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Sitapur News: विलय के बाद आठ विद्यालय के बच्चे नहीं जा रहे स्कूल
Sun, 20 Jul 2025 12:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sun, 20 Jul 2025 12:42 AM IST
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सीतापुर। मछरेहटा में विलय के बाद कई स्कूलों में नौनिहाल विद्यालय नहीं रहे हैं। यह तथ्य उपस्थिति की समीक्षा में आया है। बीईओ ने कम हाजिरी पर चिंता जाहिर की है। आठ प्रधानाध्यापकों को इनके अभिभावकों से संपर्क कर उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
50 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालय का विलय (पेयर) नजदीक के विद्यालय में कर दिया गया है। इन विद्यालयों की दूरी कही दो तो कही तीन किलोमीटर दूर हो गई है। विद्यालयों तक पहुंचने के लिए रास्ते बहुत ही खराब है। नौनिहाल कही खेत तो कही सड़क पार करके विद्यालय पहुंच रहे हैं। इलाके में जंगली जानवरों की भी आमद बनी हुई है।
अभिभावकों को अपने बच्चे की सुरक्षा की चिंता बनी हुई है। इसी वजह से वह नौनिहालों को विद्यालय नहीं भेज रहे हैं। समीक्षा में मालूम हुआ कि पेयर के बाद अगर विद्यालय में 30 बच्चे थे तो उसमें से केवल पांच से 10 बच्चे ही विद्यालय जा रहे हैं। वह भी रोजाना नहीं जाते है। इनके अभिभावक छोडऩे जाते है या उन्हें किसी भरोसेमंद के साथ भेज दिया जाता है।
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यह विद्यालय प्राथमिक विद्यालय बढ़ैयाखेरा, प्राथमिक विद्यालय गोपरामऊ, प्राथमिक विद्यालय इमलिहा, प्राथमिक विद्यालय माडर, प्राथमिक विद्यालय मिर्जापुर दक्षिणी, प्राथमिक विद्यालय रामपुर पहाड़पुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय रसुलवा व प्राथमिक विद्यालय सिसेंडी शामिल है। बीईओ अजय गुप्त मौर्य ने प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया कि वह अभिभावकों से संपर्क करें। नौनिहालों की समस्या समझते हुए उन्हें विद्यालय तक लाना तय करें।
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50 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालय का विलय (पेयर) नजदीक के विद्यालय में कर दिया गया है। इन विद्यालयों की दूरी कही दो तो कही तीन किलोमीटर दूर हो गई है। विद्यालयों तक पहुंचने के लिए रास्ते बहुत ही खराब है। नौनिहाल कही खेत तो कही सड़क पार करके विद्यालय पहुंच रहे हैं। इलाके में जंगली जानवरों की भी आमद बनी हुई है।
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अभिभावकों को अपने बच्चे की सुरक्षा की चिंता बनी हुई है। इसी वजह से वह नौनिहालों को विद्यालय नहीं भेज रहे हैं। समीक्षा में मालूम हुआ कि पेयर के बाद अगर विद्यालय में 30 बच्चे थे तो उसमें से केवल पांच से 10 बच्चे ही विद्यालय जा रहे हैं। वह भी रोजाना नहीं जाते है। इनके अभिभावक छोडऩे जाते है या उन्हें किसी भरोसेमंद के साथ भेज दिया जाता है।
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यह विद्यालय प्राथमिक विद्यालय बढ़ैयाखेरा, प्राथमिक विद्यालय गोपरामऊ, प्राथमिक विद्यालय इमलिहा, प्राथमिक विद्यालय माडर, प्राथमिक विद्यालय मिर्जापुर दक्षिणी, प्राथमिक विद्यालय रामपुर पहाड़पुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय रसुलवा व प्राथमिक विद्यालय सिसेंडी शामिल है। बीईओ अजय गुप्त मौर्य ने प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया कि वह अभिभावकों से संपर्क करें। नौनिहालों की समस्या समझते हुए उन्हें विद्यालय तक लाना तय करें।