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जालसाजी कर बैनामा कराने में तीन पर केस
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सीतापुर। शहर कोतवाली पुलिस ने एक 36 साल पुराने मामले में जाति और पता छिपाकर जमीन का बैनामा कराने के मामले में दो सगे भाइयों समेत तीन पर फर्जीवाड़े समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। आईजीआरएस पर शिकायत के बाद पुलिस ने ये कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि मामले में जांचकर कार्रवाई की जाएगी।
शहर कोतवाल टीपी सिंह ने बताया कि हरगांव इलाके के मिल कालोनी अश्वनी कुमार ने आईजीआरएस पर शिकायत की थी। तहरीर के आधार पर मामले में शहर कोतवाली इलाके के मोहल्ला आर्यनगर निवासी सगे भाई हरिदास, राजेंद्र कुमार और राधेश्याम के खिलाफ धोखाधड़ी आदि की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
बताया कि शिकायतकर्ता का कहना है कि तीनों का सम्मिलित ईंट भट्ठा टेड़वा चिलौला के पास है। हालांकि दस्तावेजों में राजेंद्र जबरानी ईंट भट्ठे का मालिक है। इसी भट्ठे के पास शिवरानी की जमीन थी, उसे 31 अक्तूबर 1984 में सुुकाली निवासी भवानीपुर विलियम साहब ने जाति छिपाकर उसकी जाति दूसरी दिखाकर उसका असल पता भवानीपुर की जगह आर्यनगर दिखाकर शिवरानी से सुकाली के नाम जमीन खरीद ली गई।
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आरोप है कि इसी तरह से 24 अक्तूबर 1984 को एक रजिस्टर्ड बैनामा प्रतिवादी राधेश्याम ने सुकाली की असल जाति और पता छिपाकर छोटेलाल से कराया। 9 नवंबर 1984 को सुकाली की असल जाति और निवास छिपाकर उसे आर्यनगर का निवासी दर्शाकर दुर्जन से बैनामा करवाया। कोतवाल टीपी सिंह ने बताया कि इस तरह से कई बार बैनामा करवाया गया। सुकाली की मौत हो चुकी है। तहरीर के आधार पर हरिदास, राजेंद्र और राधेश्याम के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। मामले में जांच की जा रही है। जांचकर कार्रवाई की जाएगी।
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शहर कोतवाल टीपी सिंह ने बताया कि हरगांव इलाके के मिल कालोनी अश्वनी कुमार ने आईजीआरएस पर शिकायत की थी। तहरीर के आधार पर मामले में शहर कोतवाली इलाके के मोहल्ला आर्यनगर निवासी सगे भाई हरिदास, राजेंद्र कुमार और राधेश्याम के खिलाफ धोखाधड़ी आदि की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
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बताया कि शिकायतकर्ता का कहना है कि तीनों का सम्मिलित ईंट भट्ठा टेड़वा चिलौला के पास है। हालांकि दस्तावेजों में राजेंद्र जबरानी ईंट भट्ठे का मालिक है। इसी भट्ठे के पास शिवरानी की जमीन थी, उसे 31 अक्तूबर 1984 में सुुकाली निवासी भवानीपुर विलियम साहब ने जाति छिपाकर उसकी जाति दूसरी दिखाकर उसका असल पता भवानीपुर की जगह आर्यनगर दिखाकर शिवरानी से सुकाली के नाम जमीन खरीद ली गई।
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आरोप है कि इसी तरह से 24 अक्तूबर 1984 को एक रजिस्टर्ड बैनामा प्रतिवादी राधेश्याम ने सुकाली की असल जाति और पता छिपाकर छोटेलाल से कराया। 9 नवंबर 1984 को सुकाली की असल जाति और निवास छिपाकर उसे आर्यनगर का निवासी दर्शाकर दुर्जन से बैनामा करवाया। कोतवाल टीपी सिंह ने बताया कि इस तरह से कई बार बैनामा करवाया गया। सुकाली की मौत हो चुकी है। तहरीर के आधार पर हरिदास, राजेंद्र और राधेश्याम के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। मामले में जांच की जा रही है। जांचकर कार्रवाई की जाएगी।