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एक घर से उठीं तीन अर्थियां
अमर उजाला ब्यूरो/ सीतापुर
Updated Wed, 02 Mar 2016 11:42 PM IST
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पति-पत्नी व पुत्र की चिताएं एक साथ जलीं तो पूरा इलाका सिसक उठा। आसपास के लोग भी घटना को लेकर स्तब्ध थे। अंतिम विदाई में पूरा गांव उमड़ पड़ा। वहीं मृतका कल्पना को आठ माह की गर्भवती बताया जा रहा है। मामला सदरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम रसूलाबाद का है।
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दरअसल, लखनऊ के मड़ियांव में कर्ज में डूबे किराना व्यवसायी ने बैंक अफसर की चेतावनी व सूदखोरी की धमकी से घबराकर सोमवार रात पत्नी व बेटे समेत जान दे दी। दरवाजा भीतर से बंद होने पर किरायेदार ने मंगलवार शाम सीतापुर से उसके भाई को बुलाया।
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पुलिस की मौजूदगी में दरवाजा तोड़ा गया तो व्यवसायी बेड पर मृत पड़ा था और पत्नी व बेटे का शव फर्श पर मिला। पास में सल्फास के दो खाली पाउच व कटोरी पड़ी थीं। वर्तमान प्रधान लक्ष्मी नरायन वर्मा के तीन बेटों में से बड़ा बेटा इंद्रप्रकाश वर्मा (32) अपनी पत्नी कल्पना व बेटे के साथ करीब दस वर्षों से मड़ियांव थाना क्षेत्र के ओला विहार सेमरा गढ़ी में रामलीला मैदान के पास रहता था।
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इंद्र की सीतापुर रोड़ पर जेजे मार्केट में किराने की दुकान है। एक मार्च को उसके यहां किराए पर रहने वाले छात्र किसी काम से निकल गए थे। शाम को जब लौटे तो इंद्र प्रकाश के कमरे का दरवाजा बंद मिला। अखबार भी बाहर पड़े थे।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा तो मंजर देखकर लोगों के दिल दहल उठे, क्योंकि इंद्र प्रकाश, उसकी पत्नी कल्पना व बेटा रोहिता सभी मृत पड़े थे। देर रात गांव रसूलाबाद मामले की जानकारी मिलने पर कोहराम मच गया।
बुधवार की दोपहर करीब दो बजे तीनों के शव जब गांव पहुंचे तो मां-बाप, भाई-बहन व नाते-रिश्तेदारों के आंसू व चीखों से हर कोई गम में डूब गया। एक साथ घर से तीनों अर्थियां निकलीं तो लोगों के कलेजे फट गए।