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61 बसें चुनाव के लिए जाने से संकट
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रोडवेज बस स्टैंड पर दिल्ली रूट की बसों के इंतजार में खड़े व बैठे यात्री। - संवाद
- फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। रोडवेज बस स्टॉप पर यात्रियों के सामने एक बार फिर से बसों का संकट खड़ा हो गया है। डिपो की 61 बसों को चुनावी ड्यूटी में भेजे जाने से समस्या गहरा गई है। रविवार को बस स्टॉप पर मुसाफिर घंटों तक बसों का इंतजार करते रहे, लेकिन बसें नहीं मिल पा रहीं थीं। लंबी दूरी जाने वाले यात्री ज्यादा परेशान हुए। अफरातफरी का भी माहौल बना रहा।
बस स्टॉप पर बसों की किल्लत को लेकर अक्सर यात्रियों को जूझना पड़ता था, लेकिन अब समस्या और गंभीर हो गई है। विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। 10 फरवरी को पहले चरण के तहत चुनाव होना है। इसको लेकर पुलिस-प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी को लेकर चुनाव में पुलिस फोर्स को ले जाने के लिए बसों को प्रशासन ने कब्जे में लिया है।
सीतापुर डिपो से अब तक निगम की 61 बसों को चुनावी ड्यूटी में लगाया गया है। इसी में 25 बसें और शामिल हैं, जिन्हें परिवहन निगम ने पुलिस के हैंडओवर किया है। जबकि इससे पहले 7 बसें 8 जनवरी को, 31 जनवरी को 2, 5 फरवरी को 27 और 6 फरवरी को 25 बसें निगम ने पुलिस को सौंपा है।
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इस तरह से कुल 61 बसें रूट से हट गई हैं, ऐसे में यात्रियों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। पहले से ही बसों की कमी से जूझ रहे रोडवेज बस स्टॉप पर रविवार को अचानक 25 और बसों के चले जाने से समस्या दोगुनी हो गई है। अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए बस पकड़ने को बस स्टॉप पर पहुंचे यात्रियों को रविवार को इधर-उधर भटकना पड़ा। रविवार की शाम करीब चार बजे अमर उजाला की टीम भी बस स्टॉप पर पहुंची, जहां पर यात्री बसों के लिए परेशान थे। सभी को लंबी दूरी का सफर करना था।
किसी को दिल्ली, बरेली, नोएडा तो किसी को आगरा, बनारस से लेकर जयपुर तक जाना था, लेकिन बसें नहीं मिल रहीं थी। घंटों तक इंतजार करने के बाद एक-दो बसें आती भी थीं तो पहले से ही यात्रियों से भरी थीं, जिसमें पैर रखने की भी गुंजाइश नहीं थी। कुछ बसें खाली भी आईं, लेकिन आते ही भर जा रहीं थीं। देर शाम तक बस स्टॉप पर बसों की किल्लत को लेकर यात्री इस तरह से परेशान रहे। इधर-उधर भटकते रहे। पूछताछ करते रहे।
अभी बरकरार रहेगी समस्या
जानकारों की माने तो डिपो से भेजी गईं अधिक बसों में पुलिस कर्मियों, होमगार्ड को भेजा गया है, जबकि कई बसों से पिछले महीने जिले में आई अर्धसैनिक बलों के जवानों को बसों से भेजा गया है। ऐसे में पुलिस कर्मियों को लेकर गईं बसें पहले और दूसरे चरण का चुनाव कराने के बाद ही वापस आएंगी। ऐसे में माना जा रहा है कि अभी समस्या बरकरार रहने वाली है।
इन रूटों की हटाई गईं बसें
रोडवेज के जिम्मेदारों की माने तो चुनावी ड्यूटी में भेजी गईं सभी बसे लांग रूट की हैं। बताया कि हरिद्वार, दिल्ली, मेरठ, जयपुर, आगरा, बनारस समेत कई अन्य रूट की लंबी दूरी वाली बसों को भेजा गया है।
घंटों इंतजार के बाद भी नहीं मिल रही बस
यात्री श्यामू ने बताया कि बस स्टॉप पर पिछले एक घंटे से खड़ा हूं। मुझे आनंद बिहार जाना है, लेकिन अभी तक कोई बस नहीं आई है। पूछताछ केंद्र से जानकारी करने पर बताया कि बसें बाहर गई हैं। काफी परेशान हो रहा हूं। जाना बहुत जरूरी है। शंकरलाल का कहना है कि दिल्ली जाने के लिए बस स्टॉप पर आया था। डेढ़ घंटे से अधिक का समय होने वाला है।
अभी तक कोई बस दिल्ली रूट की आई ही नहीं है। बसों की कमी ज्यादा है। काफी देर परेशान हूं। बस मिलेती तो ही जा पाऊंगा। इंतजार कर रहा हूं। प्रदीप का कहना है कि कई बसें लखनऊ की तरफ से आईं। रुकी भी, लेकिन उसमें जगह ही नहीं थी कि बैठ सकूं। काफी प्रयास किया, लेकिन जगह नहीं मिल सकी। मुझे बरेली जाना है, पर इस रूट के लिए कोई बस नहीं मिल पा रही है।
