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Sitapur News: बच्चे की हालत गंभीर, मेडिकल कॉलेज रेफर
Wed, 28 Oct 2026 12:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Wed, 28 Oct 2026 12:20 AM IST
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सीतापुर। टीका लगने के बाद बिगड़ी आठ माह के बच्चे की तबीयत और खराब हो गई है। जिला अस्पताल से मंगलवार को उसे लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। हालांकि परिजन बच्चे को वहां न ले जाकर किसी निजी अस्पताल में ले गए हैं। शुरुआती जांच में पता चला कि टीका लगवाने के बाद बच्चे को बुखार आने पर परिजनों ने उसका इलाज झोलाछाप से कराया था।
कमलापुर इलाके के बहरीमऊ निवासी दामिनी ने बताया था कि नौ अक्तूबर को गांव में बच्चे को एएनएम ने टीका लगाया था। इसके तीन दिन बाद बुखार के साथ ही हालत बिगड़ गई। कमर से नीचे का हिस्सा काला पड़ने के साथ ही सड़ने लगा। पीड़िता ने सोमवार को जिलाधिकारी से मिलकर मामले की शिकायत की थी। इसके बाद जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में उसे भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने इलाज किया, लेकिन हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ। इस पर उसे मंगलवार को मेडिकल कॉलेज लखनऊ रेफर कर दिया गया।
सीएमएस डॉ. इंद्र सिंह ने बताया कि शुरुआत जांच में पता चला कि बच्चे को टीका लगने के बाद झोलाछाप से इलाज किया था। इस दौरान झोलाछाप ने कुछ इंजेक्शन लगाए थे। आशंका है बच्चे की हालात टीकाकरण से नहीं बल्कि झोलाछाप द्वारा लगाए इंजेक्शन से हुए संक्रमण के कारण बिगड़ी है। वहीं, परिजन बच्चे को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज न ले जाकर किसी प्राइवेट अस्पताल में ले गए हैं। जिला अस्पताल की टीम बराबर बच्चे के परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है, लेकिन परिजन फोन नहीं उठा रहे हैं।
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कमलापुर इलाके के बहरीमऊ निवासी दामिनी ने बताया था कि नौ अक्तूबर को गांव में बच्चे को एएनएम ने टीका लगाया था। इसके तीन दिन बाद बुखार के साथ ही हालत बिगड़ गई। कमर से नीचे का हिस्सा काला पड़ने के साथ ही सड़ने लगा। पीड़िता ने सोमवार को जिलाधिकारी से मिलकर मामले की शिकायत की थी। इसके बाद जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में उसे भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने इलाज किया, लेकिन हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ। इस पर उसे मंगलवार को मेडिकल कॉलेज लखनऊ रेफर कर दिया गया।
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सीएमएस डॉ. इंद्र सिंह ने बताया कि शुरुआत जांच में पता चला कि बच्चे को टीका लगने के बाद झोलाछाप से इलाज किया था। इस दौरान झोलाछाप ने कुछ इंजेक्शन लगाए थे। आशंका है बच्चे की हालात टीकाकरण से नहीं बल्कि झोलाछाप द्वारा लगाए इंजेक्शन से हुए संक्रमण के कारण बिगड़ी है। वहीं, परिजन बच्चे को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज न ले जाकर किसी प्राइवेट अस्पताल में ले गए हैं। जिला अस्पताल की टीम बराबर बच्चे के परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है, लेकिन परिजन फोन नहीं उठा रहे हैं।
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