फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Ultrasound machine stored in the malkhana (evidence room) sealed ASHA worker who identified the fetus as female sent to jail

Aligarh News: मालखाने में रखी अल्ट्रासाउंड मशीन सील, भ्रूण को लड़की बताने वाली आशा भेजी जेल

Sat, 05 Sep 2026 02:40 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 05 Sep 2026 02:40 AM IST
विज्ञापन
Ultrasound machine stored in the malkhana (evidence room) sealed ASHA worker who identified the fetus as female sent to jail
रामघाट रोड स्थित के सिंघल हॉस्पिटल में सील की गई अल्ट्रासाउंड मशीन के साथ पुलिस और स्वास्थ्य वि - फोटो : samvad
रामघाट रोड स्थित केसी सिंघल अस्पताल में भ्रूण लिंग जांच के मामले में शुक्रवार को कार्रवाई का सिलसिला आगे बढ़ा। मामले की जांच कर रहे एसीएमओ डॉ. दिनेश खत्री अस्पताल पहुंचे और संबंधित कागजात खंगाले। वहां से मिली जानकारी के बाद वह सीधे महुआखेड़ा थाने पहुंचे। जहां मालखाने में रखी अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर दिया। एक दिन पहले पुलिस ने अस्पताल से इस मशीन को कब्जे में लिया था। भ्रूण को लड़की बताने वाली आरोपी आशा कमलेश शर्मा को पुलिस ने जेल भेज दिया।
विज्ञापन



सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम (पीसी पीएनडीटी) के तहत रिपोर्ट दर्ज कर इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस दोनों अलग अलग जांच कर रहे हैं। पुलिस से सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल जाकर पूछताछ की और थाने पहुंचकर अल्ट्रासाउंड मशीन को सील किया। सीएमओ ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार की है जिसे जिलाधिकारी को सौंप दिया है।
विज्ञापन



जिलाधिकारी ने इस रिपोर्ट में की गई सिफारिशों के आधार पर एक जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए जिसमें स्वास्थ्य विभाग और पीसी पीएनडीटी नोडल अधिकारी शामिल हैं। अब ये समिति इस मामले में अस्पताल की भूमिका को लेकर जांच करेगी। इस मामले में अस्पताल का पंजीकरण तक रद्द किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दरअसल हाथरस के निनामई गांव के मनोज कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि उनकी गर्भवती पत्नी 26 अगस्त को धनीपुर मंडी निवासी आशा कार्यकर्ता कमलेश शर्मा के कहने पर रामघाट रोड स्थित केसी सिंघल अस्पताल गई थीं। वहां डॉ. सविता सिंघल ने अल्ट्रासाउंड किया। मनोज के मुताबिक, जांच के बाद चिकित्सक ने गर्भ में बेटी होने की बात कही। आरोप है कि इसके बाद आशा कार्यकर्ता ने गर्भपात कराने के लिए महिला को गोली भी दी। मनोज का कहना है कि दो सितंबर को महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई और करीब 17 सप्ताह का गर्भ गिर गया। उन्होंने दावा किया कि गिरा हुआ भ्रूण लड़के का था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डॉ. सविता सिंघल और आशा कार्यकर्ता कमलेश शर्मा के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। तीन सितंबर को पुलिस ने गिरफ्तार आशा कार्यकर्ता का फोटो और बयान भी जारी किया।

अस्पताल पहुंची टीम, कागजात की जांच शुरू
सीएमओ डॉ. आरएन सिंह के निर्देश पर एसीएमओ डॉ. दिनेश खत्री को जांच अधिकारी बनाया गया है। शुक्रवार को वह अस्पताल पहुंचे और प्रकरण से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू की। इसी दौरान पता चला कि अल्ट्रासाउंड मशीन पुलिस के कब्जे में महुआखेड़ा थाने के मालखाने में रखी है। इसके बाद टीम थाने पहुंची और मशीन को सील कराया। आशा कमलेश शर्मा की संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए हरदुआगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक को भी निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed