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Sitapur News: बाघिन ने पड़वा को बनाया निवाला
Sun, 23 Aug 2026 01:38 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sun, 23 Aug 2026 01:38 AM IST
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संदना। वन विभाग ने इमली पुरवा गांव के पास पड़वा बांधा था कि बाघिन शिकार करने आएगी तो उसे ट्रैंकुलाइज कर पकड़ लिया जाएगा। बाघिन ने गन्ने के खेत में खींचकर पड़वा को निवाला बनाया और वन विभाग को भनक तक नहीं लग सकी।
शनिवार को उसके पगचिह्नन मिलने व पड़वा नदारद होने पर तलाश की गई तो खेत में उसका क्षत-विक्षत शव मिला। इससे एक ओर बाघिन के क्षेत्र में मौजूद होने की पुष्टि हुई है, दूसरी तरफ विभागीय टीम की रणनीति व सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों में दहशत बढ़ गई है।
मिश्रिख रेंज में 38 दिनों से बाघिन की दहशत है। रसुलवा निवासी किसान कमल किशोर पर 15 जुलाई को हमला कर मार डालने वाली बाघिन लगातार इलाके में घूम-घूमकर मवेशियों का शिकार कर रही है। 20 जुलाई को ट्रैप कैमरे में बाघिन कैद हुई। चार अगस्त को कोडरीपुरवा के पास वन विभाग की ओर से लालच देने के लिए बांधे गए पड़वे को बाघिन ने मार डाला।
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हालांकि, पड़वे को बिना खाए चली गई थी। वन विभाग ने कई दिन वहीं मचान बनाकर ट्रैंकुलाइज करने के लिए बाघिन का इंतजार भी किया था। इस बीच 16 अगस्त को बिजुआमऊ में पड़वा को पंजा मारा और उसी दिन मधवापुर में कमांड सेंटर से करीब 200 कदम की दूरी पर एक बकरे को निवाला बनाया।
अब इमली पुरवा के पास वन विभाग की ओर से बांधे गए पड़वे को निवाला बना लिया। उसे पकड़ना तो दूर, टीम को बाघिन के आने की भनक तक नहीं लगी। शनिवार सुबह पगचिह्न व पड़वे का अधखाया शव मिलने पर वन विभाग की टीम जान पाई कि बाघिन क्षेत्र में ही सक्रिय है।
ट्रैप व ड्रोन कैमरों और मचान के जरिये निगरानी किए जाने की कवायद बेनतीजा साबित हो रही है। एक महीने से अधिक समय बाद भी बाघिन पकड़ से बाहर है। एक बार फिर पड़वा को निवाला बनाए जाने की घटना से ग्रामीण खौफजदा हैं।
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शनिवार को उसके पगचिह्नन मिलने व पड़वा नदारद होने पर तलाश की गई तो खेत में उसका क्षत-विक्षत शव मिला। इससे एक ओर बाघिन के क्षेत्र में मौजूद होने की पुष्टि हुई है, दूसरी तरफ विभागीय टीम की रणनीति व सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों में दहशत बढ़ गई है।
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मिश्रिख रेंज में 38 दिनों से बाघिन की दहशत है। रसुलवा निवासी किसान कमल किशोर पर 15 जुलाई को हमला कर मार डालने वाली बाघिन लगातार इलाके में घूम-घूमकर मवेशियों का शिकार कर रही है। 20 जुलाई को ट्रैप कैमरे में बाघिन कैद हुई। चार अगस्त को कोडरीपुरवा के पास वन विभाग की ओर से लालच देने के लिए बांधे गए पड़वे को बाघिन ने मार डाला।
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हालांकि, पड़वे को बिना खाए चली गई थी। वन विभाग ने कई दिन वहीं मचान बनाकर ट्रैंकुलाइज करने के लिए बाघिन का इंतजार भी किया था। इस बीच 16 अगस्त को बिजुआमऊ में पड़वा को पंजा मारा और उसी दिन मधवापुर में कमांड सेंटर से करीब 200 कदम की दूरी पर एक बकरे को निवाला बनाया।
अब इमली पुरवा के पास वन विभाग की ओर से बांधे गए पड़वे को निवाला बना लिया। उसे पकड़ना तो दूर, टीम को बाघिन के आने की भनक तक नहीं लगी। शनिवार सुबह पगचिह्न व पड़वे का अधखाया शव मिलने पर वन विभाग की टीम जान पाई कि बाघिन क्षेत्र में ही सक्रिय है।
ट्रैप व ड्रोन कैमरों और मचान के जरिये निगरानी किए जाने की कवायद बेनतीजा साबित हो रही है। एक महीने से अधिक समय बाद भी बाघिन पकड़ से बाहर है। एक बार फिर पड़वा को निवाला बनाए जाने की घटना से ग्रामीण खौफजदा हैं।