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Sitapur News: डीएपी का संकट, भटक रहे किसान

Mon, 28 Oct 2024 01:31 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Mon, 28 Oct 2024 01:31 AM IST
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DAP crisis, farmers wandering
सीतापुर। रबी फसलों की बोआई शुरू हो गई है। समितियों से डीएपी नदारद है। किसान डीएपी के लिए भटकने को मजबूर हैं। वह केंद्रों पर घंटों इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद भी उन्हें खाद नहीं मिल रही है। खाद की कमी का फायदा उठाते हुए निजी दुकानदार 16 सौ रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक में प्रति बोरी डीएपी बेच रहे हैं। डीएपी खाद की बढ़ती किल्लत और गहराते जा रहे संकट को लेकर अलग-अलग इलाकों में समितियों का हाल जाना गया। किसानों का एक ही दर्द है कि डीएपी नहीं मिल रही। मिलती भी है तो वह महंगे दामों पर।
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डीएपी के लिए भटक रहे किसान, बाेआई बाधित
रामपुर मथुरा ब्लॉक में आठ साधन सहकारी समितियां हैं। सचिव केवल तीन समितियों में ही तैनात हैं। इन्हीं तीन सचिवों पर सभी आठों समितियों के संचालन की जिम्मेदारी है। रामराज, दीपक, सुरेश, मुनेंद्र, राजू आदि की मानें तो मझिगवां, रामपुर मथुरा व पारा रमनगरा की समितियां बंद रहती हैं। वर्तमान में मझिगवां, रामपुर मथुरा व चांदपुर की समिति में एनपीके व यूरिया आंशिक मात्रा में उपलब्ध है। यह खाद ज्यादातर आलू बोने वाले किसानों के लिए उपयोगी है। इस समय गेहूं की बोआई होनी है। यहां किसी भी समिति पर डीएपी नहीं है। लिहाजा, 1350 रुपये मूल्य की डीएपी किसानों को बाजार में 1600 से 2000 रुपये तक में खरीदनी पड़ रही है।
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मुख्यमंत्री से कालाबाजारी की शिकायत
रेउसा क्षेत्र में साधन सहकारी समितियां बंद रहती हैं। किसान महंगी दरों पर निजी दुकानों से डीएपी खरीदने को मजबूर हैं। क्षेत्र के किसान अनुराग शुक्ला ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। जिसमें कहा गया है कि एक बोरी डीएपी खाद विक्रेता 1700 से 1800 रुपये में बेच रहे हैं। दुकान पर डीएपी न लगाकर इधर-उधर गोदाम बनाए हुए हैं। खरोहा, जमौली, चंद्रसेनी, तरसेवरा, खरहरा समिति के सचिव परशुराम बाजपेई ने बताया की समितियां बंद हैं। तीन समितियों का क्रेडिट स्कोर पास हुआ है। डीएपी खाद के लिए एक महीना पहले पैसा जमा किया था, लेकिन खाद उपलब्ध नहीं हो पाई है।
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समितियों व दुकानों के चक्कर लगा रहे किसान
जिला सहकारी फेडरेशन संघ शाहमहोली व साधन सहकारी समितियों तथा प्राइवेट दुकानों पर भी डीएपी उपलब्ध नहीं है। किसान समितियों व दुकानों के चक्कर लगाकर परेशान हो रहे हैं। किसानों की सरसों की बोआई पिछड़ रही है। किसान अनुज शुक्ल, रमेश, उमेश, मनोज आदि ने डीएपी खाद उपलब्ध कराए जाने की मांग की है।


डीएपी के अभाव में पिछड़ रही बोआई
साधन सहकारी समिति दुगाना, काजीपुर उमराखुर्द, बोहरा, खानपुर, सुमरावां आदि पर कई महीने से डीएपी व एनपीके खाद नही है। ऐसे में किसान समय पर गन्ना, सरसों, मसूर गेहूं आदि फसलों की बोआई नहीं कर पा रहे हैं। दुगाना समिति के सचिव देशराज द्विवेदी ने बताया कि जिला मुख्यालय पर डीएपी खाद न होने के चलते समस्या बनी हुई है।


10 नवंबर तक डीएपी आने की उम्मीद
इस्माइलगंज गोंधिया में डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है। प्रभारी रवि प्रकाश खरे ने बताया कि मेरे यहां काफी दिनों से खाद नहीं है। ब्लॉक बेहटा के सामने साधन सहकारी समिति पर भी खाद उपलब्ध नहीं है। यहां के प्रभारी राम नारायण मिश्रा ने बताया कि 10 नवंबर तक डीएपी आने की उम्मीद है।



खाद समस्या के निदान के लिए बना कंट्रोल रूम
आपूर्ति व वितरण व्यवस्था पर निगरानी रखने तथा कृषकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि मोबाइल नंबर 9415379437 व 9151730701 पर किसान अपनी समस्या बता सकते हैं। जिला कृषि अधिकारी के मोबाइल नंबर 9415142433 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

समितियों पर खाद उपलब्ध है। अगर मांग बढ़ी है तो सोमवार को खाद की उपलब्धता की जानकारी दी जाएगी।
नवीन चंद शुक्ला, सहायक जिला निबंधक सहकारिता
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