{"_id":"5a1714324f1c1bc8678bd59e","slug":"91511461938-sitapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नवजात को मरने के लिए झाडिय़ों में फेंका, इलाज के दौरान तोड़ा दम","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नवजात को मरने के लिए झाडिय़ों में फेंका, इलाज के दौरान तोड़ा दम
Updated Fri, 24 Nov 2017 01:18 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शर्मसार : दुधमुंही को झाड़ियों में फेंका, टूटी सांसों की डोर
औरंगाबाद (सीतापुर)। मानवता एक बार फिर से शर्मसार हुई है। गुरुवार को झाड़ियों में एक बच्ची पड़ी मिली। भूख से बिलख रही मासूम की आवाज सुन कुछ लोग झाड़ियों में पहुंचे तो कलेजा हाथ में आ गया।
आननफानन पुलिस को सूचना दी गई लेकिन दुधमुंही सर्दी न सह सकी और सीएचसी में इलाज के दौरान कुछ देर बाद ही उसकी सांसें थम गईं।
अब पुलिस जांच की बात कह रही है। ग्रामीणों की मानें तो ठंड के बीच झाड़ियों में पड़े रहने से बच्ची को सर्दी लग गई होगी।
मिश्रिख के अरबगंज के कुछ ग्रामीण गुरुवार सुबह टहलने निकले थे। इसी बीच गांव के बाहर झाड़ियों से किसी बच्चे की रोने की आवाज सुन लोगों के कदम ठिठक गए।
ग्रामीण करीब पहुंचे, तो वहां एक कपड़े में लिपटी बच्ची रो रही थी। सर्द मौसम में भी तन पर ज्यादा कपड़े नहीं थे। गांव के लोगों ने बिना देर किए सूचना पुलिस को दी।
पुलिस मौके पर पहुंची और उसे सीएचसी ले गई। लेकिन यहां पर इलाज के दौरान कुछ देर में ही नवजात ने दम तोड़ दिया।
ग्रामीणों की मानें तो बच्ची को देखकर लग रहा था कि कुछ देर पहले ही उसका जन्म हुआ होगा। वहीं वरिष्ठ उपनिरीक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने बताया कि बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
औरंगाबाद (सीतापुर)। मानवता एक बार फिर से शर्मसार हुई है। गुरुवार को झाड़ियों में एक बच्ची पड़ी मिली। भूख से बिलख रही मासूम की आवाज सुन कुछ लोग झाड़ियों में पहुंचे तो कलेजा हाथ में आ गया।
आननफानन पुलिस को सूचना दी गई लेकिन दुधमुंही सर्दी न सह सकी और सीएचसी में इलाज के दौरान कुछ देर बाद ही उसकी सांसें थम गईं।
अब पुलिस जांच की बात कह रही है। ग्रामीणों की मानें तो ठंड के बीच झाड़ियों में पड़े रहने से बच्ची को सर्दी लग गई होगी।
मिश्रिख के अरबगंज के कुछ ग्रामीण गुरुवार सुबह टहलने निकले थे। इसी बीच गांव के बाहर झाड़ियों से किसी बच्चे की रोने की आवाज सुन लोगों के कदम ठिठक गए।
ग्रामीण करीब पहुंचे, तो वहां एक कपड़े में लिपटी बच्ची रो रही थी। सर्द मौसम में भी तन पर ज्यादा कपड़े नहीं थे। गांव के लोगों ने बिना देर किए सूचना पुलिस को दी।
विज्ञापन
पुलिस मौके पर पहुंची और उसे सीएचसी ले गई। लेकिन यहां पर इलाज के दौरान कुछ देर में ही नवजात ने दम तोड़ दिया।
ग्रामीणों की मानें तो बच्ची को देखकर लग रहा था कि कुछ देर पहले ही उसका जन्म हुआ होगा। वहीं वरिष्ठ उपनिरीक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने बताया कि बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन