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दाखिले में चूक, पहले नर्सिंग, फिर बीफॉर्मा में मिला दाखिला
Amarujala Bureau
Updated Wed, 07 Sep 2016 11:00 PM IST
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दाखिले के लिए आवेदन फार्म भरती शची
- फोटो : अमर उजाला
इंटर की मेधावी छात्रा शची पांडेय के दाखिले में शिक्षा विभाग के अफसरों में हड़बड़ी दिखी। सीएम अखिलेश यादव के फरमान पर शिक्षा विभाग के अफसरों ने सीतापुर शिक्षण संस्थान में मेधावी का बीएससी नर्सिंग में पहले दाखिला करा दिया। दस्तावेजों की जांच में छात्रा इस कोर्स के लिए सही नहीं मिली तो अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। हालांकि बाद में डीएम से मशविरा कर उसका बीफॉर्मा में दाखिला कराया गया।
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अटरिया इलाके के बेरसापुर निवासी शची पांडेय ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को पत्र लिख घर की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने का हवाला दे आगे की पढ़ाई के लिए मदद मांगी थी। उसकी चिट्ठी सोशल मीडिया पर आते ही सीएम ने मामले का संज्ञान लिया। सीएम ने शची की आगे की पढ़ाई के लिए उसे दो लाख रुपये की आर्थिक मदद मुहैया कराई।
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डीएम को लोहिया आवास व एडमिशन कराने के निर्देश दिए थे। बुधवार को डीआईओएस राजा भानु प्रताप सिंह शची के साथ सीतापुर शिक्षण संस्थान पहुंचे। यहां पर शची के मनपसंद बीएससी नर्सिंग में एडमिशन करा दिया। उसके बाद संस्थान की तरफ से छात्रा के प्रमाणपत्रों की जांच की गई।
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जांच में पता चला कि शची के पास नर्सिंग बीएससी की योग्यता ही नहीं है। जबकि इस कोर्स के लिए इंटर में जीवविज्ञान होना जरूरी है। बाद में इसे निरस्त करते हुए बीफॉर्मा में एडमिशन कराया।
एक साल पहले पिता की हो चुकी मौत
संदना के गंगापुर निवासी मामा आशू बाजपेई का कहना है कि 6 मार्च 2015 को शची के पिता दिनेश कुमार पांडेय की हादसे में मौत हो गई थी। उसके बाद घरवालों ने साथ नहीं दिया। जमीन पर कब्जा कर लिया। इससे वहां पर रहना मुश्किल हो रहा था। इसके बाद शची अपने परिवार के साथ मेरे घर पर रहने लगी थी। यही से उसकी छोटी बहन मानवी हाईस्कूल कर रही है।
सभी सुविधाएं मिलेगी
शची को बीफॉर्मा व एमफॉर्मा का निशुल्क कोर्स कराया जाएगा। उसको संस्थान की तरफ से सभी सुविधाएं दी जाएंगी।
ललित मेहरोत्रा, डायरेक्टर, सीतापुर शिक्षण संस्थान