{"_id":"5a0b28a64f1c1bc9678bb9a9","slug":"41510680742-sitapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"संदिग्ध हालात में वृद्ध की मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
संदिग्ध हालात में वृद्ध की मौत
Updated Tue, 14 Nov 2017 11:02 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बैंक के बाहर वृद्ध का शव रखकर हंगामा
बड़ागांव (सीतापुर)। महोली कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार को एक वृद्ध की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। इस पर परिवारीजनों ने बैंक के बाहर शव रखकर हंगामा किया।
परिवारीजनों का आरोप है कि, बीमार बुजुर्ग अपने इलाज के लिए बैंक से रकम निकालने गए थे। लाइन मेें अपनी बारी का इंतजार करते वक्त उनकी मौत हो गई।
वहीं, बैंक प्रबंधन का कहना है कि परिवारीजन उन्हें मृत अवस्था में लेकर बैंक आए थे। पुलिस मामले में जांच की बात कह रही है।
महोली कोतवाली क्षेत्र के ग्राम ढखिया निवासी संतराम (63) की मंगलवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। घटना के बाद परिवारीजन गांव मेें स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा के सामने शव रखकर हंगामा करने लगे।
परिवारीजनों का आरोप था कि संतराम बीमार थे और इलाज के लिए रुपये निकालने बैंक गए थे। वहां वाउचर जमा करके वह अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।
बैंक में इतनी देर लग गई, कि जब तक संतराम का नंबर आता उनकी मौत हो गई। वहीं, शाखा प्रबंधक एके सिंह ने बताया कि, 1200 रुपये निकासी का एक वाउचर उनके पास आया था।
विज्ञापन
जब उन्होंने पूछा की खाताधारक कहां है, तब परिवारीजन चारपाई पर संतराम को मृत अवस्था में लेकर बैंक के सामने आए। खाताधारक मृत था, इस वजह से प्रबंधक ने रकम निकासी से मना कर दिया।
इस पर संतराम के परिवारीजन हंगामा करने लगे। बैंक प्रबंधन की मानें तो संतराम के खाते में सिर्फ 1260 रुपये हैं। संतराम की मौत होने पर परिवारीजनों ने उसके खाते से रुपये निकालने का प्रयास किया और रकम निकासी पर रोक से नाराज होकर हंगामा शुरू कर दिया। महोली इंस्पेक्टर मथुरा राय ने बताया कि, मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
बड़ागांव (सीतापुर)। महोली कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार को एक वृद्ध की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। इस पर परिवारीजनों ने बैंक के बाहर शव रखकर हंगामा किया।
परिवारीजनों का आरोप है कि, बीमार बुजुर्ग अपने इलाज के लिए बैंक से रकम निकालने गए थे। लाइन मेें अपनी बारी का इंतजार करते वक्त उनकी मौत हो गई।
वहीं, बैंक प्रबंधन का कहना है कि परिवारीजन उन्हें मृत अवस्था में लेकर बैंक आए थे। पुलिस मामले में जांच की बात कह रही है।
महोली कोतवाली क्षेत्र के ग्राम ढखिया निवासी संतराम (63) की मंगलवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। घटना के बाद परिवारीजन गांव मेें स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा के सामने शव रखकर हंगामा करने लगे।
विज्ञापन
परिवारीजनों का आरोप था कि संतराम बीमार थे और इलाज के लिए रुपये निकालने बैंक गए थे। वहां वाउचर जमा करके वह अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।
बैंक में इतनी देर लग गई, कि जब तक संतराम का नंबर आता उनकी मौत हो गई। वहीं, शाखा प्रबंधक एके सिंह ने बताया कि, 1200 रुपये निकासी का एक वाउचर उनके पास आया था।
विज्ञापन
जब उन्होंने पूछा की खाताधारक कहां है, तब परिवारीजन चारपाई पर संतराम को मृत अवस्था में लेकर बैंक के सामने आए। खाताधारक मृत था, इस वजह से प्रबंधक ने रकम निकासी से मना कर दिया।
इस पर संतराम के परिवारीजन हंगामा करने लगे। बैंक प्रबंधन की मानें तो संतराम के खाते में सिर्फ 1260 रुपये हैं। संतराम की मौत होने पर परिवारीजनों ने उसके खाते से रुपये निकालने का प्रयास किया और रकम निकासी पर रोक से नाराज होकर हंगामा शुरू कर दिया। महोली इंस्पेक्टर मथुरा राय ने बताया कि, मामले की जांच की जा रही है।