{"_id":"5a2834014f1c1b69678c062d","slug":"51512584193-sitapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन भाईयों समेत चार को सात वर्ष का कारावास","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
तीन भाईयों समेत चार को सात वर्ष का कारावास
Updated Thu, 07 Dec 2017 12:34 AM IST
विज्ञापन
गैर इरादतन हत्या का मामला
सीतापुर। अपर जिला सत्र एवं न्यायाधीश सूर्य प्रकाश शर्मा ने गैर इरादतन हत्या के मुकदमे में तीन सगे भाइयों सहित चार लोगों को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आफान हसन सिद्दीकी ने की।
मालूम हो कि बीते अगस्त 2010 को हरगांव थाना इलाके के राजापुर निवासी संतराम अपने लड़का श्रवण कुमार और भाई रामसागर घर के बाहर बैठे थे। गांव के ही घनश्याम, रमेश, हरीश पुत्रगण जराखन एवं मोहन ने उसे गालियां दी।
विरोध करने पर लात घूसों व लाठी डंडों व बांके से मारापीटा भी था। जिससे उन्हें काफी चोटें आईं। इस मामले की वादी संत ने थाने में केस दर्ज कराया था। मामले की विवेचना के बाद पुलिस ने नामजद आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र प्रेषित किया।
विज्ञापन
तत्पश्चात वादी मुकदमा ने अवर न्यायालय में इस आशय का परिवाद दाखिल किया कि उक्त मारपीट की रामसागर की बच्ची की मृत्यु हुई है, जिसमें मजिस्ट्रेट द्वारा परिवादी का साक्ष्य अंकित किया गया। न्यायालय में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश सूर्य प्रकाश शर्मा ने मामले की सुनवाई पूर्ण कर आरोपियों घनश्याम, रमेश, हरीश व मोहन को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
सीतापुर। अपर जिला सत्र एवं न्यायाधीश सूर्य प्रकाश शर्मा ने गैर इरादतन हत्या के मुकदमे में तीन सगे भाइयों सहित चार लोगों को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आफान हसन सिद्दीकी ने की।
मालूम हो कि बीते अगस्त 2010 को हरगांव थाना इलाके के राजापुर निवासी संतराम अपने लड़का श्रवण कुमार और भाई रामसागर घर के बाहर बैठे थे। गांव के ही घनश्याम, रमेश, हरीश पुत्रगण जराखन एवं मोहन ने उसे गालियां दी।
विज्ञापन
विरोध करने पर लात घूसों व लाठी डंडों व बांके से मारापीटा भी था। जिससे उन्हें काफी चोटें आईं। इस मामले की वादी संत ने थाने में केस दर्ज कराया था। मामले की विवेचना के बाद पुलिस ने नामजद आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र प्रेषित किया।
विज्ञापन
तत्पश्चात वादी मुकदमा ने अवर न्यायालय में इस आशय का परिवाद दाखिल किया कि उक्त मारपीट की रामसागर की बच्ची की मृत्यु हुई है, जिसमें मजिस्ट्रेट द्वारा परिवादी का साक्ष्य अंकित किया गया। न्यायालय में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश सूर्य प्रकाश शर्मा ने मामले की सुनवाई पूर्ण कर आरोपियों घनश्याम, रमेश, हरीश व मोहन को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।