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Sitapur News: दरी का निर्यात 75 फीसदी घटा, कारोबारी मायूस
Tue, 01 Jul 2025 11:46 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 01 Jul 2025 11:46 PM IST
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खैराबाद (सीतापुर)। ईरान और इस्राइल के युद्ध से सीतापुर का दरी कारोबार खासा प्रभावित हुआ है। विदेशों से मिलने वाले ऑर्डर में 75 फीसदी तक गिरावट आई है। सीजफायर के बाद भी दरी कारोबार पटरी पर नहीं लौट सका है। इससे दरी निर्यातक और कारोबारी चिंतित हैं।
सीतापुर का दरी उद्योग एक जिला एक उत्पाद में शामिल है। यहां दरी बनाने की छोटी-बड़ी 40 इकाइयां हैं। करीब दो लाख बुनकर और आठ एक्सपोर्टर इस कारोबार से जुड़े हैं। कारोबार में मंदी से इनके सामने परिवार की जीविका चलाने का संकट गहरा सकता है।
दरअसल, यहां का 90 फीसदी दरी कारोबार विदेशों से मिलने वाले ऑर्डर पर निर्भर है। जर्मनी, फ्रांस इटली, पुर्तगाल, पोलैंड, यूक्रेन, स्पेन समेत यूरोपीय 44 देशों में यहां से दरी निर्यात की जाती हैं। सबसे ज्यादा दरी का निर्यात अमेरिका मे होता है। पहले रूस-यूक्रेन युद्ध ने दरी कारोबार को प्रभावित किया। फिर अमेरिका के पिछले दिनों टैरिफ लगाने से दरी उद्योग में ठहराव आ गया। अब ईरान और इस्राइल की जंग ने यहां के दरी उद्योग की कमर तोड़ दी है। हालत ये है कि बुनकर अब दरी का काम छोड़कर अन्य क्षेत्रों में काम तलाशने लगे हैं।
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अमेरिका में ग्राहकों के साथ मीटिंग करनी पड़ी कैंसिल
खैराबाद दरी उद्योग स्टाॅलियन होम फैशन के एक्सपोर्टर सुनील मिश्र बताते हैं कि गत 22 जून को अमेरिका जाने की टिकट बुक कराई थी। अमेरिका के कई ग्राहकों के साथ मींटिंग थी। करोड़ों के आर्डर की डील भी होनी थी। ईरान-इस्राइल युद्ध की वजह से टिकट कैंसिल करनी पड़ी, दरअसल अमेरिका की इस युद्ध मे इंट्री से ग्राहकों ने मीटिंग टाल दी थी।
ईरान-इस्राइल युद्ध ने बढ़ा दी मुसीबत
खैराबाद-मछरेहटा मार्ग पर स्थित रग्स आई एनसी कंपनी के संचालक व एक्सपोर्टर प्रदीप दीक्षित कहते हैं कि दरी उद्योग पहले ही मंदी के दौर से गुजर रहा था। वैसे तो मेरा ज्यादा कारोबार यूरोपीय देशों से चल रहा है। इधर, ईरान-इस्राइल युद्ध की वजह से इसका खासा असर कारोबार पर देखने को मिल रहा है। दरी के विदेशी ग्राहकों ने ऑर्डर देने कम कर दिए हैं।
अमेरिका ने जुलाई तक लगाया टैरिफ
हफिजिया आर्ट एंड क्राप्ट प्राईवेट लिमिटेड कंम्पनी के संचालक व दरी निर्यातक हाफिज मोहम्मद अकरम ने बताया कि दरी का एक बड़ा खरीदार अमेरिका है। अमेरिका ने पिछले दिनों टैरिफ लगाया तो वहां के दरी खरीदने वाले ग्राहक असमंजस में पड़ गए। वे समझ नहीं पा रहे हैं कि टैरिफ का कारोबार पर किस तरह और कितना असर पड़ेगा। इसलिए अमेरिकी ग्राहकों ने आर्डर रोक दिए हैं। जुलाई तक टैरिफ लगाया है, कारोबारी जुलाई बीतने का इंतजार कर रहे हैं। (संवाद)
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सीतापुर का दरी उद्योग एक जिला एक उत्पाद में शामिल है। यहां दरी बनाने की छोटी-बड़ी 40 इकाइयां हैं। करीब दो लाख बुनकर और आठ एक्सपोर्टर इस कारोबार से जुड़े हैं। कारोबार में मंदी से इनके सामने परिवार की जीविका चलाने का संकट गहरा सकता है।
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दरअसल, यहां का 90 फीसदी दरी कारोबार विदेशों से मिलने वाले ऑर्डर पर निर्भर है। जर्मनी, फ्रांस इटली, पुर्तगाल, पोलैंड, यूक्रेन, स्पेन समेत यूरोपीय 44 देशों में यहां से दरी निर्यात की जाती हैं। सबसे ज्यादा दरी का निर्यात अमेरिका मे होता है। पहले रूस-यूक्रेन युद्ध ने दरी कारोबार को प्रभावित किया। फिर अमेरिका के पिछले दिनों टैरिफ लगाने से दरी उद्योग में ठहराव आ गया। अब ईरान और इस्राइल की जंग ने यहां के दरी उद्योग की कमर तोड़ दी है। हालत ये है कि बुनकर अब दरी का काम छोड़कर अन्य क्षेत्रों में काम तलाशने लगे हैं।
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अमेरिका में ग्राहकों के साथ मीटिंग करनी पड़ी कैंसिल
खैराबाद दरी उद्योग स्टाॅलियन होम फैशन के एक्सपोर्टर सुनील मिश्र बताते हैं कि गत 22 जून को अमेरिका जाने की टिकट बुक कराई थी। अमेरिका के कई ग्राहकों के साथ मींटिंग थी। करोड़ों के आर्डर की डील भी होनी थी। ईरान-इस्राइल युद्ध की वजह से टिकट कैंसिल करनी पड़ी, दरअसल अमेरिका की इस युद्ध मे इंट्री से ग्राहकों ने मीटिंग टाल दी थी।
ईरान-इस्राइल युद्ध ने बढ़ा दी मुसीबत
खैराबाद-मछरेहटा मार्ग पर स्थित रग्स आई एनसी कंपनी के संचालक व एक्सपोर्टर प्रदीप दीक्षित कहते हैं कि दरी उद्योग पहले ही मंदी के दौर से गुजर रहा था। वैसे तो मेरा ज्यादा कारोबार यूरोपीय देशों से चल रहा है। इधर, ईरान-इस्राइल युद्ध की वजह से इसका खासा असर कारोबार पर देखने को मिल रहा है। दरी के विदेशी ग्राहकों ने ऑर्डर देने कम कर दिए हैं।
अमेरिका ने जुलाई तक लगाया टैरिफ
हफिजिया आर्ट एंड क्राप्ट प्राईवेट लिमिटेड कंम्पनी के संचालक व दरी निर्यातक हाफिज मोहम्मद अकरम ने बताया कि दरी का एक बड़ा खरीदार अमेरिका है। अमेरिका ने पिछले दिनों टैरिफ लगाया तो वहां के दरी खरीदने वाले ग्राहक असमंजस में पड़ गए। वे समझ नहीं पा रहे हैं कि टैरिफ का कारोबार पर किस तरह और कितना असर पड़ेगा। इसलिए अमेरिकी ग्राहकों ने आर्डर रोक दिए हैं। जुलाई तक टैरिफ लगाया है, कारोबारी जुलाई बीतने का इंतजार कर रहे हैं। (संवाद)