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Bihar News: शौचालय योजना पर रिश्वत का कथित ऑडियो वायरल, ‘मैनेजमेंट’ के नाम पर 1000 रुपये मांगने का आरोप

Sun, 23 Aug 2026 05:13 PM IST
सारण ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा Published by: सारण ब्यूरो Updated Sun, 23 Aug 2026 05:13 PM IST
सार

छपरा सदर प्रखंड में सरकारी शौचालय योजना से जुड़ा एक कथित ऑडियो वायरल होने के बाद भ्रष्टाचार के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। ऑडियो में प्रखंड समन्वयक पर एक हजार रुपये की कथित मांग और अधिकारियों के नाम पर ‘मैनेजमेंट’ की बात कहने का आरोप है।

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Alleged audio reveals illegal extortion and 'management' in the name of toilet scheme:
सदर प्रखंड छपरा में कार्यरत प्रखंड समन्वयक (बीसी) अंकित कुमार गुप्ता

विस्तार

सारण जिला मुख्यालय स्थित सदर प्रखंड, छपरा से सामने आए कथित ऑडियो में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान से जुड़े सदर प्रखंड, छपरा के प्रखंड समन्वयक (बीसी) अंकित कुमार गुप्ता पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया जा रहा है। बातचीत के दौरान जब एक हजार रुपये की मांग पर सवाल उठाया गया तो कथित तौर पर जो जवाब दिया गया, उसने कई सवाल खड़े कर दिए।

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कथित तौर पर ऑडियो में यह कहते हुए सुना जा सकता है कि यह राशि सिर्फ एक व्यक्ति के लिए नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक लंबी चेन है। बातचीत के मुताबिक, “हमको 1000 रुपया चाहिए, क्योंकि हमको बीडीओ साहेब से लेकर जिला तक मैनेज करना पड़ता है।” हालांकि, इस कथित बातचीत की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

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‘मैनेजमेंट’ के नाम पर वसूली का आरोप
यह पूरा मामला केवल एक हजार रुपये की कथित अवैध वसूली तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से कथित तौर पर पैसे मांगे जाने के आरोपों को भी सामने लाता है। सबसे अहम सवाल यह है कि क्या यह मांग किसी उच्चाधिकारी के संरक्षण में की जा रही थी या फिर संबंधित कर्मी अपने फायदे के लिए अधिकारियों का नाम ले रहा था।

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जिस योजना का उद्देश्य गरीब लाभार्थियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, अगर उसी के लाभ के लिए लाभार्थी से कथित तौर पर पैसे मांगे जाएं तो यह गंभीर मामला है। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि क्या यह छपरा सदर प्रखंड का इकलौता मामला है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।

प्रशासनिक जांच की जरूरत
चूंकि पूरा मामला फिलहाल एक कथित ऑडियो पर आधारित है, इसलिए इसकी आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले ऑडियो की प्रमाणिकता, उसमें मौजूद आवाजों और बातचीत के पूरे संदर्भ की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। जिला प्रशासन और संबंधित विभाग को मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच करनी चाहिए। 



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जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई
शौचालय निर्माण जैसी कल्याणकारी योजनाएं समाज में स्वच्छता और स्वास्थ्य सुधार के उद्देश्य से चलाई जाती हैं। इन योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक बिना किसी अवैध वसूली के पहुंचना चाहिए। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रशासन कथित ऑडियो की जांच के बाद क्या कार्रवाई करता है। निष्पक्ष जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ऑडियो में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और कथित तौर पर सामने आए ‘मैनेजमेंट’ के दावे की वास्तविकता क्या है।

सदर प्रखंड छपरा में कार्यरत प्रखंड समन्वयक (बीसी) अंकित कुमार गुप्ता

सदर प्रखंड छपरा अंचल कार्यालय।

सदर प्रखंड छपरा में कार्यरत प्रखंड समन्वयक (बीसी) अंकित कुमार गुप्ता

सदर प्रखंड छपरा।

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