{"_id":"5a185e4a4f1c1b8d698bd9f3","slug":"171511546442-sitapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुष्कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दुष्कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास
Updated Sat, 25 Nov 2017 01:34 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नाबालिग से दुष्कर्म पर आजीवन कारावास
सीतापुर। अपर सत्र न्यायाधीश सूर्य प्रकाश शर्मा ने बच्ची से दुराचार के मामले में एक व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
साथ ही उस पर पंद्रह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। मुकदमे में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आफान हसन सिद्दीकी ने की। मामला 8 जनवरी 2013 का है।
लहरपुर निवासी एक पीड़ित बालिका का पिता घर के बाहर काम से गया था। उसकी पत्नी रिश्तेदारी में गई थी। घर पर नौ वर्षीय पुुत्री व पुत्र ही थे।
तभी दोपहर को गांव का साजिद घर पहुंचा और लड़के को समोसा लाने के लिए बाहर भेज दिया और बालिका के साथ दुराचार किया और उसे लहूलुहान हालत में छोड़कर भाग गया।
डर के मारे दोनो बच्चे बेसुध पड़े रहे। रात में वादी पिता व मां के वापस घर आने पर बच्चों ने पूरी घटना बताई। मामले की विवेचना के उपरांत पुलिस ने आरोपी साजिद के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
विज्ञापन
न्यायाधीश सूर्य प्रकाश शर्मा ने इस मामले में साजिद को दोषी करार दिया और उसे आजीवन कारावास एवं पंद्रह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
न्यायालय ने दोष सिद्ध पर अधिरोपित अर्थदंड में से बारह हजार रुपये पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान किए जाने का आदेश पारित किया है।
विज्ञापन
सीतापुर। अपर सत्र न्यायाधीश सूर्य प्रकाश शर्मा ने बच्ची से दुराचार के मामले में एक व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
साथ ही उस पर पंद्रह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। मुकदमे में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आफान हसन सिद्दीकी ने की। मामला 8 जनवरी 2013 का है।
लहरपुर निवासी एक पीड़ित बालिका का पिता घर के बाहर काम से गया था। उसकी पत्नी रिश्तेदारी में गई थी। घर पर नौ वर्षीय पुुत्री व पुत्र ही थे।
तभी दोपहर को गांव का साजिद घर पहुंचा और लड़के को समोसा लाने के लिए बाहर भेज दिया और बालिका के साथ दुराचार किया और उसे लहूलुहान हालत में छोड़कर भाग गया।
विज्ञापन
डर के मारे दोनो बच्चे बेसुध पड़े रहे। रात में वादी पिता व मां के वापस घर आने पर बच्चों ने पूरी घटना बताई। मामले की विवेचना के उपरांत पुलिस ने आरोपी साजिद के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
विज्ञापन
न्यायाधीश सूर्य प्रकाश शर्मा ने इस मामले में साजिद को दोषी करार दिया और उसे आजीवन कारावास एवं पंद्रह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
न्यायालय ने दोष सिद्ध पर अधिरोपित अर्थदंड में से बारह हजार रुपये पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान किए जाने का आदेश पारित किया है।