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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   flames controled aftre coming Foam machine from Kanpur

कानपुर से आई फोम तब बुझीं लपटें

Sun, 20 Sep 2015 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर Updated Sun, 20 Sep 2015 11:44 PM IST
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हरगांव के अवध शुगर मिल की डिस्टिलरी में शनिवार दोपहर लगी आग पर रविवार देर रात आठ बजे काबू पाया जा सका। यहां पर एक टैंक में धमाके के बाद भड़की लपटों पर काबू पाने के लिए सीतापुर के अलावा लखीमपुर खीरी व लखनऊ की दमकल टीमों को लगाया गया था।

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सारी कोशिशें नाकाम होने पर अब आग पर काबू पाने के लिए कानपुर से फोम (अल्कोहल की आग बुझाने वाला केमिकल) मंगाया गया। लैडर के जरिए टैंक में फोम डालकर आग बुझाई गई। तब लपटें शांत हो सकीं।
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उधर, इस घटना में मारे गए मिल के कर्मचारी के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद रविवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। मिल प्रशासन ने मुआवजे के साथ मृतक के नाबालिग बेटे को बालिग होने पर नौकरी देने का आश्वासन दिया है।
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हरगांव के सुर्जीपारा स्थित दि-अवध शुगर मिल की डिस्टिलरी में शनिवार दोपहर तेज धमाके के बाद दो टैंकों में आग लग गई थी। जिसमें वहां काम कर रहे एक मजदूर के चीथड़े उड़ गए थे। वहीं लखनऊ, सीतापुर व लखीमपुर खीरी जिले की दमकल टीमों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया था लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी।

इस बीच ऑयल फोम भी टैंक में डाला गया, लेकिन उससे आग नहीं बुझी। जिसके बाद मिल प्रशासन ने कानपुर से मदद मांगी। कानपुर व लखनऊ से तीन सौ लीटर अल्कोहल बुझाने वाला केमिकल (फोम) मंगाया गया। रविवार शाम को फोम पहुंचने पर कर्मचारी आग पर काबू पाने में जुटे रहे।

काफी प्रयास के बाद रात आठ बजे लपटों पर काबू पाया जा सका। इस दौरान मिलकर्मी व दमकल टीमें पानी की बौछार से टैंक को ठंडा करते दिखे। साथ ही लखनऊ से लाई गई लैडर सिस्टम के जरिए टैंक के भीतर की पल-पल की जानकारी ली जाती रही।

वहीं हादसे के बाद हुए धमाके में मिल में काम कर रहे एक कर्मचारी के चीथड़े उड़ गए। इस वजह से पहचान में काफी दिक्कतें हो रही थीं। बाद में पत्नी अनीता ने हाथ में बंधे कलावे से उसकी पहचान क्षेत्र के मकसूदपुर निवासी आदित्य के रूप में की थी।


इस मामले में मृतक कर्मचारी के परिवारीजन मिल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग कर रहे थे। काफी प्रयास के बाद मिल प्रशासन ने वार्ता कर परिवारीजनों को शांत कराया। मिल के अधिशाषी अधिकारी डीके शर्मा ने बताया कि मृतक के आश्रितों को छह लाख चालीस हजार रुपये, बालिग होने पर मृतक के बेटे को नौकरी दी जाएगी। 

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