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अस्त होते सूर्य को दिया अर्घ्य, महिलाओं ने की छठ माई की पूजा
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सीतापुर में पीएसी गोल्फ मैदान पर वेदी की पूजा करती महिलाएं। -संवाद
- फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। छठ पूजा के तीसरे दिन व्रती महिलाओं ने अस्त होते हुए सूर्य को पहला अर्घ्य दिया। इसके बाद गीतों से गुरूवार की सुबह जल्द सूर्य उगने की कामना की। इस दौरान नदी व तालाब के घाटों पर छठ मइया के मंगलगीत गूंजते रहे। लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के तीसरे दिन बुधवार को व्रती महिलाओं ने शाम के समय शहर के 27 वीं वाहिनी पीएससी व गोल्फ ग्राउंड पर बने तालाब, ताड़कनाथ मंदिर के किनारे सरायन नदी तट पर पहुंचकर अस्त होते हुए सूर्य को पहला अर्घ्य दिया।
गुड़ व आटे का बना पकवान ठेकुआ, चावल के चूर्ण का बना लड्डू, नारियल, केला, नीबू, कच्ची हल्दी, सिंघाड़ा, गन्ना, चना आदि को सूप में रखकर सूर्यदेव को अर्पित कर पूजन किया। इस दौरान पूजा घाटों पर आस्था का सैलाब हिलोरें मारता दिखा। ढोल-भांगड़ा पर लोग थिरकते हुए नजर आए। आतिशबाजी से हर ओर खुशियां बिखर रही थीं। तालाब पर अर्घ्य देने वाली व्रती महिलाओं ने मंगल गीत गाए। घर परिवार के सभी सदस्य एक साथ नए परिधान पहनकर घाटों पर पहुंचे।
पूजा अर्चना के समय लोग अपने परिवार के लोगों के साथ सेल्फी भी लेते हुए दिखाई दिए। महिलाएं काफी देर तक घाटों पर रुक कर छठ मईया से घर परिवार की सुख समृद्वि की कामना करती रहीं। गुरुवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर महिलाएं अपने व्रत का पारायण करेंगी। उधर, छठ पूजा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस भी मुस्तैद दिखी।
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शहर कोतवाल टीपी सिंह ने अपने दलबल के साथ 27वीं वाहिनी पीएसी व गोल्फ ग्राउंड पर सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रखी थी। वह बराबर आने वालों की निगरानी करते रहे। पुलिस दोनों जगहों पर मौजूद रही। जिले में अन्य जगहों पर पूजा हुई, वहां पर भी पुलिस का पहरा बना रहा।
बिसवां चीनी मिल में हुआ पूजन
बिसवां (सीतापुर)। बिसवां शुगर मिल में छठ पूजा का पर्व बुधवार को धूमधाम के साथ मनाया गया। मिल परिसर में महिलाओं ने डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर सुख समृद्वि की कामना की। शाम ढलने से पूर्व ही महिलाओं ने सिर पर पूजन सामग्री के साथ तालाब के जल में खड़े होकर सूर्य भगवान को अर्घ्य दिया। फलों और फूलों से भगवान भास्कर की आराधना की।
लोगों ने तालाब में दीपदान किया। पूजा करने आई बिंदा देवी मिश्रा ने बताया करीब 40 वर्षों से छठ मईया का व्रत रख रही हूं। छठ मईया मेरी हर मनोकामना पूर्ण करती है। इनके साथ पलक मिश्रा, रूबी कुमारी, चाहत मिश्रा, कांती देवी, सरस्वती देवी भी बखूबी सहयोग करती हुई दिखी। (संवाद)
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गुड़ व आटे का बना पकवान ठेकुआ, चावल के चूर्ण का बना लड्डू, नारियल, केला, नीबू, कच्ची हल्दी, सिंघाड़ा, गन्ना, चना आदि को सूप में रखकर सूर्यदेव को अर्पित कर पूजन किया। इस दौरान पूजा घाटों पर आस्था का सैलाब हिलोरें मारता दिखा। ढोल-भांगड़ा पर लोग थिरकते हुए नजर आए। आतिशबाजी से हर ओर खुशियां बिखर रही थीं। तालाब पर अर्घ्य देने वाली व्रती महिलाओं ने मंगल गीत गाए। घर परिवार के सभी सदस्य एक साथ नए परिधान पहनकर घाटों पर पहुंचे।
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पूजा अर्चना के समय लोग अपने परिवार के लोगों के साथ सेल्फी भी लेते हुए दिखाई दिए। महिलाएं काफी देर तक घाटों पर रुक कर छठ मईया से घर परिवार की सुख समृद्वि की कामना करती रहीं। गुरुवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर महिलाएं अपने व्रत का पारायण करेंगी। उधर, छठ पूजा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस भी मुस्तैद दिखी।
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शहर कोतवाल टीपी सिंह ने अपने दलबल के साथ 27वीं वाहिनी पीएसी व गोल्फ ग्राउंड पर सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रखी थी। वह बराबर आने वालों की निगरानी करते रहे। पुलिस दोनों जगहों पर मौजूद रही। जिले में अन्य जगहों पर पूजा हुई, वहां पर भी पुलिस का पहरा बना रहा।
बिसवां चीनी मिल में हुआ पूजन
बिसवां (सीतापुर)। बिसवां शुगर मिल में छठ पूजा का पर्व बुधवार को धूमधाम के साथ मनाया गया। मिल परिसर में महिलाओं ने डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर सुख समृद्वि की कामना की। शाम ढलने से पूर्व ही महिलाओं ने सिर पर पूजन सामग्री के साथ तालाब के जल में खड़े होकर सूर्य भगवान को अर्घ्य दिया। फलों और फूलों से भगवान भास्कर की आराधना की।
लोगों ने तालाब में दीपदान किया। पूजा करने आई बिंदा देवी मिश्रा ने बताया करीब 40 वर्षों से छठ मईया का व्रत रख रही हूं। छठ मईया मेरी हर मनोकामना पूर्ण करती है। इनके साथ पलक मिश्रा, रूबी कुमारी, चाहत मिश्रा, कांती देवी, सरस्वती देवी भी बखूबी सहयोग करती हुई दिखी। (संवाद)