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ग्राम प्रधान व सचिव पर गबन का केस
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सीतापुर। जिले के रेउसा ब्लॉक में एक सचिव और ग्राम प्रधान ने फर्जीवाड़ा करते हुए 30 लाख की सरकारी रकम का गबन किया है। विधायक के निर्देश पर की गई जांच में प्रथमदृष्ट्या प्रधान व सचिव भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए हैं। बीडीओ रेउसा ने रसूलपुर के ग्राम प्रधान और तत्कालीन सचिव के खिलाफ सरकारी धनराशि के दुरुपयोग व गबन का केस दर्ज कराया है।
विकासखंड रेउसा की ग्राम पंचायत रसूलपुर के संतोष कुमार, अजय कुमार व अवधराम इत्यादि ने जनमिलन में सेवता विधायक ज्ञान तिवारी से गांव के विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। विधायक ने बीडीओ रेउसा को मामले की जांच के निर्देश दिए थे। जांच में पता चला कि तत्कालीन सचिव व प्रधान द्वारा स्ट्रीट लाइटें लगवाने, सोख्ता व हैंडपंपों की मरम्मत और रिबोर के नाम पर 30 लाख 78 हजार 933 रुपये का आहरण किया गया।
जांच के दौरान प्राक्कलनों का अवलोकन करने पर पाया गया कि तकनीकी स्वीकृति तत्कालीन अवर अभियंता (ग्रामीण अभियंत्रण विभाग) सुभाषचंद्र के हस्ताक्षर व मोहर से दी गई है। जबकि अवर अभियंता के मुताबिक उनके स्तर से रसूलपुर के लिए कोई प्राक्कलन तैयार नहीं किया गया और न किसी प्राक्कलन को स्वीकृति दी गई। गांव में मौके पर आहरण धनराशि के सापेक्ष कोई भी कार्य नहीं कराए गए हैं।
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जांच रिपोर्ट में कहा गया कि ग्रामीणों के बयान और दस्तावेजों, टेंडर, कोटेशन आदि कूटरचित मिलने पर सरकारी रकम के गबन की पुष्टि होती है। बीडीओ रेउसा हनुमान प्रसाद ने जांच में दोषी मिलने पर रसूलपुर प्रधान त्रिभुवन लाल व तत्कालीन सचिव अमित कुमार साहू के विरुद्ध सरकारी धनराशि के दुरुपयोग व गबन का केस रेउसा थाने में दर्ज कराया है।
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विकासखंड रेउसा की ग्राम पंचायत रसूलपुर के संतोष कुमार, अजय कुमार व अवधराम इत्यादि ने जनमिलन में सेवता विधायक ज्ञान तिवारी से गांव के विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। विधायक ने बीडीओ रेउसा को मामले की जांच के निर्देश दिए थे। जांच में पता चला कि तत्कालीन सचिव व प्रधान द्वारा स्ट्रीट लाइटें लगवाने, सोख्ता व हैंडपंपों की मरम्मत और रिबोर के नाम पर 30 लाख 78 हजार 933 रुपये का आहरण किया गया।
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जांच के दौरान प्राक्कलनों का अवलोकन करने पर पाया गया कि तकनीकी स्वीकृति तत्कालीन अवर अभियंता (ग्रामीण अभियंत्रण विभाग) सुभाषचंद्र के हस्ताक्षर व मोहर से दी गई है। जबकि अवर अभियंता के मुताबिक उनके स्तर से रसूलपुर के लिए कोई प्राक्कलन तैयार नहीं किया गया और न किसी प्राक्कलन को स्वीकृति दी गई। गांव में मौके पर आहरण धनराशि के सापेक्ष कोई भी कार्य नहीं कराए गए हैं।
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जांच रिपोर्ट में कहा गया कि ग्रामीणों के बयान और दस्तावेजों, टेंडर, कोटेशन आदि कूटरचित मिलने पर सरकारी रकम के गबन की पुष्टि होती है। बीडीओ रेउसा हनुमान प्रसाद ने जांच में दोषी मिलने पर रसूलपुर प्रधान त्रिभुवन लाल व तत्कालीन सचिव अमित कुमार साहू के विरुद्ध सरकारी धनराशि के दुरुपयोग व गबन का केस रेउसा थाने में दर्ज कराया है।