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Sitapur News: बेसन का लड्डू बनेगा सीतापुर की पहचान
Thu, 04 Jun 2026 11:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 04 Jun 2026 11:53 PM IST
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सीतापुर। एफएसडीए की जिला स्तरीय स्टेयरिंग कमेटी की बैठक बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। इसमें जिलाधिकारी ने एक जिला एक व्यंजन योजना के तहत नैमिषारण्य के बेसन के लड्डू को प्रमोट करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने कहा कि नैमिषारण्य में प्रसाद के रूप में बेसन के लड्डू का चयन किया गया है। इसका निर्माण शुद्ध देसी घी से किया जाएगा। उन्होंने अफसरों से कहा कि इसके लिए एक से दो प्रतिष्ठानों को चिह्नित किया जाए। व्यापारियों को प्रसाद के रूप में लड्डू बनाकर बेचने के लिए प्रमोट किया जाए। इस संबंध में प्रशिक्षण व जागरूकता कार्यक्रम ईओ व बीडीओ कार्यालय में कराया जाए।
जूट के बैग में लड्डू की पैकिंग हो, जिस पर चक्रतीर्थ व मां ललिता देवी का फोटो अंकित हो। मीडिया के माध्यम से भी जागरूकता फैलाई जाए। जिलाधिकारी ने शहर में संचालित मछली मंडी में व्याप्त गंदगी व दुर्गंध की देखते हुए इसे दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने व साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए। खुले में मीट बेचने वालों को ग्रीन शेड नेट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए। बैठक में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन अमित कुमार सिंह, एडीएम, एएसपी सहित अन्य अफसर मौजूद रहे।
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अच्छा है निर्णय, मगर कुछ हो बदलाव
जिलाधिकारी द्वारा जो निर्णय लिया गया है वह सराहनीय है लेकिन डिब्बे व बैग पर किसी देवी-देवता का चित्र न लगाकर उस पर सिर्फ नैमिषारण्य का प्रसाद लिखा जाए तो अच्छा रहेगा। अधिकतर लोग प्रसाद खाने के बाद डिब्बा फेंक देते हैं। जिससे यह कूड़ेदान में या सड़क किनारे पड़े रहेंगे। आम श्रद्धालुओं को भी ध्यान रखकर प्रसाद बनाया जाए क्योंकि देसी घी के बने लड्डू सभी श्रद्धालु नहीं खरीद सकते हैं। इसलिए जो आम श्रद्धालु आएं, उनके लिए भी ऐसा प्रसाद रखा जाए ताकि वह भी अपने घर प्रसाद लेकर जा सकें।
महंत संतोष दास खाकी, सचिव, 84 कोसी परिक्रमा समिति
डिब्बे पर लिखा जाए नैमिष प्रसाद
यह अच्छी पहल है लेकिन जो डिब्बे व बैग पर मां ललिता देवी व चक्रतीर्थ का चित्र लगाने की बात सुनने में आ रही है। यह अनुचित है। डिब्बा कितना भी महंगा हो लेकिन लोग प्रयोग करने के बाद उसे सड़क किनारे फेंक देते हैं। इसलिए प्रसाद के डिब्बे पर नैमिष तीर्थ प्रसाद लिखा जाए। महंत नारायण दास, अध्यक्ष, 84 कोसी परिक्रमा समिति
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जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने कहा कि नैमिषारण्य में प्रसाद के रूप में बेसन के लड्डू का चयन किया गया है। इसका निर्माण शुद्ध देसी घी से किया जाएगा। उन्होंने अफसरों से कहा कि इसके लिए एक से दो प्रतिष्ठानों को चिह्नित किया जाए। व्यापारियों को प्रसाद के रूप में लड्डू बनाकर बेचने के लिए प्रमोट किया जाए। इस संबंध में प्रशिक्षण व जागरूकता कार्यक्रम ईओ व बीडीओ कार्यालय में कराया जाए।
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जूट के बैग में लड्डू की पैकिंग हो, जिस पर चक्रतीर्थ व मां ललिता देवी का फोटो अंकित हो। मीडिया के माध्यम से भी जागरूकता फैलाई जाए। जिलाधिकारी ने शहर में संचालित मछली मंडी में व्याप्त गंदगी व दुर्गंध की देखते हुए इसे दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने व साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए। खुले में मीट बेचने वालों को ग्रीन शेड नेट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए। बैठक में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन अमित कुमार सिंह, एडीएम, एएसपी सहित अन्य अफसर मौजूद रहे।
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अच्छा है निर्णय, मगर कुछ हो बदलाव
जिलाधिकारी द्वारा जो निर्णय लिया गया है वह सराहनीय है लेकिन डिब्बे व बैग पर किसी देवी-देवता का चित्र न लगाकर उस पर सिर्फ नैमिषारण्य का प्रसाद लिखा जाए तो अच्छा रहेगा। अधिकतर लोग प्रसाद खाने के बाद डिब्बा फेंक देते हैं। जिससे यह कूड़ेदान में या सड़क किनारे पड़े रहेंगे। आम श्रद्धालुओं को भी ध्यान रखकर प्रसाद बनाया जाए क्योंकि देसी घी के बने लड्डू सभी श्रद्धालु नहीं खरीद सकते हैं। इसलिए जो आम श्रद्धालु आएं, उनके लिए भी ऐसा प्रसाद रखा जाए ताकि वह भी अपने घर प्रसाद लेकर जा सकें।
महंत संतोष दास खाकी, सचिव, 84 कोसी परिक्रमा समिति
डिब्बे पर लिखा जाए नैमिष प्रसाद
यह अच्छी पहल है लेकिन जो डिब्बे व बैग पर मां ललिता देवी व चक्रतीर्थ का चित्र लगाने की बात सुनने में आ रही है। यह अनुचित है। डिब्बा कितना भी महंगा हो लेकिन लोग प्रयोग करने के बाद उसे सड़क किनारे फेंक देते हैं। इसलिए प्रसाद के डिब्बे पर नैमिष तीर्थ प्रसाद लिखा जाए। महंत नारायण दास, अध्यक्ष, 84 कोसी परिक्रमा समिति