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Sitapur News: दरियों को मिलेगी नई पहचान, जुटेंगे देश-विदेश के खरीदार
Sat, 17 Oct 2026 12:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 17 Oct 2026 12:00 AM IST
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सीतापुर। जिले की पारंपरिक दरियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाने के लिए 24 और 25 अक्तूबर को क्रेता-विक्रेता सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन में नौ देशों के खरीदारों के साथ आठ राज्यों के व्यापारी हिस्सा लेंगे। इसका उद्देश्य स्थानीय बुनकरों को बड़े बाजारों से जोड़ना और उनके उत्पादों की बिक्री के नए अवसर उपलब्ध कराना है।
डीएम डॉ. राजागणपति आर ने बताया कि ओडीओओपी योजना में शामिल सीतापुर की दरी अपनी बुनाई, आकर्षक डिजाइन और टिकाऊ गुणवत्ता के लिए जानी जाती है। जिले में करीब 150 से 200 वर्षों से दरी बुनाई की परंपरा चली आ रही है। उन्होंने बताया कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी बुनकर परिवार इस कला को संरक्षित कर रहे हैं। यहां की दरियों की अमेरिका, यूरोप और मध्य-पूर्व समेत कई देशों में मांग है। यह हस्तशिल्प स्थानीय कारीगरों की आजीविका का प्रमुख आधार भी है।
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डीएम डॉ. राजागणपति आर ने बताया कि ओडीओओपी योजना में शामिल सीतापुर की दरी अपनी बुनाई, आकर्षक डिजाइन और टिकाऊ गुणवत्ता के लिए जानी जाती है। जिले में करीब 150 से 200 वर्षों से दरी बुनाई की परंपरा चली आ रही है। उन्होंने बताया कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी बुनकर परिवार इस कला को संरक्षित कर रहे हैं। यहां की दरियों की अमेरिका, यूरोप और मध्य-पूर्व समेत कई देशों में मांग है। यह हस्तशिल्प स्थानीय कारीगरों की आजीविका का प्रमुख आधार भी है।
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