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संदना थाने से शिकायतकर्ता की बाइक चोरी से हड़कंप
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एक मामले की तहरीर देने आया था पीड़ित
संदना (सीतापुर)। थाना पुलिस की लापरवाह कार्यशैली की शनिवार को कलई खुल गई। एक आपराधिक मामले की शिकायत करने आए ग्रामीण की चोरों ने थाने से बाइक चोरी कर ली। बाइक चोरी होने पर पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। आननफानन में बाइक का पता लगाया जाने लगा, लेकिन समाचार लिखे जाने तक बाइक का पता नहीं चला।
थानेदार घटना को झूठा बता पूरे मामले को ही दबाने में जुटे हैं। संदना इलाके के हरिहरपुर धरौली गांव के लालता अपने बेटे को दहेज में मिली बाइक से एक मामले की शिकायत लेकर संदना थाने गए थे। शनिवार को थाने पहुंच लालता ने बाइक थाना परिसर में ही खड़ी कर दी और स्वयं थाना कार्यालय चले गए।
जब वापस लौटे तो बाइक नदारद मिली। इस पर उन्होंने थाने में मौजूद पुलिस कर्मियों को घटना की जानकारी दी। थाने से बाइक चोरी की खबर से वहां हड़कंप मच गया। इस बाबत लालता ने तहरीर भी दी। लेकिन पुलिस बदनामी के चलते घटना को दबाने में जुट गई।
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केस दर्ज करने के बजाय पीड़ित को ही बाइक ढूंढने में लगा दिया। इंतहा तब हुई जब थाना प्रभारी ने इस घटना को सिरे से ही खारिज कर दिया। थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह का कहना था कि अरे कौन कह रहा है थाने से बाइक चोरी हुई। ऐसा कुछ है ही नहीं।
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संदना (सीतापुर)। थाना पुलिस की लापरवाह कार्यशैली की शनिवार को कलई खुल गई। एक आपराधिक मामले की शिकायत करने आए ग्रामीण की चोरों ने थाने से बाइक चोरी कर ली। बाइक चोरी होने पर पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। आननफानन में बाइक का पता लगाया जाने लगा, लेकिन समाचार लिखे जाने तक बाइक का पता नहीं चला।
थानेदार घटना को झूठा बता पूरे मामले को ही दबाने में जुटे हैं। संदना इलाके के हरिहरपुर धरौली गांव के लालता अपने बेटे को दहेज में मिली बाइक से एक मामले की शिकायत लेकर संदना थाने गए थे। शनिवार को थाने पहुंच लालता ने बाइक थाना परिसर में ही खड़ी कर दी और स्वयं थाना कार्यालय चले गए।
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जब वापस लौटे तो बाइक नदारद मिली। इस पर उन्होंने थाने में मौजूद पुलिस कर्मियों को घटना की जानकारी दी। थाने से बाइक चोरी की खबर से वहां हड़कंप मच गया। इस बाबत लालता ने तहरीर भी दी। लेकिन पुलिस बदनामी के चलते घटना को दबाने में जुट गई।
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केस दर्ज करने के बजाय पीड़ित को ही बाइक ढूंढने में लगा दिया। इंतहा तब हुई जब थाना प्रभारी ने इस घटना को सिरे से ही खारिज कर दिया। थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह का कहना था कि अरे कौन कह रहा है थाने से बाइक चोरी हुई। ऐसा कुछ है ही नहीं।