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परिवार के सुख-समृद्धि की कामना
Sitapur
Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
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सीतापुर। सूरज की पहली किरणें दिखते ही आस्था व परंपरा का सैलाब दिखा। मंगलवार सुबह सूर्योदय के साथ ही 27वीं वाहिनी पीएसी के मंदिर वाले तालाब और 11वीं वाहिनी पीएसी के गोल्फ ग्राउंड तालाब पर छठ की छटा नजर आई। पूरा माहौल उल्लास से भरा हुआ था। व्रती महिलाओं और श्रद्धालुओं ने तालाब के जल में खड़े होकर भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर सुख-संपत्ति व संतान के कल्याण की कामना की। इसके बाद इन व्रती महिलाओं के पति व बच्चों ने तालाब में पूजन सामग्री अर्पित की।
तालाबों के तटों पर भोर होते ही मेले जैसा दृश्य था। छठ गीतों के मधुर स्वर लहरियाें के बीच बच्चों और युवाओं ने पटाखे छोड़कर खुशियों का इजहार किया। सूर्य को अर्घ्य देकर नमन किया। इन व्रती महिलाओं ने गुड़ और अदरक खाकर अपने 36 घंटे के निर्जला व्रत को भी तोड़ा। वहीं जो लोग दूरस्थ तालाब अथवा नदियों के तट के किनारे नहीं जा सके, उन्होंने अपने घर की छत पर प्लास्टिक के टब में पानी भरकर पूजन संपन्न किया। पुलिस लाइंस परिसर के अलावा बिसवां चीनी मिल के पीछे के तालाबों के पास भी सूर्य को अर्घ्य दिया।
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तालाबों के तटों पर भोर होते ही मेले जैसा दृश्य था। छठ गीतों के मधुर स्वर लहरियाें के बीच बच्चों और युवाओं ने पटाखे छोड़कर खुशियों का इजहार किया। सूर्य को अर्घ्य देकर नमन किया। इन व्रती महिलाओं ने गुड़ और अदरक खाकर अपने 36 घंटे के निर्जला व्रत को भी तोड़ा। वहीं जो लोग दूरस्थ तालाब अथवा नदियों के तट के किनारे नहीं जा सके, उन्होंने अपने घर की छत पर प्लास्टिक के टब में पानी भरकर पूजन संपन्न किया। पुलिस लाइंस परिसर के अलावा बिसवां चीनी मिल के पीछे के तालाबों के पास भी सूर्य को अर्घ्य दिया।
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