रविवार को 25 बसों को चुनाव ड्यूटी में भेजा गया है। डिपो से अब तक कुल 61 बसें जा चुकी हैं। भेजी गईं सभी बसें लंबी दूरी की हैं। लांग रूट से इन बसों को हटाया गया है। यात्रियों को किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। उनकी सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। अभी लांग रूट की कई बसें मेेरे पास हैं। अगर कोई समस्या आती है तो अनुबंधित बसों को भी लगा दिया जाएगा।
- राकेश कुमार, एआरएम
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बस स्टॉप पर बसों की किल्लत को लेकर अक्सर यात्रियों को जूझना पड़ता था, लेकिन अब समस्या और गंभीर हो गई है। विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। 10 फरवरी को पहले चरण के तहत चुनाव होना है। इसको लेकर पुलिस-प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी को लेकर चुनाव में पुलिस फोर्स को ले जाने के लिए बसों को प्रशासन ने कब्जे में लिया है।
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सीतापुर डिपो से अब तक निगम की 61 बसों को चुनावी ड्यूटी में लगाया गया है। इसी में 25 बसें और शामिल हैं, जिन्हें परिवहन निगम ने पुलिस के हैंडओवर किया है। जबकि इससे पहले 7 बसें 8 जनवरी को, 31 जनवरी को 2, 5 फरवरी को 27 और 6 फरवरी को 25 बसें निगम ने पुलिस को सौंपा है।
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इस तरह से कुल 61 बसें रूट से हट गई हैं, ऐसे में यात्रियों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। पहले से ही बसों की कमी से जूझ रहे रोडवेज बस स्टॉप पर रविवार को अचानक 25 और बसों के चले जाने से समस्या दोगुनी हो गई है। अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए बस पकड़ने को बस स्टॉप पर पहुंचे यात्रियों को रविवार को इधर-उधर भटकना पड़ा। रविवार की शाम करीब चार बजे अमर उजाला की टीम भी बस स्टॉप पर पहुंची, जहां पर यात्री बसों के लिए परेशान थे। सभी को लंबी दूरी का सफर करना था।
किसी को दिल्ली, बरेली, नोएडा तो किसी को आगरा, बनारस से लेकर जयपुर तक जाना था, लेकिन बसें नहीं मिल रहीं थी। घंटों तक इंतजार करने के बाद एक-दो बसें आती भी थीं तो पहले से ही यात्रियों से भरी थीं, जिसमें पैर रखने की भी गुंजाइश नहीं थी। कुछ बसें खाली भी आईं, लेकिन आते ही भर जा रहीं थीं। देर शाम तक बस स्टॉप पर बसों की किल्लत को लेकर यात्री इस तरह से परेशान रहे। इधर-उधर भटकते रहे। पूछताछ करते रहे।
अभी बरकरार रहेगी समस्या
जानकारों की माने तो डिपो से भेजी गईं अधिक बसों में पुलिस कर्मियों, होमगार्ड को भेजा गया है, जबकि कई बसों से पिछले महीने जिले में आई अर्धसैनिक बलों के जवानों को बसों से भेजा गया है। ऐसे में पुलिस कर्मियों को लेकर गईं बसें पहले और दूसरे चरण का चुनाव कराने के बाद ही वापस आएंगी। ऐसे में माना जा रहा है कि अभी समस्या बरकरार रहने वाली है।
इन रूटों की हटाई गईं बसें
रोडवेज के जिम्मेदारों की माने तो चुनावी ड्यूटी में भेजी गईं सभी बसे लांग रूट की हैं। बताया कि हरिद्वार, दिल्ली, मेरठ, जयपुर, आगरा, बनारस समेत कई अन्य रूट की लंबी दूरी वाली बसों को भेजा गया है।
घंटों इंतजार के बाद भी नहीं मिल रही बस
यात्री श्यामू ने बताया कि बस स्टॉप पर पिछले एक घंटे से खड़ा हूं। मुझे आनंद बिहार जाना है, लेकिन अभी तक कोई बस नहीं आई है। पूछताछ केंद्र से जानकारी करने पर बताया कि बसें बाहर गई हैं। काफी परेशान हो रहा हूं। जाना बहुत जरूरी है। शंकरलाल का कहना है कि दिल्ली जाने के लिए बस स्टॉप पर आया था। डेढ़ घंटे से अधिक का समय होने वाला है।
अभी तक कोई बस दिल्ली रूट की आई ही नहीं है। बसों की कमी ज्यादा है। काफी देर परेशान हूं। बस मिलेती तो ही जा पाऊंगा। इंतजार कर रहा हूं। प्रदीप का कहना है कि कई बसें लखनऊ की तरफ से आईं। रुकी भी, लेकिन उसमें जगह ही नहीं थी कि बैठ सकूं। काफी प्रयास किया, लेकिन जगह नहीं मिल सकी। मुझे बरेली जाना है, पर इस रूट के लिए कोई बस नहीं मिल पा रही है।
रविवार को 25 बसों को चुनाव ड्यूटी में भेजा गया है। डिपो से अब तक कुल 61 बसें जा चुकी हैं। भेजी गईं सभी बसें लंबी दूरी की हैं। लांग रूट से इन बसों को हटाया गया है। यात्रियों को किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। उनकी सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। अभी लांग रूट की कई बसें मेेरे पास हैं। अगर कोई समस्या आती है तो अनुबंधित बसों को भी लगा दिया जाएगा।
- राकेश कुमार, एआरएम