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धूप-छांव के बाद भी भीषण गर्मी से नहीं मिली राहत
Updated Thu, 14 Jun 2018 11:32 PM IST
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बारिश न होने से आम लोगों के साथ किसान भी परेशान
सीतापुर। पिछले कई दिनों से मौसम का मिजाज काफी तल्ख है। बारिश नहीं होने से भीषण गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है। घिरने वाले बादलों के नहीं बरसने से आम जन के साथ किसान भी परेशान होने लगे हैं। जिले के कई हिस्सों में बुधवार की शाम आंधी-बारिश के बाद उमस और भी बढ़ गई है।
गुरुवार को दिन में धूप-छांव का खेल चला। सूरज बादलों में छिपने से मौसम नरम होने का अहसास होता लेकिन अगले ही पल चिलचिलाती धूप लोगों को बेहाल कर देती। गुरुवार को पारे में मामूली गिरावट के बाद भी उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत नही मिल सकी।
जिले में पिछले कई दिनों से आसमान में बादल तो छाते हैं, लेकिन बारिश नहीं हो रही है। इससे उमस व गर्मी दोनों से लोगों को राहत नही मिल रही है। लिहाजा, आम आदमी परेशान है तो किसानों की मुसीबत भी बढ़ गई है। विगत बुधवार को जिले के बिसवां इलाके में आई आंधी-बारिश का असर गुरुवार की सुबह भी दिखाई दिया।
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सूरज खुलकर अपनी चमक नही बिखेर सका। हालांकि बीच-बीच में तीखी धूप भी रही। धूप-छांव का खेल रुक-रुककर दिन भर चलता रहा। इसका असर तापमान पर भी रहा। बुधवार के मुकाबले पारा एक डिग्री लुढ़क गया। लेकिन उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल रहे।
उधर, बारिश न होने से धान की रोपाई को तैयार किसानों की मुसीबत भी बढ़ती जा रही है। किसान अब निजी व सरकारी नलकूपों के सहारे हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, गुरुवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री और न्यूनतम 30 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
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सीतापुर। पिछले कई दिनों से मौसम का मिजाज काफी तल्ख है। बारिश नहीं होने से भीषण गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है। घिरने वाले बादलों के नहीं बरसने से आम जन के साथ किसान भी परेशान होने लगे हैं। जिले के कई हिस्सों में बुधवार की शाम आंधी-बारिश के बाद उमस और भी बढ़ गई है।
गुरुवार को दिन में धूप-छांव का खेल चला। सूरज बादलों में छिपने से मौसम नरम होने का अहसास होता लेकिन अगले ही पल चिलचिलाती धूप लोगों को बेहाल कर देती। गुरुवार को पारे में मामूली गिरावट के बाद भी उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत नही मिल सकी।
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जिले में पिछले कई दिनों से आसमान में बादल तो छाते हैं, लेकिन बारिश नहीं हो रही है। इससे उमस व गर्मी दोनों से लोगों को राहत नही मिल रही है। लिहाजा, आम आदमी परेशान है तो किसानों की मुसीबत भी बढ़ गई है। विगत बुधवार को जिले के बिसवां इलाके में आई आंधी-बारिश का असर गुरुवार की सुबह भी दिखाई दिया।
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सूरज खुलकर अपनी चमक नही बिखेर सका। हालांकि बीच-बीच में तीखी धूप भी रही। धूप-छांव का खेल रुक-रुककर दिन भर चलता रहा। इसका असर तापमान पर भी रहा। बुधवार के मुकाबले पारा एक डिग्री लुढ़क गया। लेकिन उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल रहे।
उधर, बारिश न होने से धान की रोपाई को तैयार किसानों की मुसीबत भी बढ़ती जा रही है। किसान अब निजी व सरकारी नलकूपों के सहारे हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, गुरुवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री और न्यूनतम 30 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।