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Sitapur News: गर्मी संग अब बिजली भी ले रही परीक्षा, पारा 43 डिग्री तक पहुंचा
Tue, 28 May 2024 09:23 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 28 May 2024 09:23 PM IST
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ट्रांसफार्मर को पानी से नहलाते कर्मचारी।
सीतापुर। 44 डिग्री तापमान के बीच बिजली की आंख-मिचौली भी लोगों की परीक्षा ले रही है। गर्मी में एसी, कूलर व पंखे से राहत पाने की सोचकर बैठे लोगों के लिए अघोषित कटौती व लो-वोल्टेज मुसीबत को बढ़ा रहे हैं। परेशान लोग उपकेंद्र का घेराव कर रहे हैं लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल रही है।
शहर में 15 घंटे व गांवों को मुश्किल से मिल रही 10 घंटे बिजली
सीतापुर। जिले इस समय बिजली कटौती से जूझ रहा है। शहर सहित सात तहसीलों की करीब 60 लाख आबादी इस कटौती से प्रभावित हो रही है। बिजली विभाग का दावा तो भरपूर बिजली मिलने का है। लेकिन अघोषित कटौती नासूर बन गई है। शहर में जहां रोजाना फॉल्ट की वजह से मुश्किल से 15 घंटे बिजली सप्लाई हो पा रही है। वहीं तहसील मुख्यालय में भी 20 घंटे के रोस्टर के बजाए 12 से 14 घंटे ही बिजली मिलती है।
वह भी लो वोल्टेज की भेंट चढ़ जाती है। इस समय जब जिले की डिमांड रोजाना 712 मेगावाट तक पहुंच रही है। गर्मी में लोग बेहाल है तो उन्हें भरपूर बिजली नहीं मिल पा रही है। तीन से चार घंटे की लंबी कटौती के बीच दो से तीन घंटे में ही इन्वर्टर डिस्चार्ज हो रहे है।
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घरों में पानी का संकट खड़ा हो रहा है। इसके पीछे सबसे प्रमुख कारण यह है जिले में जर्जर तार टूट रहे है। ओवरलोड ट्रांसफॉर्मर फुंक रहे है। इसकी वजह से जमकर कटौती हो रही है। फॉल्ट को सही करने में भी कर्मचारी लापरवाही बरत रहे है। शिकायत दर शिकायत के बाद फॉल्ट सही होती है। कई बार इस लापरवाही का खामियाजा उपभोक्ताओं के आक्रोश के रूप में देखा गया है।
चिलचिलाती धूप व उमस ने छीना चैन
सीतापुर। प्रचंड गर्मी से लोगों को छुटकारा नहीं मिल पा रहा है। मंगलवार को दिनभर चिलचिलाती धूप-लू और उमस से हर किसी के पसीने छूट गए। पंखे गरम हवा उगलते रहे और कूलर से भी राहत नहीं मिल पाई। अधिकतम पारा 43 डिग्री पर टिका रहा। अगले 24 घंटों में गर्मी और तपाएगी।
मई के आखिर में गर्मी रौद्र रूप दिखा रही है। पिछले पांच दिनों से दिन का अधिकतम पारा 40 के ऊपर बना हुआ है। वैसे तो दिन की शुरुआत से ही सूरज की तपिश बेचैन करने लगती है, लेकिन दोपहर को आसमान से बरसती आग जीना मुहाल कर देती है।
लू के गर्म थपेड़े और उमस की जुगलबंदी लोगों का पसीना सूखने नहीं दे रही। मंगलवार को सुबह आठ बजे से ही तपिश बदन झुलसाने लगी। दोपहर के समय गर्मी के तेवर देख लोग घरों व दफ्तरों में दुबके रहे। मजबूरन जिन्हें बाहर निकलना पड़ा वह लोग बचाव के तमाम जतन करने के बाद भी प्रचंड गर्मी से हांफते नजर आए। आलम यह रहा कि पसीने से तर-बतर होने से किसी ने छांव में बैठना मुनासिब समझा तो कोई सूखते हलक को तर करने के लिए शीतल पेय पदार्थों का सेवन करता नजर आया। सूरज ढलने के बाद भी उमस के चलते राहत नहीं मिली। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया। अगले 24 घंटे में दिन का तापमान बढ़ने के चलते फिलहाल गर्मी से राहत नहीं मिलने वाली है।
