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काउंसलिंग का बहिष्कार कर डायट पर जड़ा ताला
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 15 Oct 2016 11:52 PM IST
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काउंसलिंग
- फोटो : amar ujala
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काउंसलिंग के दौरान सड़क के किनारे पड़ने वाले स्कूलों में पद खाली होने के बावजूद ऑप्शन न होने से शनिवार को शिक्षक भड़क गए। नाराज शिक्षकों ने काउंसलिंग का बहिष्कार कर डायट कार्यालय पर ताला जड़ दिया।
सूचना पाकर पुलिस व एसडीएम मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर उन्हें शांत कराया। शिक्षकों के सापेक्ष दो गुने विद्यालय का ऑप्शन देने के आश्वासन पर प्रदर्शनकारी शांत हो गए। अब नए सिरे से फिर से काउंसलिंग कराई जाएगी।
अंतरजनपदीय स्थानांतरण के तहत जिले में 132 शिक्षक आए हैं। इनको अब स्कूल आवंटित किए जाएंगे। इसको लेकर शनिवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) पर शिक्षकों को बुलाया गया था, लेकिन विभाग ने जितने शिक्षक उतने ही स्कूल के ऑप्शन दिए।
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इस ऑप्शन में कई ऐसे विद्यालयों को शामिल नहीं किया गया, जहां शिक्षकों के पद खाली पड़े थे। ऑप्शन में सड़क के किनारे पड़ने वाले स्कूलों को छुपा लिया गया। जबकि ऑप्शन में ऐसे स्कूलों को शामिल किया गया जो शहर व कस्बे से काफी दूर थे।
इससे शिक्षक भड़क गए। शिक्षकों ने डायट के गेट पर ताला जड़ दिया और धरने पर बैठ गए। बीएसए से सूचना पाकर एसडीएम सदर दीपेंद्र यादव मौके पर पहुंचे। काफी देर तक बीएसए के साथ चली बैठक के बाद शिक्षकों के सापेक्ष दो गुने विद्यालय का ऑप्शन देने का निर्णय लिया गया।
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सूचना पाकर पुलिस व एसडीएम मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर उन्हें शांत कराया। शिक्षकों के सापेक्ष दो गुने विद्यालय का ऑप्शन देने के आश्वासन पर प्रदर्शनकारी शांत हो गए। अब नए सिरे से फिर से काउंसलिंग कराई जाएगी।
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अंतरजनपदीय स्थानांतरण के तहत जिले में 132 शिक्षक आए हैं। इनको अब स्कूल आवंटित किए जाएंगे। इसको लेकर शनिवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) पर शिक्षकों को बुलाया गया था, लेकिन विभाग ने जितने शिक्षक उतने ही स्कूल के ऑप्शन दिए।
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इस ऑप्शन में कई ऐसे विद्यालयों को शामिल नहीं किया गया, जहां शिक्षकों के पद खाली पड़े थे। ऑप्शन में सड़क के किनारे पड़ने वाले स्कूलों को छुपा लिया गया। जबकि ऑप्शन में ऐसे स्कूलों को शामिल किया गया जो शहर व कस्बे से काफी दूर थे।
इससे शिक्षक भड़क गए। शिक्षकों ने डायट के गेट पर ताला जड़ दिया और धरने पर बैठ गए। बीएसए से सूचना पाकर एसडीएम सदर दीपेंद्र यादव मौके पर पहुंचे। काफी देर तक बीएसए के साथ चली बैठक के बाद शिक्षकों के सापेक्ष दो गुने विद्यालय का ऑप्शन देने का निर्णय लिया गया।