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बैंक कर्मी हड़ताल पर, लौटे खाताधारक

Tue, 29 Mar 2022 12:18 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 29 Mar 2022 12:18 AM IST
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Bank workers on strike, returned account holders
सीतापुर। राष्ट्रीयकृत बैंकों की हड़ताल से सोमवार को खाताधारकों को तमाम दिक्कतों से जूझना पड़ा। किसी को दवाई लेने के लिए पैसा लेना था तो कोई अप्रैल में घर में होने वाले मांगलिक कार्यक्रम के लिए खरीदारी करना चाहता था। बैंक बंद होने के चलते खाताधारक बिना कोई लेनदेन के वापस लौट गए। कोई 30 किलोमीटर चलकर जिला मुख्यालय पहुंचा तो कोई 20 किलोमीटर चलने के बाद परेशान था।
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राष्ट्रीयकृत बैंकों में दो दिवसीय हड़ताल की शुरुआत सोमवार को हुई। इससे बैंकों में तालाबंदी रही। अफसर व कर्मचारी अपना कामकाज बंद करके हड़ताल में शामिल रहे। अधिकांश खाताधारकों को हड़ताल की जानकारी नहीं थी। सोमवार होने के कारण बैंकों में अधिक भीड़ की उम्मीद की जा रही थी। इससे खाताधारक सुबह ही अपनी बैंक पहुंच गए। यहां पर उनको निराशा हाथ लगी। अफसर व कर्मचारी हड़ताल पर थे। खाताधारकों ने अफसरों से बैंक से लेनदेन के संबंध में जानकारी की। उसके बाद वह घर को वापस लौट गए।
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ऐसे में कई ऐेसे लोग मिले जिनके कैश न मिलने के कारण लेनदेन नहीं हो सके। किसी को घर में अप्रैल में शादी है तो वह कपड़े सहित जेवर व अन्य सामान खरीदना चाहता था तो कोई अपने परिजनों की दवाई लेना चाहता था। खाताधारकों ने बताया कि एक एटीएम से करीब 40 हजार ही निकल सकते है। जबकि खरीदारी लाखों में करनी थी। इससे बिना कैश के काम नहीं हो सका। इससे खाताधारकों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ी।
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पांच करोड़ का प्रभावित हुआ कारोबार
कर्मचारियों ने प्रदर्शन करके जताया विरोध
आल इंडिया बैंक इंप्लॉयज एसोसिएशन के आह्वान पर आल इंडिया बैंक ऑफीसर्स एसोसिएशन ने इंडियन बैंक के कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। उसके बाद अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। इससे जिले में करीब पांच करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों ने मांग किया कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को सुदृढ़ किया जाए।
बैंकों का निजीकरण बंद किया जाए। छंटनी बंद की जाए। खराब ऋणों की वसूली शुरू की जाए। बैंक जमाराशि पर ब्याज दर बढ़ाई जाए। ग्राहकों पर उच्च सेवा शुल्क का बोझ न डाला जाए। नई पेंशन योजना निरस्त की जाए। महंगाई भत्ते से जुड़ी पेंशन योजना बहाल की जाए। आउटसोर्सिंग बंद की जाए। भर्तियां शुरू की जाए। इस अवसर पर जितेन्द्र मौर्य, रजनीश शुक्ल, पुतान सिंह, विनय अवस्थी, बग्गा, मनीष गौरव आदि बैंक हड़ताली प्रदर्शन में शामिल रहे।
मिलाजुला दिखाई दिया असर
पंजाब नेशनल बैंक स्टॉफ एसोसिएशन के सचिव रजनीश शुक्ल ने बताया कि हड़ताल में सभी राष्ट्रीयकृत बैंकें शामिल थी। अफसर व कर्मचारियों की अलग-अलग दो यूनियन हैं। जिसमें एक यूनियन के आह्वान पर हड़ताल थी। इससे कई बैंकें खुली रही तो कई बैंकों में तालाबंदी रही। इससे जिले में बैंकों की हड़ताल का मिलाजुला असर दिखाई दिया।
नहीं निकल सके रुपये, मायूस लौटे
इमलिया सुल्तानपुर इलाके के रामावतार काफी परेशान है। वह दवा लेने के लिए सुबह ही सीतापुर आ गए थे। उन्होंने सोचा था कि पहले बैंक से रुपये निकाल लेंगे। उसके बाद दवा खरीदेंगे। जब बैंक पहुंचे तो उन्हें निराशा होना पड़ा। रामावतार ने बताया कि पैसा न निकल पाने के कारण घर जा रहा हूं। निशा लखनऊ से सीतापुर आई थी। निशा का बैंक खाता इंडियन बैंक में था।

निशा ने बताया कि घर में जरूरी काम था। इसलिए सोमवार को बैंक पहुंच गई थी। हड़ताल के चलते कोई काम नहीं हो सका है। रेशमा कचनार से चलकर सीतापुर आई थी। वह भी अपने लड़के की दवाई लेना चाहती थी। घर में पैसे न होने के कारण वह सीधे बैंक पहुंची। वहां उनको निराशा हाथ लगी। एटीएम भी नहीं था। इससे रेशमा लेनदेन नहीं कर सकी। इसी तरह शहर की निवासी ऊषा सिंह भी वापस लौट गई।
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