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शहर में 15 घंटे व गांवों को मुश्किल से मिल रही 10 घंटे बिजली
सीतापुर। जिले इस समय बिजली कटौती से जूझ रहा है। शहर सहित सात तहसीलों की करीब 60 लाख आबादी इस कटौती से प्रभावित हो रही है। बिजली विभाग का दावा तो भरपूर बिजली मिलने का है। लेकिन अघोषित कटौती नासूर बन गई है। शहर में जहां रोजाना फॉल्ट की वजह से मुश्किल से 15 घंटे बिजली सप्लाई हो पा रही है। वहीं तहसील मुख्यालय में भी 20 घंटे के रोस्टर के बजाए 12 से 14 घंटे ही बिजली मिलती है।
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वह भी लो वोल्टेज की भेंट चढ़ जाती है। इस समय जब जिले की डिमांड रोजाना 712 मेगावाट तक पहुंच रही है। गर्मी में लोग बेहाल है तो उन्हें भरपूर बिजली नहीं मिल पा रही है। तीन से चार घंटे की लंबी कटौती के बीच दो से तीन घंटे में ही इन्वर्टर डिस्चार्ज हो रहे है।
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घरों में पानी का संकट खड़ा हो रहा है। इसके पीछे सबसे प्रमुख कारण यह है जिले में जर्जर तार टूट रहे है। ओवरलोड ट्रांसफॉर्मर फुंक रहे है। इसकी वजह से जमकर कटौती हो रही है। फॉल्ट को सही करने में भी कर्मचारी लापरवाही बरत रहे है। शिकायत दर शिकायत के बाद फॉल्ट सही होती है। कई बार इस लापरवाही का खामियाजा उपभोक्ताओं के आक्रोश के रूप में देखा गया है।
चिलचिलाती धूप व उमस ने छीना चैन
सीतापुर। प्रचंड गर्मी से लोगों को छुटकारा नहीं मिल पा रहा है। मंगलवार को दिनभर चिलचिलाती धूप-लू और उमस से हर किसी के पसीने छूट गए। पंखे गरम हवा उगलते रहे और कूलर से भी राहत नहीं मिल पाई। अधिकतम पारा 43 डिग्री पर टिका रहा। अगले 24 घंटों में गर्मी और तपाएगी।
मई के आखिर में गर्मी रौद्र रूप दिखा रही है। पिछले पांच दिनों से दिन का अधिकतम पारा 40 के ऊपर बना हुआ है। वैसे तो दिन की शुरुआत से ही सूरज की तपिश बेचैन करने लगती है, लेकिन दोपहर को आसमान से बरसती आग जीना मुहाल कर देती है।
लू के गर्म थपेड़े और उमस की जुगलबंदी लोगों का पसीना सूखने नहीं दे रही। मंगलवार को सुबह आठ बजे से ही तपिश बदन झुलसाने लगी। दोपहर के समय गर्मी के तेवर देख लोग घरों व दफ्तरों में दुबके रहे। मजबूरन जिन्हें बाहर निकलना पड़ा वह लोग बचाव के तमाम जतन करने के बाद भी प्रचंड गर्मी से हांफते नजर आए। आलम यह रहा कि पसीने से तर-बतर होने से किसी ने छांव में बैठना मुनासिब समझा तो कोई सूखते हलक को तर करने के लिए शीतल पेय पदार्थों का सेवन करता नजर आया। सूरज ढलने के बाद भी उमस के चलते राहत नहीं मिली। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया। अगले 24 घंटे में दिन का तापमान बढ़ने के चलते फिलहाल गर्मी से राहत नहीं मिलने वाली है।