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Sitapur News: बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में 10 स्टडों का निर्माण पूरा
Wed, 21 May 2025 12:05 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Wed, 21 May 2025 12:05 AM IST
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सीतापुर। बिसवां में म्योढ़ी छोलहा गांव का मंगलवार को जिलाधिकारी अभिषेक आनंद ने दौरा किया। उन्हाेंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से स्टड निर्माण की प्रगति जानी। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विशाल पोरवाल ने बताया कि 13 स्टडों में से 10 का निर्माण पूरा हो चुका है। तीन स्टड का निर्माण चल रहा है।
डीएम ने परकूपाइन संरचनाओं व अन्य कार्याेंं को समय से पूरा करने को कहा। निरीक्षण के बाद घाघरा व शारदा नदी तट पर जन चौपाल का आयोजन किया गया। वहां बाढ़ पूर्व तैयारियों पर चर्चा की। उन्होंने बाढ़ चौकियों पर सोलर लाइट, पेयजल नल व ऊंचे सुरक्षित स्थानों का चिह्नित करने को कहा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से एंबुलेंस, दवाओं की किट, एंटी लार्वा व मलेरिया-रोधी दवाएं तैयार रखने को कहा।
पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि क्षेत्र के 32 बाढ़ संभावित गांवों में पशुओं का टीकाकरण चरणबद्ध रूप से कराया जा रहा है। पैरावेट, क्विक रिस्पांस टीम और चारे की आपूर्ति के लिए कैंप लगाए जाएंगे। जनचौपाल में अधिशासी अभियंता ने ग्रामीणों को बताया कि शारदा नदी के दाहिने तट पर पासिनपुरवा, म्योढ़ी छोलहा, भदिमनपुरवा, ढोसेपुरवा व अन्य गांवों को कटान से बचाने के लिए स्टड निर्माण किया जा रहा है। क्षतिग्रस्त भाग की मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित किया जा रहा है।
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जिलाधिकारी अभिषेक आनंद ने ग्रामीणों से संवाद कर कहा कि सेवता का अधिकांश क्षेत्र बाढ़ प्रभावित है। सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से सारी तैयारियां समय से पूरी की जा रही हैं। बाढ़ के दौरान संचार, स्वास्थ्य, खाद्यान्न, पशुपालन, परिवहन, व आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं सक्रिय रहेंगी। इसके साथ राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), पीएसी और स्थानीय पुलिस बल तैनात रहेंगे। साथ ही मेडिकल शिविर व बाढ़ चौकियां भी समय से सक्रिय कर दी जाएंगी।
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डीएम ने परकूपाइन संरचनाओं व अन्य कार्याेंं को समय से पूरा करने को कहा। निरीक्षण के बाद घाघरा व शारदा नदी तट पर जन चौपाल का आयोजन किया गया। वहां बाढ़ पूर्व तैयारियों पर चर्चा की। उन्होंने बाढ़ चौकियों पर सोलर लाइट, पेयजल नल व ऊंचे सुरक्षित स्थानों का चिह्नित करने को कहा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से एंबुलेंस, दवाओं की किट, एंटी लार्वा व मलेरिया-रोधी दवाएं तैयार रखने को कहा।
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पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि क्षेत्र के 32 बाढ़ संभावित गांवों में पशुओं का टीकाकरण चरणबद्ध रूप से कराया जा रहा है। पैरावेट, क्विक रिस्पांस टीम और चारे की आपूर्ति के लिए कैंप लगाए जाएंगे। जनचौपाल में अधिशासी अभियंता ने ग्रामीणों को बताया कि शारदा नदी के दाहिने तट पर पासिनपुरवा, म्योढ़ी छोलहा, भदिमनपुरवा, ढोसेपुरवा व अन्य गांवों को कटान से बचाने के लिए स्टड निर्माण किया जा रहा है। क्षतिग्रस्त भाग की मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित किया जा रहा है।
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जिलाधिकारी अभिषेक आनंद ने ग्रामीणों से संवाद कर कहा कि सेवता का अधिकांश क्षेत्र बाढ़ प्रभावित है। सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से सारी तैयारियां समय से पूरी की जा रही हैं। बाढ़ के दौरान संचार, स्वास्थ्य, खाद्यान्न, पशुपालन, परिवहन, व आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं सक्रिय रहेंगी। इसके साथ राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), पीएसी और स्थानीय पुलिस बल तैनात रहेंगे। साथ ही मेडिकल शिविर व बाढ़ चौकियां भी समय से सक्रिय कर दी जाएंगी।