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दीपावली पर हर तरफ खुशियों की बौछार
Sitapur
Updated Tue, 28 Oct 2014 05:31 AM IST
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सीतापुर। दिवाली पर गुरुवार को पूरा जिला जगमग रहा। लोगों ने परंपरागत तरीके से भगवान गणेश व मां लक्ष्मी की अराधना की और सुख-समृद्धि के साथ खुशहाल जीवन की कामना की। घरों को घी व सरसों के तेल के दीये से सजाया। वहीं प्रतिष्ठानाें व कार्यालयों में शुभ मुहूर्त में पूजन के बाद धन वैभव की कामना की। पूजन के बाद आसमान रंग-बिरंगी आतिशबाजी से पट गया।
गुरुवार को सुबह से ही बाजारों में दीप पर्व की रौनक दिखी। लोग लाई-चूरा, खील व बताशे की खरीददारी में व्यस्त दिखे। कई लोगों ने शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां भी खरीदीं। वहीं शाम ढलते ही घरों में पूजा की तैयारियां पूरी कर ली गई। शुभ मुहूर्त में लोगों ने विधि-विधान से माता लक्ष्मी व भगवान गणेश का पूजन किया। पूजन में पारंपरिक मिट्टी के दीपों को भी प्रज्वलित किया गया। लोगों ने कनकधारा स्त्रोत व श्रीसूक्त का पाठ कर देवी लक्ष्मी की स्तुति कर सुख-समृद्धि एवं धन-वैभव की कामना की। पूजा का दीप जलाने के बाद उसकी लौ से अन्य दीयों को जलाकर घरों में रखा गया। बिजली की झालरों से आशियाने जगमगाए रहे। दीये के साथ ही लोगों ने मोमबत्ती से घरों को रोशन किया। इसके बाद मिठाई व खील बताशा खाकर मां लक्ष्मी से सुख समृद्धि की कामना की। पूजन के बाद लोगों ने पटाखे छुड़ाए। देर रात तक पटाखों की धूम-धड़ाम व फुलझड़ियों-अनारों की रोशनी से आसमान जगमग रहा। आकाश में जाकर जोर की आवाज कर रंग-बिरंगे सितारे छोड़ने के बाद गायब हो जाने वाले रॉकेट लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे थे। बच्चों के साथ बड़ों में भी पटाखे छुड़ाने का उत्साह चरम पर था। सभी ने जमकर आतिशबाजी की।
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गुरुवार को सुबह से ही बाजारों में दीप पर्व की रौनक दिखी। लोग लाई-चूरा, खील व बताशे की खरीददारी में व्यस्त दिखे। कई लोगों ने शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां भी खरीदीं। वहीं शाम ढलते ही घरों में पूजा की तैयारियां पूरी कर ली गई। शुभ मुहूर्त में लोगों ने विधि-विधान से माता लक्ष्मी व भगवान गणेश का पूजन किया। पूजन में पारंपरिक मिट्टी के दीपों को भी प्रज्वलित किया गया। लोगों ने कनकधारा स्त्रोत व श्रीसूक्त का पाठ कर देवी लक्ष्मी की स्तुति कर सुख-समृद्धि एवं धन-वैभव की कामना की। पूजा का दीप जलाने के बाद उसकी लौ से अन्य दीयों को जलाकर घरों में रखा गया। बिजली की झालरों से आशियाने जगमगाए रहे। दीये के साथ ही लोगों ने मोमबत्ती से घरों को रोशन किया। इसके बाद मिठाई व खील बताशा खाकर मां लक्ष्मी से सुख समृद्धि की कामना की। पूजन के बाद लोगों ने पटाखे छुड़ाए। देर रात तक पटाखों की धूम-धड़ाम व फुलझड़ियों-अनारों की रोशनी से आसमान जगमग रहा। आकाश में जाकर जोर की आवाज कर रंग-बिरंगे सितारे छोड़ने के बाद गायब हो जाने वाले रॉकेट लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे थे। बच्चों के साथ बड़ों में भी पटाखे छुड़ाने का उत्साह चरम पर था। सभी ने जमकर आतिशबाजी की।
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