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Sitapur News: बंद कार, नशे में धुत पिता और रोता-चिल्लाता बच्चा...
Fri, 21 Feb 2025 11:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 21 Feb 2025 11:53 PM IST
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रोता बच्चा।
जहांगीराबाद (सीतापुर)। रेउसा थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह लोग उस समय हैरत में पड़ गए जब उन्होंने एक कार में सोते युवक और उसके रोते बच्चे को देखा। अनहोनी की आशंका पर पुलिस को सूचना दी। सूचना पर आई पुलिस ने युवक को जगाया। पता चला कि वह रिश्ते में अपने साले की बरात में आया था। रात में इतनी शराब पी कि वह कुछ समय बाद बेसुध होकर कार की ड्राइविंग सीट पर ही सो गया। नशे के कारण बच्चे का रोना भी उसे सुनाई नहीं पड़ा।
बहराइच जनपद के रिसिया गांव निवासी युवक बृहस्पतिवार देर शाम परिवार संग रिश्ते में अपने साले की बरात में बहराइच के ही टिकोरामोड़ आए थे। दूल्हे के लिए जो कार फूलों से सजाई गई थी वह दूल्हे के रिश्ते में जीजा की थी। युवक ने बताया कि शराब के नशे में उन्होंने दूल्हे की सजी सजाई कार स्टार्ट की और बिसवां की ओर निकल पड़े। जिस समय वह कार लेकर चले उस समय कार की पिछली सीट पर उनका ही तीन वर्षीय बेटा सो रहा था। इस बात की उनको भनक नहीं थी।
देर रात सीतापुर-बहराइच मार्ग पर रेउसा थाना में बसहिया गांव के पास स्थित पेट्रोल पंप के पास पहुंचे। नशे में नींद आने लगी तो कार को सड़क किनारे खड़ी कर ड्राइविंग सीट पर ही सो गए। सुबह दस बजने के बाद भी आंख नहीं खुली। इसी बीच सुबह एक शिक्षक ने अबोध बालक की रोने की आवाज सुनकर समाजसेवी रामू चौरसिया को बुला लिया। थानाध्यक्ष रेउसा हनुमंत लाल तिवारी ने बताया कि कार चालक ने स्वीकार किया है कि वह रात में बहुत नशे में हो गया था। उससे जो कुछ भी हुआ वह जान नहीं पाया। घर वालों के आने के बाद ही युवक व बच्चे को भेजा जाएगा।
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बहराइच जनपद के रिसिया गांव निवासी युवक बृहस्पतिवार देर शाम परिवार संग रिश्ते में अपने साले की बरात में बहराइच के ही टिकोरामोड़ आए थे। दूल्हे के लिए जो कार फूलों से सजाई गई थी वह दूल्हे के रिश्ते में जीजा की थी। युवक ने बताया कि शराब के नशे में उन्होंने दूल्हे की सजी सजाई कार स्टार्ट की और बिसवां की ओर निकल पड़े। जिस समय वह कार लेकर चले उस समय कार की पिछली सीट पर उनका ही तीन वर्षीय बेटा सो रहा था। इस बात की उनको भनक नहीं थी।
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देर रात सीतापुर-बहराइच मार्ग पर रेउसा थाना में बसहिया गांव के पास स्थित पेट्रोल पंप के पास पहुंचे। नशे में नींद आने लगी तो कार को सड़क किनारे खड़ी कर ड्राइविंग सीट पर ही सो गए। सुबह दस बजने के बाद भी आंख नहीं खुली। इसी बीच सुबह एक शिक्षक ने अबोध बालक की रोने की आवाज सुनकर समाजसेवी रामू चौरसिया को बुला लिया। थानाध्यक्ष रेउसा हनुमंत लाल तिवारी ने बताया कि कार चालक ने स्वीकार किया है कि वह रात में बहुत नशे में हो गया था। उससे जो कुछ भी हुआ वह जान नहीं पाया। घर वालों के आने के बाद ही युवक व बच्चे को भेजा जाएगा।
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