस्तावित है। इसी प्रकार सामुदायिक विकास (ग्राम्य विकास) 112 लाख, निजी लघु सिंचाई के लिए 1303.50 लाख, राजकीय लघु सिंचाई 180 लाख, अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत 35.50 लाख, सड़क एवं पुल के लिए 6222.83 लाख, पर्यावरण 15 लाख, पर्यटन 50 लाख, प्राथमिक शिक्षा 650 लाख, माध्यमिक शिक्षा के लिए 1395.68 लाख, प्राविधिक शिक्षा 703.78 लाख, प्रादेशिक विकास दल 29.70 लाख
ऐलोपैथिक चिकित्सा के लिए 1815.30 लाख, परिवार कल्याण 600 लाख, होम्योपैथी 282.02 लाख, आयुर्वेद 134 लाख तथा यूनानी चिकित्सा पद्वति में 90 लाख का खर्च प्रस्तावित किया गया है। इसी प्रकार ग्रामीण स्वच्छता के लिए 827.36 लाख, पूल्ड आवास 250 लाख, ग्रामीण आवास के लिए 7186 लाख, नगर विकास 402.60 लाख, अनुसूचित जाति कल्याण 1407.67 लाख, पिछड़ी जाति कल्याण 132.48 लाख, अल्पसंख्यक कल्याण 155.20, समाज कल्याण सामान्य जाति 1049.02 लाख, जनजाति कल्याण 4.23 लाख, सेवायोजन 2.13 लाख, शिल्पकार प्रशिक्षण 179 लाख, समाज कल्याण 3492 लाख, दिव्यांगजन सशक्तीकरण 65.72 लाख एवं महिला कल्याण 1200 लाख की धनराशि प्रस्तावित की गई है।