{"_id":"5c3f7f67bdec22732e1efafa","slug":"71547665255-sitapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मासूम बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास व हत्या में एक को उम्रकैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मासूम बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास व हत्या में एक को उम्रकैद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महोली थाना क्षेत्र में 12 फरवरी 2013 को अंजाम दी गई थी वारदात
सीतापुर। अपर सत्र न्यायाधीश गगन कुमार भारती ने नौ वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के प्रयास व उसकी हत्या के मामले में एक अभियुक्त को आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मोनिका दीक्षित द्वारा की गई।
महोली थानाक्षेत्र के एक गांव में 12 फरवरी 2013 को घटित इस घटना की प्राथमिकी मृतक बच्ची के पिता द्वारा दर्ज कराते हुए गांव के ही प्रमोद कुमार उर्फ बच्चा रैदास को नामजद किया गया था। वादी के मुताबिक 11 फरवरी 2013 की रात गांव में ही एक नौटंकी का कार्यक्रम चल रहा था।
जिसमें वादी ने बीड़ी-सिगरेट व पुड़िया की दुकान लगा रखी थी। देर रात तक चले कार्यक्रम में बच्ची के नींद आने के चलते वादी ने उसे प्रमोद उर्फ बच्चा रैदास के साथ घर भेज दिया। लेकिन बच्ची घर नहीं पहुंची। तलाश करने पर बच्चा रैदास भी अपने घर से गायब मिला।
विज्ञापन
उक्त नाबालिग बच्ची की लाश उसी दिन गांव के ही तालाब में पड़ी पाई गई। जिसमें दर्ज प्राथमिकी पर विवेचना करते हुए पुलिस ने आरोपी बच्चा रैदास पर नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास में असफल रहने पर उसकी हत्या का आरोप लगाया।
सुनवाई के दौरान न्यायालय में साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश ने अभियुक्त को आजीवन कारावास व 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने अपने आदेश में अभियुक्त द्वारा जमा कराई गई जुर्माने की रकम में से 25 हजार रुपये बतौर क्षतिपूर्ति वादी को दिए जाने के आदेश भी दिए हैं।
विज्ञापन
सीतापुर। अपर सत्र न्यायाधीश गगन कुमार भारती ने नौ वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के प्रयास व उसकी हत्या के मामले में एक अभियुक्त को आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मोनिका दीक्षित द्वारा की गई।
महोली थानाक्षेत्र के एक गांव में 12 फरवरी 2013 को घटित इस घटना की प्राथमिकी मृतक बच्ची के पिता द्वारा दर्ज कराते हुए गांव के ही प्रमोद कुमार उर्फ बच्चा रैदास को नामजद किया गया था। वादी के मुताबिक 11 फरवरी 2013 की रात गांव में ही एक नौटंकी का कार्यक्रम चल रहा था।
विज्ञापन
जिसमें वादी ने बीड़ी-सिगरेट व पुड़िया की दुकान लगा रखी थी। देर रात तक चले कार्यक्रम में बच्ची के नींद आने के चलते वादी ने उसे प्रमोद उर्फ बच्चा रैदास के साथ घर भेज दिया। लेकिन बच्ची घर नहीं पहुंची। तलाश करने पर बच्चा रैदास भी अपने घर से गायब मिला।
विज्ञापन
उक्त नाबालिग बच्ची की लाश उसी दिन गांव के ही तालाब में पड़ी पाई गई। जिसमें दर्ज प्राथमिकी पर विवेचना करते हुए पुलिस ने आरोपी बच्चा रैदास पर नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास में असफल रहने पर उसकी हत्या का आरोप लगाया।
सुनवाई के दौरान न्यायालय में साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश ने अभियुक्त को आजीवन कारावास व 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने अपने आदेश में अभियुक्त द्वारा जमा कराई गई जुर्माने की रकम में से 25 हजार रुपये बतौर क्षतिपूर्ति वादी को दिए जाने के आदेश भी दिए हैं।