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फंदा टूटा और बच गई जान
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
Updated Sat, 25 Jul 2015 11:10 PM IST
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सिधौली कोतवाली क्षेत्र में शनिवार को एक युवक ने अपने ही चचेरे मासूम भाई की हत्या का प्रयास किया। उसने पांच साल के मासूम को फांसी के फंदे पर लटका दिया। यह तो भला रहा कि ऐन वक्त पर रस्सी टूट गई और मासूम की जान बच गई। पुलिस ने इस मामले में युवक के खिलाफ हत्या के प्रयास आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। आरोपी युवक फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।
ग्राम खिड़की पुरवा बालपुर निवासी अंबर के पुत्र मोहित (5) को उसका चचेरा भाई रंजीत अमरूद खिलाने के बहाने घर से बुला ले गया। गांव के बाहर बाग में पहुंचते ही रंजीत ने मोहित को दबोच लिया और गले मेें रस्सी का फंदा बनाकर मासूम को अमरूद की एक डाल में बांध दिया और वहां से भाग निकला। यह तो भला रहा कि ऐन वक्त पर मासूम के गले में बंधी रस्सी टूट गई और वह जमीन पर गिर गया। बेहाल मोहित सीधे घर पहुंचा और गिर पड़ा। परिवार ने मोहित को आननफानन अस्पताल पहुंचाया। यहां इलाज के बाद हालत में सुधार होने पर उसने आपबीती बताई।
मोहित के पिता ने कहा कि उसने कभी भी रंजीत को डांटा-फटकारा नहीं। न जाने उसने ऐसा क्यों किया। प्रभारी निरीक्षक रवींद्रनाथ राय ने बताया कि बालक के गले मेें रस्सी के कसाव के निशान पाए गए हैं। ये निशान हत्या के प्रयास की पुष्टि भी कर रहे हैं। बालक के पिता की तहरीर पर रंजीत के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी युवक की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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संपत्ति हथियाने के लिए तो नहीं रची साजिश
मोहित की हत्या का प्रयास उसके चचेरे भाई रंजीत द्वारा किया जाने की खबर सुनकर हर कोई हैरत में है। अंबर के परिवार में उसकी पत्नी, दो पुत्रियों के अलावा इकलौता पुत्र मोहित है। यही वजह है कि अंबर की संपत्ति का इकलौता वारिस सिर्फ मोहित ही है। शायद यह बात उसके चचेरे भाई रंजीत को अखर रही थी। लोगों का कहना है कि बड़े ही शातिर अंदाज में रंजीत ने यह कदम उठाया। उसे अंदेशा था कि चाचा का वारिस न होने पर वह ही संपत्ति का हकदार हो सकता है।
ग्राम खिड़की पुरवा बालपुर निवासी अंबर के पुत्र मोहित (5) को उसका चचेरा भाई रंजीत अमरूद खिलाने के बहाने घर से बुला ले गया। गांव के बाहर बाग में पहुंचते ही रंजीत ने मोहित को दबोच लिया और गले मेें रस्सी का फंदा बनाकर मासूम को अमरूद की एक डाल में बांध दिया और वहां से भाग निकला। यह तो भला रहा कि ऐन वक्त पर मासूम के गले में बंधी रस्सी टूट गई और वह जमीन पर गिर गया। बेहाल मोहित सीधे घर पहुंचा और गिर पड़ा। परिवार ने मोहित को आननफानन अस्पताल पहुंचाया। यहां इलाज के बाद हालत में सुधार होने पर उसने आपबीती बताई।
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मोहित के पिता ने कहा कि उसने कभी भी रंजीत को डांटा-फटकारा नहीं। न जाने उसने ऐसा क्यों किया। प्रभारी निरीक्षक रवींद्रनाथ राय ने बताया कि बालक के गले मेें रस्सी के कसाव के निशान पाए गए हैं। ये निशान हत्या के प्रयास की पुष्टि भी कर रहे हैं। बालक के पिता की तहरीर पर रंजीत के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी युवक की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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संपत्ति हथियाने के लिए तो नहीं रची साजिश
मोहित की हत्या का प्रयास उसके चचेरे भाई रंजीत द्वारा किया जाने की खबर सुनकर हर कोई हैरत में है। अंबर के परिवार में उसकी पत्नी, दो पुत्रियों के अलावा इकलौता पुत्र मोहित है। यही वजह है कि अंबर की संपत्ति का इकलौता वारिस सिर्फ मोहित ही है। शायद यह बात उसके चचेरे भाई रंजीत को अखर रही थी। लोगों का कहना है कि बड़े ही शातिर अंदाज में रंजीत ने यह कदम उठाया। उसे अंदेशा था कि चाचा का वारिस न होने पर वह ही संपत्ति का हकदार हो सकता है।