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तय समय से एक घंटा देर से पहुंच रहीं एंबुलेंस

Fri, 29 Jul 2022 12:12 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 29 Jul 2022 12:12 AM IST
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Ambulance arriving one hour late than scheduled
लहरपुर सीएचसी पर खड़ी जर्जर एंबुलेंस। -संवाद - फोटो : SITAPUR
सीतापुर। जिले में एंबुलेंस सेवा का रिस्पांस टाइम 15 मिनट है लेकिन इसकी सेवा मिलने में एक से दो घंटे लग जाते है। ऐसे में कई बार मरीजों की जान पर संकट आ जाता है। कई बार एंबुलेंस में प्रसव भी हो जाते है। एंबुलेंस की कमी व लापरवाही से मरीजों को समय से इलाज मिलना मुश्किल हो गया है।
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जिले में इस समय 93 एंबुलेंस चल रही हैं। जिसमें 108 नंबर की 47 व 102 नंबर की 46 एंबुलेंस हैं। इनके जरिये मरीजों को अस्पताल से घर व घर से अस्पताल पहुंचाया जाता है। इन एंबुलेंस का रिस्पांस टाइम 15 मिनट निर्धारित है। अगर कोई जरूरतमंद एंबुलेंस के लिए फोन करता है तो एंबुलेंस को निश्चित समय में उनके घर पर पहुंचनी चाहिए। पर जिले में इसका पालन नहीं हो रहा है। कॉल करने के बाद एक से दो घंटे बाद ही एंबुलेंस घर पर पहुुंच रही है।
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एक दिन पहले ही सांडा में समय से एंबुलेंस न मिलने के कारण महिला व बच्ची की मौत हो गई थी। ये हालात जिले में एक सीएचसी के नहीं बल्कि कई सीएचसी के हैं। जहां पर रोजाना देरी से एंबुलेंस पहुंचने की शिकायतें आ रहीं हैं। इसकी वजह से मरीजों को समय से इनका लाभ न मिलने के कारण मरीज अपने साधनों के जरिये अस्पतालों तक पहुंच रहे है। जबकि इनके जरिये रोजाना करीब 500 मरीजों को सेवाएं दी जा रही हैं। जिसमें करीब 60 फीसदी मामले डिलीवरी से जुड़े होते है। बाकी मामले दुर्घटनाओं के होते हैं।
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एक घंटे बाद मिली सेवा
खैराबाद इलाके के विपिन कुमार का कहना है कि जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस को फोन किया था। पहले तो एंबुलेंस का नंबर नहीं लगा। काफी देर बाद जब नंबर लगा तो पूरी समस्या बताई। उसके एक घंटे बाद एंबुलेंस की सेवा मिल सकी। ऐसी घटना मेरी साथ नहीं बल्कि कई लोगों के साथ हो चुकी है। कभी कभार दो घंटे बाद एंबुलेंस पहुंच रही है।
अपने वाहन से पहुंचे अस्पताल
पिसावां इलाके के गोलू ने एंबुलेंस के लिए कॉल की। करीब एक घंटे बाद देरी से एंबुलेंस पहुंची। मरीज की हालत बिगड़ने पर परिजन बिना एंबुलेंस का इंतजार किए अस्पताल लेकर चले गए। उसके बाद एंबुलेंस लौट गई। गोलू ने बताया कि पिसावां में समय से एंबुलेंस मिलना बहुत दूर की बात है।
कई एंबुलेंस हो चुकीं कबाड़
पिसावां संवाद के अनुसार सीएचसी पर करीब तीन लाख आबादी का भार है। इस समय यहां पर तीन एंबुलेंस हैं। एक एंबुलेंस जर्जर हालत में है। लहरपुर संवाद के अनुसार तीन चल रही हैं लेकिन चार कबाड़ में खड़ी हैं। कमलापुर संवाद के अनुसार यहां पर चार एंबुलेंस चल रही हैं। लेकिन दो कबाड़ हैं।
महोली संवाद के अनुसार यहां कबाड़ में कई वाहन खड़े हैं, यहां के लोगों का कहना है कि एंबुलेंस को लेकर नेटवर्क की समस्या बनी रहती है। तंबौर संवाद के अनुसार कई एंबुलेंस परिसर में कबाड़ में खड़ी हैं। मिश्रिख, पिसावां, महमूदाबाद सहित अन्य जगहों पर भी कई वाहन कबाड़ में खड़े हैं।

व्यस्तता के कारण होती है देर
जिले में सभी 93 एंबुलेंस चालू हालत में हैं। पुरानी हो चुकी एंबुलेंस को हटवा दिया गया है। उनकी जगह पर नई एंबुलेंस आ गईं हैं। रही बात देर से पहुंचने की तो गाड़ियों की कमी के चलते अगर एक ही समय में कई कॉल आ जाती है तो दूसरे ब्लॉक से गाड़ी भेजी जाती है। इसी वजह से देर हो जाती है।
- मुकेश सिंह, जिला एंबुलेंस प्रभारी
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