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Sitapur News: 150 किलोमीटर पैदल चलकर जलाभिषेक करेंगे बाल कांवड़िये
Sun, 04 Aug 2024 12:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sun, 04 Aug 2024 12:42 AM IST
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पिसावां (सीतापुर)। महोली के पैलाकीसा गांव से करीब 100 कांवड़ियों का जत्था राजघाट से गंगाजल भरकर शुक्रवार शाम कस्बे के राष्ट्रीय माध्यमिक विद्यालय में बने कांवड़िया स्थल पर पहुंचा। यहां रात्रि विश्राम के बाद कांवड़िया आगे रवाना हुए।
जत्थे में 12 बाल कांवड़िये भी शामिल थे। बिना रुके बिना थके बोल बम के नारे लगाते हुए बाल कांवड़िये पैदल यात्रा कर रहे हैं। बाल कांवड़ियों में आठ साल से लेकर 15 साल के बच्चे शामिल हैं।
भोले की भक्ति में डूबे राहुल बताते हैं कि वह पहली बार राजघाट से गंगाजल भरकर लाए हैं। पैरों में छाले पड़ जाने के बाद भी वह पट्टी बांधकर यात्रा जारी रखे हैं। मुकेश पैरों के छालों को लेकर कहते हैं कि यह तो भोले बाबा का प्रसाद है। यदि हम उनके लिए इतना कष्ट नही सहेंगे तो कांवड़ लाने से क्या फायदा।
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रामू ने बताया कि उनकी यह दूसरी कांवड़ यात्रा है। उनके गांव से राजघाट की दूरी करीब 150 किलोमीटर की है। बुधवार को यात्रा का शुभारंभ किया था। रविवार शाम पहुंच कर गांव के शिव मंदिर में जलाभिषेक करेंगे।
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जत्थे में 12 बाल कांवड़िये भी शामिल थे। बिना रुके बिना थके बोल बम के नारे लगाते हुए बाल कांवड़िये पैदल यात्रा कर रहे हैं। बाल कांवड़ियों में आठ साल से लेकर 15 साल के बच्चे शामिल हैं।
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भोले की भक्ति में डूबे राहुल बताते हैं कि वह पहली बार राजघाट से गंगाजल भरकर लाए हैं। पैरों में छाले पड़ जाने के बाद भी वह पट्टी बांधकर यात्रा जारी रखे हैं। मुकेश पैरों के छालों को लेकर कहते हैं कि यह तो भोले बाबा का प्रसाद है। यदि हम उनके लिए इतना कष्ट नही सहेंगे तो कांवड़ लाने से क्या फायदा।
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रामू ने बताया कि उनकी यह दूसरी कांवड़ यात्रा है। उनके गांव से राजघाट की दूरी करीब 150 किलोमीटर की है। बुधवार को यात्रा का शुभारंभ किया था। रविवार शाम पहुंच कर गांव के शिव मंदिर में जलाभिषेक करेंगे।