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Sitapur News: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नियुक्ति में फर्जीवाड़े की हो जांच
Fri, 18 Apr 2025 11:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 18 Apr 2025 11:51 PM IST
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सीतापुर। जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के चयन में धांधली कर अपात्रों को चुन लिया गया। यह आरोप जिला कार्यक्रम अधिकारी पर चयन न होने वाली आवेदिकाओं की ओर से निरंतर लगाया जा रहा है। इनके विरुद्ध कार्रवाई न होने पर बृहस्पतिवार को किसान नेता की अगुवाई में आवेदिकाओं ने विकास भवन के सामने सत्याग्रह शुरू किया था। डीएम अभिषेक आनंद के प्रयास से शुक्रवार को सत्याग्रह समाप्त हुआ। एसडीएम सदर अभिनव यादव ने सीएम को संबोधित ज्ञापन धरना स्थल पर जाकर लिया और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि चयन में पारदर्शिता नहीं बरती गई। निर्धारित मानकों की अनदेखी करते हुए अपात्र अभ्यर्थियों का चयन किया गया। रिश्वतखोरी और पक्षपात भी हुआ। जिनके विरुद्ध शिकायत है, वही निस्तारण कर रहे हैं। डीपीओ के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर उन्हें तत्काल निलंबित करने की मांग की गई है।
किसान नेता पुष्पेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन ने प्रकरण में कई आय प्रमाण पत्र निरस्त कर कार्रवाई की है, लेकिन डीपीओ और संबंधित सीडीपीओ व उनके अन्य कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई है।
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संज्ञान में आए सभी प्रकरणों की जांच की गई है। शुक्रवार को जो शिकायतें मिली हैं, उसकी डिप्टी कलेक्टर रैंक के अधिकारी से जांच कराई जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
अभिनव यादव, एसडीएम सदर
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प्रदर्शनकारियों ने बताया कि चयन में पारदर्शिता नहीं बरती गई। निर्धारित मानकों की अनदेखी करते हुए अपात्र अभ्यर्थियों का चयन किया गया। रिश्वतखोरी और पक्षपात भी हुआ। जिनके विरुद्ध शिकायत है, वही निस्तारण कर रहे हैं। डीपीओ के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर उन्हें तत्काल निलंबित करने की मांग की गई है।
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किसान नेता पुष्पेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन ने प्रकरण में कई आय प्रमाण पत्र निरस्त कर कार्रवाई की है, लेकिन डीपीओ और संबंधित सीडीपीओ व उनके अन्य कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई है।
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संज्ञान में आए सभी प्रकरणों की जांच की गई है। शुक्रवार को जो शिकायतें मिली हैं, उसकी डिप्टी कलेक्टर रैंक के अधिकारी से जांच कराई जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
अभिनव यादव, एसडीएम सदर