{"_id":"6a6113c93beb62feb207f424","slug":"a-wild-animal-dragged-away-a-calf-tethered-outside-the-house-sitapur-news-c-102-1-slko1037-160579-2026-07-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: घर के बाहर बंधे बछड़े को घसीट ले गया जंगली जानवर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: घर के बाहर बंधे बछड़े को घसीट ले गया जंगली जानवर
Thu, 23 Jul 2026 12:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 23 Jul 2026 12:32 AM IST
विज्ञापन
जानवर के पगचिह्न। - संवाद
संदना। क्षेत्र के सिढ़ौली गांव में जंगली जानवरों की दहशत लगातार बढ़ती जा रही है। मंगलवार देर रात एक जंगली जानवर ने घर के बाहर बंधे बछड़े को अपना शिकार बना लिया। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीण अपने पालतू पशुओं की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
गांव निवासी अजय पाल के घर के बाहर बछड़ा बंधा हुआ था। मंगलवार रात तेज बारिश के कारण परिवार के सदस्य घर के अंदर सो गए थे। बुधवार सुबह जब उठे तो बछड़ा गायब था। काफी तलाश के बाद घर से कुछ दूरी पर बछड़े का सिर मिला। वहीं, उसके शरीर का अधिकांश हिस्सा जंगली जानवर खा चुका था।
घटनास्थल के पास जंगली जानवर के पैरों के निशान भी पाए गए। इससे ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है। कुछ दिन पहले रसुलवा गांव में एक किसान को बाघ ने अपना शिकार बनाया था। बाघ को अब तक पकड़ा नहीं गया है।
विज्ञापन
वहीं, रघुनाथपुर तेंदुआ गांव में सियार के हमले में पिता-पुत्र घायल हो गए थे। वहीं, चार भैंसें जख्मी हो गई थीं। पथराहिया गांव में भी एक भैंस पर हमला कर उसकी पूंछ काट दी गई थी। इन लगातार हो रही घटनाओं से समूचे क्षेत्र में भय व्याप्त है।
विज्ञापन
गांव निवासी अजय पाल के घर के बाहर बछड़ा बंधा हुआ था। मंगलवार रात तेज बारिश के कारण परिवार के सदस्य घर के अंदर सो गए थे। बुधवार सुबह जब उठे तो बछड़ा गायब था। काफी तलाश के बाद घर से कुछ दूरी पर बछड़े का सिर मिला। वहीं, उसके शरीर का अधिकांश हिस्सा जंगली जानवर खा चुका था।
विज्ञापन
घटनास्थल के पास जंगली जानवर के पैरों के निशान भी पाए गए। इससे ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है। कुछ दिन पहले रसुलवा गांव में एक किसान को बाघ ने अपना शिकार बनाया था। बाघ को अब तक पकड़ा नहीं गया है।
विज्ञापन
वहीं, रघुनाथपुर तेंदुआ गांव में सियार के हमले में पिता-पुत्र घायल हो गए थे। वहीं, चार भैंसें जख्मी हो गई थीं। पथराहिया गांव में भी एक भैंस पर हमला कर उसकी पूंछ काट दी गई थी। इन लगातार हो रही घटनाओं से समूचे क्षेत्र में भय व्याप्त है।